MPPSC राज्य सेवा परीक्षा प्री 2026 तीन बड़े बदलाव के साथ, इंदौर में कम हुए उम्मीदवार
News In Short
- इस बार राज्य सेवा परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग शुरू हो रही है।
- अब उम्मीदवार को अपने गृह जिले में ही परीक्षा केंद्र मिलेगा।
- इस बार आयोग ने थ्री लेयर सुरक्षा सिस्टम लागू किया है।
- सुरक्षा जांच के कारण उम्मीदवारों को 90 मिनट पहले पहुंचना होगा।
News In Detail
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की सबसे बड़ी परीक्षा राज्य सेवा परीक्षा 2026 की प्री रविवार 26 अप्रैल को आयोजित होगी। इस बार इसमें एक लाख 34 हजार उम्मीदवारों ने फॉर्म भरा है। माना जा रहा है कि एक लाख से अधिक उम्मीदवार इसमें शामिल होंगे। इस बार आयोग ने तीन अहम बदलाव किए हैं।
नेगेटिव मार्किंग शुरू
इस परीक्षा से आयोग में नेगेटिव मार्किंग शुरू हो रही है। गलत आंसर देने पर एक तिहाई अंक कम होंगे। मार्किंग की सही व्यवस्था के लिए प्री के प्रश्न के अंक दो की जगह तीन कर दिए गए हैं। अब 100 प्रश्न कुल 300 अंक के होंगे।
क्या होगा असर: ऐसे में जो अभी तक अनारक्षित का कट-ऑफ 80 फीसदी अंक से अधिक होता था, इसमें अब निश्चित तौर पर गिरावट देखी जाएगी।
होम टाउन सेंटर का नियम
इस बार आयोग ने होम टाउन नियम लागू कर दिया है। यानी जो उम्मीदवार का गृह जिला है जहां उसका मूल पता है जो आधार कार्ड में हैं। वहीं उसे परीक्षा केंद्र दिया गया है। पहले वह जहां रहता था उसके प्रूफ लगाने पर वह दे दिया जाता था। लेकिन अब होम टाउन नियम सख्ती से लागू किया गया है। इस संबंध में सीएम मोहन यादव ने विधानसभा में भी जवाब देकर कहा था कि यह सुरक्षा व उचित व्यवस्था के लिए लागू किया है।
असर: अभी तक इंदौर जैसे शहर में कुल उम्मीदवारों में 30 फीसदी यहीं सेंटर चुनते थ। 30 से 40 हजार उम्मीदवार यहीं परीक्षा में बैठते थे। लेकिन अब इस बार यह संख्या घटकर 11 हजार के करीब रह गई है। इसी तरह भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर जैसे शहरों में भी संख्या कम होगी।
सुरक्षा थ्री लेयर होगी
इस बार आयोग ने थ्री लेयर सुरक्षा सिस्टम लागू किया है। इसके तहत अब बायोमेट्रिक्स की जांच होगी। हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से जांच होगी और परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी रहेंगे, ताकि संदिग्ध गतिविधि पर आयोग के कंट्रोल रूम से ही नजर रखी जा सके।
असर- इसका असर होगा कि सुरक्षा तो मजबूत होगी लेकिन उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र पर कम से कम 90 मिनट यानी डेढ़ घंटे पहले पहुंचना होगा। हालांकि एक शहर में उम्मीदवार कम होने से इतना अधिक बोझ नहीं होगा लेकिन जांच में समय लगेगा।
पदों की संख्या पर स्थिति साफ नहीं
उधर अभी तक 155 विज्ञापित पद ही है। इसे बढ़ाने के लिए आयोग के पास एक माह का रिजल्ट जारी होने से पहले तक का समय रहेगा। वहीं, अभी तक विभागों से और पद बढ़ाने की कोई डिमांड आयोग के पास नहीं पहुंची है। ऐसे में पद बढ़ने की उम्मीद बहुत ज्यादा नहीं है।
ये भी पढ़ें...
MPPSC Sports Officer Vacancy: 68 उम्मीदवारों की उम्मीदवारी निरस्त, जानें क्या है कारण
MPPSC Assistant Professor Vacancy : 1149 पदों पर बंपर भर्ती, आज ही करें आवेदन
MP News: MPPSC Prelims Admit Card जारी, यहां से करें डायरेक्ट डाउनलोड, पढ़ें निर्देश
MPPSC Exam Calendar 2026: 25 से ज्यादा परीक्षाएं 5 हजार पदों पर भर्ती, टूटेंगे पिछले सारे रिकॉर्ड