अब YouTube पर सीधे देख सकेंगे मध्यप्रदेश विधानसभा की कार्यवाही, प्रश्नकाल का होगी लाइव स्ट्रीमिंग, विधायकों की ट्रेनिंग शुरु
इसके अलावा दूसरे डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। विधानसभा सचिवालय ने इसकी तैयारी तेज कर दी है। अधिकारियों को जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। इस नई व्यवस्था से आम लोगों को काफी फायदा होगा।
लोग जान सकेंगे कि उनके विधायक कौन से सवाल पूछ रहे हैं। विधायक अपने क्षेत्र की कौन सी समस्याएं उठा रहे हैं। सरकार उन सवालों का क्या जवाब दे रही है। यह सब लोग घर बैठे देख सकेंगे।
हालांकि, अभी सवाल-जवाब का सीधा स्ट्रीमिंग शुरू नहीं हुआ है। इसके लिए जरूरी तकनीकी इंतजाम किए जा रहे हैं।
लाइव स्ट्रीमिंग से जनता को क्या फायदा होगा?
विधानसभा में विधायक जनता से जुड़े कई मुद्दों पर सवाल पूछते हैं। इनमें सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी समस्याएं शामिल होती हैं। सरकार की ओर से इन सवालों के जवाब दिए जाते हैं। लेकिन आम लोग इन सवाल-जवाब को सीधे नहीं देख पाते।
अब लाइव स्ट्रीमिंग शुरू होने से लोगों को यह सुविधा मिलेगी। वे जान सकेंगे कि उनके विधायक सदन में क्या सवाल उठा रहे हैं। उनके क्षेत्र की समस्याओं पर सरकार क्या जवाब दे रही है। सरकार ने कौन से काम किए हैं और कौन से बाकी हैं।
इससे लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी भी मिल सकेगी। वे अपने क्षेत्र के विकास कार्यों की स्थिति भी जान सकेंगे। इसके लिए उन्हें विधानसभा जाने की जरूरत नहीं होगी।
विधानसभा सचिवालय शीतकालीन सत्र से लाइव स्ट्रीमिंग शुरू करना चाहता है। तैयारी पूरी नहीं हुई तो बजट सत्र से शुरुआत होगी। हालांकि, अभी तकनीकी इंतजाम किए जा रहे हैं।
दिसंबर से विधानसभा को पेपरलेस बनाने की तैयारी
मध्यप्रदेश विधानसभा में अब कामकाज का तरीका भी बदलने वाला है। सरकार विधानसभा के ज्यादातर काम ऑनलाइन करने की तैयारी कर रही है। इसकी शुरुआत दिसंबर में होने वाले शीतकालीन सत्र से हो सकती है।
अभी विधानसभा में कई काम कागजों के जरिए होते हैं। विधायकों के सवाल और सरकार के जवाब कागज पर दिए जाते हैं। इसके लिए बड़ी संख्या में दस्तावेज छापने पड़ते हैं।
विधेयक, कार्यसूची और दूसरे जरूरी दस्तावेज भी छापे जाते हैं। फिर इन्हें विधायकों और अधिकारियों तक पहुंचाया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में काफी कागज इस्तेमाल होता है।
अब इन सभी कामों को डिजिटल करने की तैयारी है। इसके लिए राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन यानी नेवा (NeVA) का इस्तेमाल होगा।
इस नई व्यवस्था से कागज का इस्तेमाल काफी कम हो जाएगा। विधायकों को ज्यादातर जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन ही मिल सकेंगे। इससे विधानसभा का कामकाज आसान और तेज होने की उम्मीद है।
विधायक अब घर बैठे ऑनलाइन पूछ सकेंगे सवाल
विधानसभा में अब विधायकों के लिए सवाल पूछना आसान होगा। नई व्यवस्था शुरू होने पर कागजी दस्तावेज तैयार नहीं करने पड़ेंगे। विधायक अपने सवाल ऑनलाइन ही भेज सकेंगे।
इसके अलावा विधायक जरूरी सूचनाएं भी ऑनलाइन भेज सकेंगे। इनमें ध्यानाकर्षण और स्थगन प्रस्ताव से जुड़ी जानकारी भी शामिल होगी।
अभी इन कामों के लिए अलग-अलग कागज तैयार करने पड़ते हैं। नई व्यवस्था में यह सारा काम ऑनलाइन हो सकेगा। विधायक सीधे विधानसभा सचिवालय तक अपनी जानकारी पहुंचा सकेंगे।
विधायक संकल्प पत्र और याचिकाएं भी ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। प्राइवेट मेंबर बिल से जुड़े दस्तावेज भी डिजिटल तरीके से भेज सकेंगे।
प्राइवेट मेंबर बिल को आसान भाषा में समझिए। यह विधेयक सरकार का कोई मंत्री पेश नहीं करता। इसे मंत्री के अलावा कोई दूसरा विधायक सदन में पेश करता है।
इस तरह विधानसभा के कई काम एक ही जगह होंगे। इससे कागजी काम कम होगा और समय भी बचेगा।
टैबलेट पर मिलेगी विधानसभा की पूरी जानकारी
विधानसभा को डिजिटल बनाने की तैयारी चल रही है। अब विधायकों को टैबलेट पर भी जरूरी जानकारी मिलेगी। विधायक नेवा एप्लिकेशन पर सदन की पूरी कार्यसूची देख सकेंगे। उन्हें पता चलेगा कि किस दिन कौन से काम होंगे।
विधायक यह भी जान सकेंगे कि किन मुद्दों पर चर्चा होगी। कौन सा विधेयक सदन में आएगा, इसकी जानकारी भी मिलेगी। सरकारी विभागों के जवाब भी एप्लिकेशन पर देखे जा सकेंगे। इससे विधायकों को कागजी दस्तावेजों की जरूरत कम पड़ेगी।
विधायक पुराने सवाल और उनके जवाब भी आसानी से खोज सकेंगे। पिछली बैठकों में क्या हुआ था, यह भी देख सकेंगे। उन्हें पुराने मुद्दों पर सरकार के जवाब भी मिल जाएंगे। इससे विधानसभा की पिछली कार्यवाही की जानकारी जुटाना आसान होगा।
यह खबर क्यों जरूरी है
लोकतंत्र में जनता अपने प्रतिनिधि चुनती है। यह जानना उसका अधिकार है कि वे सदन में क्या कर रहे हैं। प्रश्नकाल का सीधा प्रसारण इस पारदर्शिता को मजबूत कर सकता है। लोग देख सकेंगे कि उनके मुद्दे उठे या नहीं और सरकार ने क्या जवाब दिया। पेपरलेस विधानसभा से कामकाज भी तेज और आसान हो सकता है। लेकिन यह सब अभी तैयारी के स्तर पर है। असली बदलाव अमल होने पर ही दिखेगा।
FAQ
- मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रश्नकाल का लाइव प्रसारण कब शुरू होगा?
विधानसभा सचिवालय दिसंबर 2026 के शीतकालीन सत्र से प्रश्नकाल का लाइव प्रसारण शुरू करने की तैयारी कर रहा है। तकनीकी इंतजाम अगर पूरे नहीं हुए तो इसकी शुरुआत अगले बजट सत्र से हो सकती है। - आम लोग विधानसभा के सवाल-जवाब कहां देख सकेंगे?
आम लोग विधानसभा के सवाल-जवाब विधानसभा के यूट्यूब चैनल और अन्य डिजिटल माध्यमों पर देख सकेंगे, हालांकि अभी अंतिम व्यवस्था तय नहीं हुई है। - क्या विधायक अब विधानसभा में ऑनलाइन सवाल पूछ सकेंगे?
हां, प्रस्तावित डिजिटल व्यवस्था शुरू होने के बाद विधायक अपने सवाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, स्थगन प्रस्ताव, याचिकाएं और अन्य जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन भेज सकेंगे।