MPPSC आंदोलन, NEYU की मांगों और 87-13 फीसदी पर एमपी विधानसभा में सीएम ने दिया जवाब

Sanjay Gupta | Mar 03, 2026, 12:57 IST
mppsc 87-13 percent reservation
मध्‍य प्रदेश लोक सेवा आयोग में लागू हुए 87-13 फीसदी फार्मूले को लेकर अब विधानसभा में भी सवाल उठा है। इसके साथ ही विधायकों ने आयोग को लेकर हुए NEYU के आंदोलन पर भी सवाल लगाए थे। इनके जवाब सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिए हैं।

INDORE. मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा 2019 हो या अन्य परीक्षाएं इन सभी में 13 फीसदी रिजल्ट होल्ड पर हैं। इसे छह साल हो चुके हैं। वहीं इस रिजल्ट के साथ ही विविध मांगों को लेकर पीएससी के बाहर दो बड़े धरना प्रदर्शन हो चुके हैं। ये नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (NEYU) के बैनर तले किए गए थे।



दिसंबर 2024 के प्रदर्शन के बाद तो सीएम डॉ. मोहन यादव ने आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात भी की थी। अब इन सभी को लेकर क्या हुआ है और 87-13 फीसदी फार्मूले को लेकर विधानसभा में भी सवाल उठे थे। इनके जवाब सीएम डॉ. मोहन यादव ने ही दिए हैं।



87-13 फीसदी को लेकर यह सवाल उठा

पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने 87-13 फीसदी फार्मूले को लेकर सवाल उठाया है। उन्होंने पूछा कि- यह फार्मूला क्या है, इसमें पदों कोे लेकर कब भर्ती होगी। इसके लिए कोई समयसीमा कब तक है। साल 2019 से कितने पदों पर भर्ती होल्ड की गई है और यह कब होगी।



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इस पर सीएम ने यह दिया जवाब

इस पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि 13 फीसदी रिजल्ट का मामला कोर्ट केस के चलते स्थगित है। हाईकोर्ट जबलपुर के आदेश के कारण ओबीसी को 27% आरक्षण में कठिनाई आई है। इसके चलते आयोग की परीक्षाओं के परिणाम में देरी हुई। इसलिए 87-13 फीसदी लागू हुआ।



यह 87-13 राज्य सेवा परीक्षा और दूसरी परीक्षाओं के रिजल्ट से जुड़ा मामला है, जिसमें 87 फीसदी रिजल्ट मुख्य और 13 फीसदी रिजल्ट प्रोविजनल (अस्थायी) जारी किया गया था। चूंकि मामला अभी कोर्ट में है, इसलिए इस पर कोई निश्चित समय सीमा बताना मुश्किल है।



NEYU की मांगों और महाआंदोलन पर ये सवाल

वहीं विधायक हेमंत सत्यदेव कटारे ने एनईवाययूके के महाआंदोलन और मांगों को लेकर सवाल उठाया है। उन्होंने पूछा कि वर्तमान में NEYU के नेतृत्व में हजारों छात्र भर्ती संबंधी विविध मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। दिसंबर 2024 में भी व्यापक आंदोलन हुआ था। तब सीएम ने सदस्यों को सीएम हाउस बुलाकर बात की थी और मांगों को लेकर आश्वासन दिया था।



इसके साथ ही पूछा गया कि किन-किन मांगों पर सहमति बनी थी? छात्रों की विविध समस्याओं को लेकर अभी तक क्या किया गया है? इसमें मांग यह भी थी कि कम से कम इन परीक्षाओं में एक तय पद संख्या तो कम से कम भर्ती में दी जाए। विविध परीक्षाओं में अलग-अलग शुल्क लगता है। इसे वन टाइम करने की भी मांग थी। क्या इस पर भी विचार हो रहा है?



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सीएम ने इन सभी बातों पर यह कहा

सीएम ने एनईवाययू की मांगों और उस पर क्या हो रहा है इस पर केवल यही कहा कि इनके द्वारा ज्ञापन दिया गया था। साथ ही इसकी लिखित में जानकारी विधायक कटारे को दी गई है।



वहीं यह भी कहा कि राज्य शासन द्वारा किसी भी व्यक्ति विशेष के सुझाव को मान्य किया जाना बंधनकारी नहीं है।



सीएम ने यह जरूर कहा कि राज्य शासन स्तर पर परीक्षा प्रक्रिया में परिवर्तन की कार्रवाई प्रकियाधीन है। दरअसल सीएम पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वह सिंगल परीक्षा कराने को लेकर काम कर रहे हैं, जिससे बार-बार उम्मीदवारों को परीक्षा नहीं देना पड़े। यूपीएससी की तरह ही एक ही परीक्षा में कई विभाग शामिल हो जाएं। इस पर पीएससी और ईएसबी (कर्मचारी चयन मंडल) दोनों स्तर पर काम चल रहा है।



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