एमपी में गेहूं खरीदी पर सरकार सख्त: निगरानी के लिए बनी मंत्रियों की विशेष समिति
News in Short
- मध्य प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीदी की निगरानी के लिए मंत्रियों की समिति बनाई है।
- समिति गेहूं उपार्जन की तैयारियों, व्यवस्थाओं और आने वाली चुनौतियों की समीक्षा करेगी।
- समिति का काम खरीदी प्रक्रिया की निगरानी और सुधार के सुझाव देना है।
- कृषि उत्पादन आयुक्त समिति के संयोजक होंगे और प्रमुख सचिव स्थायी सदस्य रहेंगे।
- समिति 30 जून 2026 तक काम करेगी और खरीदी सीजन की निगरानी करेगी।
News in Detail
मध्यप्रदेश में रबी सीजन के दौरान एमपी समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद को लेकर राज्य सरकार ने निगरानी व्यवस्था मजबूत करने का फैसला किया है। इसके लिए पांच मंत्रियों की एक विशेष समिति गठित की गई है। यह समिति प्रदेश में गेहूं उपार्जन की तैयारियों, व्यवस्थाओं और आने वाली चुनौतियों की समीक्षा करेगी तथा समय-समय पर सरकार को सुझाव देगी।
सरकार का मानना है कि खरीदी सीजन के दौरान व्यवस्थाओं की सतत निगरानी जरूरी है। इसी उद्देश्य से सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर मंत्रिमंडलीय समिति का गठन किया है, जो भारत सरकार के दिशा-निर्देशों और मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था को बेहतर बनाने का काम करेगी।
किन मंत्रियों को मिली जिम्मेदारी
सरकार द्वारा गठित समिति में पांच मंत्रियों को शामिल किया गया है। इनका दायित्व खरीदी प्रक्रिया की निगरानी और समन्वय करना होगा।
समिति में शामिल सदस्य इस प्रकार हैं:
- करण सिंह वर्मा – मंत्री, राजस्व विभाग
- उदय प्रताप सिंह – मंत्री, परिवहन एवं स्कूल शिक्षा विभाग
- एदल सिंह कंसाना – मंत्री, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग
- गोविंद सिंह राजपूत – मंत्री, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग
- लखन पटेल – राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पशुपालन एवं डेयरी विभाग
क्या होगा समिति का काम
सरकार ने इस समिति को गेहूं खरीदी व्यवस्था की निगरानी और सुधार से जुड़े कई अहम दायित्व दिए हैं।
मुख्य जिम्मेदारियां इस प्रकार रहेंगी:
- प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की व्यवस्था की निगरानी
- केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप खरीदी प्रक्रिया का मूल्यांकन
- बदलती परिस्थितियों के आधार पर सुधार और सुझाव देना
- समय-समय पर बैठक कर व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उपाय करना
कौन रहेगा समिति का संयोजक
इस समिति के संचालन की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। कृषि उत्पादन आयुक्त समिति के संयोजक होंगे। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग और किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के प्रमुख सचिव समिति में स्थायी रूप से आमंत्रित सदस्य रहेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाकर खरीदी प्रक्रिया को सुचारु रखना है।
कितने समय तक काम करेगी समिति
सरकार के आदेश के अनुसार यह समिति 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि में समिति खरीदी सीजन की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगी और आवश्यक सुझाव देगी।
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