MP में गेहूं खरीदी ने पकड़ी रफ्तार, सरकार ने 10 लाख किसानों से खरीदा 63 लाख टन गेहूं
मध्यप्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीदी अब पूरी तरह रफ्तार पकड़ चुकी है। शुरुआती अव्यवस्थाओं और स्लॉट बुकिंग की परेशानियों के बाद अब उपार्जन व्यवस्था पटरी पर आ गई है। प्रदेश में 10 मई तक 10 लाख से अधिक किसानों से 63 लाख टन से ज्यादा गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 5 लाख टन गेहूं का उपार्जन हो रहा है। यही वजह है कि अब 23 मई तक 100 लाख टन खरीदी के लक्ष्य के पूरा होने के संकेत साफ दिखाई देने लगे हैं।
सीएम मोहन यादव के प्रयासों के बाद केंद्र सरकार ने गेहूं खरीदी का लक्ष्य 78 लाख टन से बढ़ाकर 100 लाख टन कर दिया था। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए खरीदी प्रक्रिया को तेज किया गया है। प्रदेश में गेहूं उपार्जन 23 मई तक जारी रहेगा। अभी तक 14 लाख 83 हजार किसानों ने स्लॉट बुकिंग कराई है। वहीं किसानों को गेहूं उपार्जन के एवज में अब तक 11 हजार 623.43 करोड़ रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है।
दूसरे राज्यों से आगे निकला एमपी
आंकड़े बताते हैं कि गेहूं उपार्जन के मामले में मध्यप्रदेश देश के बड़े राज्यों से आगे निकल गया है। हरियाणा में अब तक 9.10 लाख किसान, पंजाब में 7.5 लाख किसान, उत्तर प्रदेश में 2 लाख किसान और राजस्थान में 1.67 लाख किसान उपार्जन प्रक्रिया से लाभान्वित हुए हैं। मध्यप्रदेश में 10 लाख से अधिक किसान अब तक इस प्रक्रिया का लाभ ले चुके हैं।
खुद मॉनिटरिंग कर रहे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं गेहूं खरीदी व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वे खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कई केंद्रों पर पहुंचकर तौल व्यवस्था, बारदाने की उपलब्धता और किसानों के लिए जरूरी सुविधाओं का जायजा लिया है।
साथ ही वे किसानों से सीधे संवाद कर भुगतान और व्यवस्थाओं की जानकारी भी ले रहे हैं। मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षणों का असर अब खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं में भी दिखाई देने लगा है। उनके निर्देश पर मंत्री और अधिकारी भी लगातार खरीदी केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं, जिससे व्यवस्थाएं अधिक सुचारु और सहज बन रही हैं।
किसान बोले, अब व्यवस्था पहले से बेहतर
अब किसान भी यह मानने लगे हैं कि गेहूं खरीदी की व्यवस्था पटरी पर आ चुकी है। विदिशा जिले के किसान चंद्रभान सिंह यादव ने बताया कि खरीदी केंद्रों पर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं। तुलाई तेजी से हो रही है, जिससे किसान समय पर अपना गेहूं बेच पा रहे हैं।
किसान देवेंद्र रघुवंशी ने कहा कि पहले स्लॉट बुकिंग में जो परेशानी आ रही थी, वह अब खत्म हो गई है। आसानी से स्लॉट बुक हो रहे हैं और किसान तय समय पर खरीदी केंद्र पहुंचकर गेहूं की तुलाई करवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसानों के खातों में भुगतान भी समय पर पहुंच रहा है।
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FAQ
- मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी का कुल लक्ष्य क्या है?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से गेहूं खरीदी का लक्ष्य 78 लाख टन से बढ़ाकर 100 लाख टन कर दिया गया है। 23 मई तक इस लक्ष्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।