एमपी में 26 लाख युवा बेरोजगार, सरकार ने विधानसभा में पेश किए आंकड़े
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्य प्रदेश के रोजगार पोर्टल पर 25 लाख 95 हजार से ज्यादा युवा बेरोजगार दर्ज हैं।
- ग्वालियर जिला बेरोजगार युवाओं की संख्या में सबसे आगे है।
- भोपाल दूसरे नंबर पर है, जहां एक लाख से ज्यादा युवा पंजीकृत हैं।
- सबसे कम बेरोजगार पांढुर्णा जिले में दर्ज हुए हैं।
- सरकार अब बेरोजगार युवाओं को आकांक्षी युवा नाम से पुकारती है।
मध्य प्रदेश में बेरोजगारी का आंकड़ा एक बार फिर चर्चा में है। राज्य के रोजगार पोर्टल पर लाखों युवाओं का पंजीयन दर्ज है। 31 दिसंबर 2025 तक प्रदेश में 25 लाख 95 हजार 680 युवा रजिस्टर्ड मिले। ये सभी युवा रोजगार की तलाश में हैं। जिलेवार आंकड़ों में ग्वालियर सबसे आगे है। यहां एक लाख 5 हजार 110 युवा बेरोजगार दर्ज हुए हैं।
ग्वालियर टॉप, भोपाल दूसरे नंबर
प्रदेश के जिला रोजगार कार्यालयों में हर साल हजारों युवा नाम दर्ज कराते हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार ग्वालियर जिला इस सूची में सबसे ऊपर है। यहां एक लाख 5 हजार से ज्यादा युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके बाद दूसरा नंबर राजधानी भोपाल का आता है। भोपाल में एक लाख 1 हजार 940 युवा रोजगार की उम्मीद में पंजीकृत हैं। यह आंकड़ा साफ बताता है कि बड़े शहरों में भी रोजगार की कमी है। यह चुनौती अब भी बड़ी बनी हुई है। सबसे कम बेरोजगार पांढुर्णा जिले में दर्ज हुए हैं। वहां सिर्फ 3317 युवा पंजीकृत हैं। यह प्रदेश के किसी भी जिले से सबसे कम संख्या है।
50 हजार पार वाले जिलों में इंदौर, जबलपुर
कई जिलों में बेरोजगार युवाओं की संख्या 50 हजार के पार पहुंच गई है। रीवा में 92 हजार 389 और सागर में 92 हजार 239 युवा रजिस्टर्ड हैं। सतना में 86 हजार 500 और जबलपुर में 84 हजार 974 युवा दर्ज हैं। छिंदवाड़ा में 84 हजार 599 और मुरैना में 82 हजार 876 युवा शामिल हैं। इंदौर जैसे बड़े शहर में भी 81 हजार 710 युवा बेरोजगार बताए गए हैं। बालाघाट, देवास, छतरपुर, बैतूल और भिंड में यह संख्या 60 हजार से ज्यादा है। शिवपुरी, सिवनी, खरगोन और उज्जैन में भी 50 हजार से ज्यादा युवा रजिस्टर्ड हैं। राजगढ़ और नर्मदापुरम में भी यही हाल है।
छोटे जिलों में सबसे कम बेरोजगार
प्रदेश के कुछ छोटे जिलों में बेरोजगारों की संख्या बहुत कम है। पांढुर्णा के बाद मऊगंज में सिर्फ 6647 युवा पंजीकृत हैं। मैहर में यह आंकड़ा 7596 और बुरहानपुर में 13816 है। निवाड़ी जिले में 15578 और आगर मालवा में 15921 युवा रजिस्टर्ड हैं। हरदा में 16845 और श्योपुर में 19492 युवा बेरोजगार दर्ज हुए हैं। छोटे जिलों में यह संख्या कम रहती है। इसकी बड़ी वजह इन जिलों की कम आबादी भी मानी जाती है।
मंत्री बोले- बेरोजगार नहीं, आकांक्षी युवा
कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री गौतम टेटवाल ने स्थिति स्पष्ट की थी। उन्होंने विधानसभा में इस विषय पर लिखित जवाब दिया था। मंत्री के अनुसार, पोर्टल बेरोजगारों की अलग जानकारी नहीं रखता। वहां रोजगार चाहने वाले आकांक्षी युवाओं का रिकॉर्ड रखा जाता है। सरकारी जवाब का यही प्रमुख आधार रहा है। आकांक्षी युवा में दो तरह के लोग शामिल हो सकते हैं। पहला वर्ग नौकरी नहीं मिलने वालों का है। दूसरा वर्ग बेहतर नौकरी तलाश रहे लोगों का है। इस कारण पोर्टल का कुल पंजीयन बेरोजगारी का सटीक आंकड़ा नहीं है। फिर भी यह रोजगार की मांग का अहम संकेत देता है। लाखों पंजीयन युवाओं की बड़ी उम्मीद दिखाते हैं। सरकार के सामने चुनौती केवल शब्द बदलने की नहीं है। उसे रोजगार पाने वाले युवाओं का सत्यापित रिकॉर्ड भी रखना होगा। इससे नीतियों का वास्तविक असर समझा जा सकेगा।
हर साल बदलती है बेरोजगारों की संख्या
विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार यह संख्या हर साल बदलती रही है। साल 2018 में यह आंकड़ा 26 लाख 81 हजार 868 था। 2019 में यह बढ़कर 31 लाख 54 हजार 710 हो गया। कोरोना काल में 2020 में यह घटकर 24 लाख 72 हजार 492 रह गया। 2021 में फिर बढ़त हुई और आंकड़ा 30 लाख 23 हजार 107 पहुंचा। 2022 में यह और बढ़कर 30 लाख 64 हजार 331 हो गया। 2023 में यह आंकड़ा 33 लाख 13 हजार 463 तक पहुंच गया। 2024 में इसमें कमी आई और यह 26 लाख 18 हजार 312 रहा। 2025 के अंत तक यह आंकड़ा घटकर 25 लाख 95 हजार 680 रह गया।
तेजी से हो रहे नए रजिस्ट्रेशन
16 जनवरी 2026 तक आकांक्षी युवाओं की संख्या 24 लाख 82 हजार 512 रही। सरकार अब बेरोजगार युवाओं को आकांक्षी युवा नाम से पुकारती है। 16 जनवरी 2024 से 15 जनवरी 2025 के बीच नए युवा जुड़े थे। इस दौरान 2 लाख 99 हजार 359 युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया। लेकिन अगले साल यह रफ्तार तेज हो गई। इस बार 5 लाख 77 हजार 95 नए युवा पोर्टल से जुड़े। यह बढ़ोतरी बताती है कि नए रजिस्ट्रेशन की रफ्तार अब भी तेज है।
9 लाख से ज्यादा युवा 12वीं पास
31 दिसंबर 2025 की स्थिति में सबसे ज्यादा 12वीं पास युवा दर्ज हैं। इनकी संख्या 9 लाख 78 हजार 564 है। स्नातक पास युवाओं की संख्या 6 लाख 17 हजार 231 है। दसवीं पास युवा 3 लाख 16 हजार 892 दर्ज हुए हैं। स्नातकोत्तर यानी पोस्ट ग्रेजुएट (Post Graduate) युवाओं की संख्या 2 लाख 29 हजार 116 है। अन्य शिक्षा प्राप्त युवाओं की संख्या 4 लाख 53 हजार 877 बताई गई है। यह आंकड़े साफ करते हैं कि पढ़े लिखे युवा भी बेरोजगार हैं। सिर्फ कम पढ़े लिखे युवा ही इस सूची में नहीं हैं।
ओबीसी वर्ग के बेरोजगार 10 लाख से ज्यादा
31 दिसंबर 2025 तक ओबीसी (Other Backward Classes) वर्ग के सबसे ज्यादा युवा बेरोजगार दर्ज हैं। इनकी संख्या 10 लाख 54 हजार 831 है। सामान्य वर्ग के 6 लाख 51 हजार 733 युवा पंजीकृत हैं। एससी (Scheduled Caste) वर्ग में यह संख्या 4 लाख 70 हजार 542 है। एसटी (Scheduled Tribe) वर्ग के 4 लाख 18 हजार 574 युवा रोजगार के इंतजार में हैं। हर वर्ग में महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं। ओबीसी वर्ग में महिलाओं की संख्या 4 लाख 72 हजार 533 है। इसी वर्ग में पुरुषों की संख्या 5 लाख 82 हजार 298 है। सामान्य वर्ग में 2 लाख 94 हजार 429 महिलाएं रजिस्टर्ड हैं। इसी वर्ग में 3 लाख 57 हजार 304 पुरुष भी दर्ज हैं।
आंकड़ों के बड़े मायने
इन आंकड़ों से साफ है कि रोजगार की मांग अब भी बड़ी है। बड़े शहरों से लेकर छोटे जिलों तक युवा नौकरी की तलाश में हैं। सरकार भी समय समय पर रोजगार मेलों और योजनाओं का दावा करती रही है। लेकिन पोर्टल पर दर्ज संख्या बताती है कि चुनौती अभी बड़ी है। आने वाले महीनों में नए आंकड़े इस तस्वीर को और साफ करेंगे।
जरूरी FAQ
मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा बेरोजगार युवा किस जिले में हैं?
मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा बेरोजगार युवा ग्वालियर जिले में दर्ज हैं। यहां रोजगार पोर्टल पर एक लाख 5 हजार 110 युवाओं ने पंजीयन कराया है। इसके बाद भोपाल दूसरे नंबर पर है, जहां एक लाख 1 हजार 940 युवा रोजगार की तलाश में रजिस्टर्ड हैं। यह आंकड़ा 31 दिसंबर 2025 की स्थिति के अनुसार है।
मध्य प्रदेश में कुल कितने युवा बेरोजगार दर्ज हैं?
31 दिसंबर 2025 तक मध्य प्रदेश के रोजगार पोर्टल पर 25 लाख 95 हजार 680 युवा पंजीकृत हैं। इसमें दसवीं पास से लेकर स्नातकोत्तर तक सभी शिक्षा स्तर के युवा शामिल हैं। यह संख्या जिला रोजगार कार्यालयों में दर्ज पंजीयन पर आधारित है।
सरकार बेरोजगार युवाओं को अब किस नाम से बुलाती है?
मध्य प्रदेश सरकार अब बेरोजगार युवाओं के लिए आकांक्षी युवा शब्द का इस्तेमाल कर रही है। 16 जनवरी 2026 तक पोर्टल पर आकांक्षी युवाओं की संख्या 24 लाख 82 हजार 512 दर्ज हुई है। यह नामकरण रोजगार पोर्टल की हालिया रिपोर्टों में देखने को मिला है।
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