MP विधानसभा का शीतकालीन सत्र अब होगा LIVE: जनता सीधे देख सकेगी अपने विधायकों के सवाल-जवाब
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्यप्रदेश विधानसभा का प्रश्नकाल अब लाइव दिखाया जाएगा।
- यह व्यवस्था नवंबर के शीतकालीन सत्र से शुरू होगी।
- जनता एक खास लिंक से सीधा प्रसारण देख सकेगी।
- यह बदलाव ई-विधान (E-Vidhan) प्रोजेक्ट के तहत हो रहा है।
- विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर इसकी निगरानी कर रहे हैं।
मध्यप्रदेश की जनता और सरकार के बीच की दूरी अब कम होने जा रही है। विधानसभा का प्रश्नकाल जल्द ही आम लोगों के लिए लाइव उपलब्ध होगा। इससे कोई भी व्यक्ति घर बैठे सदन की कार्यवाही देख सकेगा। यह बदलाव आगामी शीतकालीन सत्र से लागू होगा।
नवंबर से शुरू होगी नई व्यवस्था
यह नई व्यवस्था नवंबर में होने वाले शीतकालीन सत्र से शुरू होगी। इसी महीने से मध्यप्रदेश विधानसभा वन नेशन वन प्लेटफॉर्म (One Nation One Platform) से भी जुड़ जाएगी। विधानसभा की तरफ से एक आधिकारिक लिंक जारी किया जाएगा।
इस लिंक के जरिए कोई भी नागरिक प्रश्नकाल की लाइव कार्यवाही देख सकेगा। अभी तक सदन की कार्यवाही सिर्फ दर्शक दीर्घा में बैठकर या कुछ सीमित माध्यमों से ही देखी जा सकती थी। नई व्यवस्था के बाद यह पूरी प्रक्रिया आम जनता के लिए खुल जाएगी।
क्या है ई-विधान प्रोजेक्ट
यह पूरा बदलाव ई-विधान प्रोजेक्ट के तहत हो रहा है। इस प्रोजेक्ट का मकसद विधानसभा के कामकाज को पूरी तरह डिजिटल बनाना है। आने वाले मध्यप्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र तक इसे और बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा। इसके तहत विधायकों के सवाल अब ऑनलाइन लिए जा रहे हैं। इन सवालों के जवाब भी विभागों से ऑनलाइन मंगाए जा रहे हैं। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आने की उम्मीद है। कागजी कामकाज कम होने से समय की भी बचत होगी।
नेवा प्रोजेक्ट से जुड़ा है यह बदलाव
यह पूरी प्रक्रिया नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इसके तहत सदन में सभी विधायकों की टेबल पर टैबलेट लगाए जा चुके हैं। विधायक अब अपने सवाल इन्हीं टैबलेट के जरिए ऑनलाइन भेज सकते हैं।
इस नई तकनीकी व्यवस्था को ठीक से चलाने के लिए खास तैयारी भी की गई है। मंत्रियों और विधायकों को नेवा कार्यशाला के जरिए प्रशिक्षण दिया गया है। इससे सभी जनप्रतिनिधि नई व्यवस्था को आसानी से समझ और इस्तेमाल कर सकेंगे।
जनता को सीधे मिलेगी जानकारी
अभी तक आम जनता को यह जानने का सीधा जरिया नहीं था कि उनके क्षेत्र के विधायक सदन में कौन से सवाल उठा रहे हैं। लाइव प्रसारण शुरू होने के बाद यह तस्वीर बदल जाएगी। कोई भी मतदाता सीधे देख सकेगा कि उसके विधायक ने कौन सा मुद्दा उठाया। साथ ही यह भी पता चलेगा कि उस सवाल पर सरकार का जवाब क्या रहा। इससे जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही बढ़ेगी। लोग अपने इलाके से जुड़े मुद्दों पर सीधी नजर रख सकेंगे।
टीवी और डिजिटल दोनों पर होगा प्रसारण
विधानसभा प्रशासन की कोशिश है कि यह प्रसारण ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे। इसके लिए टीवी और डिजिटल दोनों माध्यमों पर सीधा प्रसारण करने की तैयारी की जा रही है। इससे शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों के लोग आसानी से जुड़ सकेंगे। मोबाइल और इंटरनेट के जरिए भी यह कार्यवाही देखी जा सकेगी। इससे युवाओं और डिजिटल माध्यमों से जुड़े लोगों को भी सीधा फायदा मिलेगा।
विधानसभा अध्यक्ष कर रहे हैं निगरानी
इस पूरी व्यवस्था की निगरानी खुद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर कर रहे हैं। उन्होंने एक बैठक में अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं। उनके मुताबिक यह व्यवस्था आगामी शीतकालीन सत्र से हर हाल में लागू होनी चाहिए। अध्यक्ष के निर्देश के बाद विधानसभा सचिवालय में इसकी तैयारियां तेज हो गई हैं। तकनीकी टीमें लगातार सिस्टम को टेस्ट कर रही हैं, ताकि सत्र शुरू होने तक सब कुछ सुचारू रूप से काम करे।
आगे क्या बदलेगा
नवंबर से शुरू होने वाली यह व्यवस्था मध्यप्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती है। जनता अब सीधे देख सकेगी कि सदन में उनके मुद्दों पर कैसी चर्चा हो रही है। इससे विधायकों पर बेहतर काम करने का दबाव भी बनेगा। आने वाले समय में विधानसभा के अन्य सत्रों को भी इसी तरह डिजिटल किया जा सकता है। यह कदम मध्यप्रदेश को देश के अन्य राज्यों की तुलना में डिजिटल गवर्नेंस में आगे ले जा सकता है।
यह खबर क्यों जरूरी है
यह खबर सीधे लोकतंत्र और आम जनता के अधिकारों से जुड़ी है। संविधान हर नागरिक को यह जानने का अधिकार देता है कि उसके प्रतिनिधि सदन में क्या कर रहे हैं। प्रश्नकाल का लाइव प्रसारण इसी पारदर्शिता को मजबूत करता है। यह कदम जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही बढ़ाने में मदद करेगा।
डिजिटल माध्यमों से जुड़ाव लोकतंत्र को अधिक सुलभ बनाता है। यह पहल सूचना के अधिकार और नागरिक भागीदारी दोनों को बढ़ावा देती है। खबर पूरी तरह सरकारी और आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। इसमें किसी भी तरह की गलत या भ्रामक जानकारी शामिल नहीं की गई है।
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