MPPSC राज्य सेवा मेंस 2025 जिस नियम के कारण रूकी, अब नए संशोधन में यह हो रहा बदलाव
INDORE. मप्र लोक सेवा आयोग के परीक्षा सिस्टम में बदलाव हो रहा है। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने 21 मई को इसका मसौदा सार्वजनिक कर सुझाव मांगे हैं। इसे परीक्षा नियम 2026 कहा जा रहा है। अभी परीक्षा नियम 2015 लागू है। यह वही नियम है जिस पर आपत्ति लेते हुए याचिकाएं लगीं और इसके चलते राज्य सेवा परीक्षा 2025 की मेंस जून 2025 से होल्ड पर चली गई। इस नियम के तहत अंतिम मेरिट चयन सूची तैयार की जाती है। शासन ने इस नियम को लेकर फिर से स्थिति स्पष्ट की है।
परीक्षा नियम 2026 में यह लिखा साफ-साफ
जीएडी द्वारा जारी परीक्षा मसौदे के पेज 11 के बिंदु क्रमांक 15 में अंतिम चयन सूची तैयार करने की प्रक्रिया बताई गई है।
- इस नियम में साफ है कि सबसे पहले अंतिम मेरिट चयन सूची अनारक्षित कैटेगरी की तैयार होगी। इसमें एसटी, एससी, ईडब्ल्यूएस या ओबीसी किसी भी कैटेगरी का अभ्यर्थी मेरिट (नंबर के आधार पर) स्थान ले सकता है। मेरिट आधार पर उसे इस कैटेगरी में रखा जाएगा।
- शर्त यह है कि किसी भी कैटेगरी के उम्मीदवार ने आयु सीमा या परीक्षा के किसी भी स्तर पर योग्यता या अंकों के संबंध में कोई छूट प्राप्त की, तो फिर चयन के हर चरण व अंतिम मेरिट में भी उसे उसकी ही आरक्षित कैटगेरी में रखा जाएगा।
- अनारक्षित मेरिट बनने के बाद एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस की चयन कैटेगरी अलग-अलग बनेगी।
- दिव्यांगजन, महिला, भूतपूर्व सैनिक इन सभी को क्षैतिज होरिजेंटल आरक्षण दिया जाएगा। फीस छूट इस लाभ में नहीं आती है।
- आरक्षित कैटेगरी में उम्र सीमा में छूट, कटऑफ अंकों की छूट मुख्य रूप से होती है। परीक्षा शुल्क कम लगने को छूट में नहीं गिना जाता है।
इस तरह से लागू होता है फॉर्मूला
यह फॉर्मूला केंद्र सरकार कार्मिक विभाग द्वारा भी मान्य है और यूपीएससी में भी लागू है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट से भी विविध फैसलों में मान्य किया गया है। इसे इस तरह से समझते हैं। जैसे कोई ओबीसी उम्मीदवार प्री में अपनी कैटेगरी में कटऑफ अंकों पर चयनित होता है, तो वह भले ही मेंस और इंटरव्यू अंक के आधार पर अनारक्षित कैटेगरी में आता हो या टॉप करता हो तब भी वह ओबीसी कैटेगरी में ही रहेगा। क्योंकि उनके द्वारा अपनी कैटेगरी का लाभ लिया है।
यदि किसी महिला की उम्र सीमा अनारक्षित कैटेगरी से अधिक है, और वह अपनी कैटेगरी में मिली रियायत के कारण परीक्षा दे रही है, तो वह भले ही कितने अंक हासिल करें, लेकिन वह रहेगी अपनी ही कैटेगरी में। फिर वह मेरिट अंकों के आधार पर अनारक्षित की सीट हासिल नहीं कर सकेगी।
टीना डाबी का चर्चित केस
जैसे की इसमें चर्चित आईएएस टीना डाबी का केस है। वह यूपीएससी टॉपर रही हैं। लेकिन प्री के अंक कम थे, उन्हें अपनी कैटेगरी की छूट का लाभ मिला और वह मेंस के लिए पास हुईं। फिर भले ही मेंस और इंटरव्यू अंकों से टॉप किया हो लेकिन उन्हें अनारक्षित सीट नहीं दी गई।
मेंस 2025 पर इसी को लेकर रोक
इसी नियम को चुनौती देते हुए दो याचिकाएं जबलपुर हाईकोर्ट में दायर हैं। इसके चलते 2 अप्रैल 2025 से ही हाईकोर्ट ने मेंस कराने पर रोक लगा रखी है। पीएससी ने मेंशन लिया है, जिसमें अब हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए नई तारीख 29 मई संभावित दिखाई जा रही है।
हालांकि लिस्ट होगा या नहीं यह एक दिन पहले ही पता चलेगा। इस सुनवाई में पीएससी को केवल मेंस कराने की छूट की जरूरत है। यदि छूट मिलती है तो फिर आयोग इसकी तैयारी करेगा। हालांकि जुलाई 2025 से ही यह केस लिस्ट नहीं हुआ और यदि लिस्ट हुआ तो सुनवाई पर नहीं आया। इस मेंस के इंतजार में चार हजार से ज्यादा उम्मीदवार है।
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