MPPSC पहुंचे अनारक्षित उम्मीदवार, हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी देकर मांगा 100 फीसदी रिजल्ट
दरअसल, हाईकोर्ट ने 09 अक्टूबर को ओबीसी आरक्षण 14 फीसदी से बढ़ाकर 27 फीसदी करने वाले कानून को असंवैधानिक घोषित कर दिया था। इसके बाद से प्रदेश में सियासत गरमाई हुई है। ओबीसी वर्ग ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है। वहीं, सरकार भी कानूनी सलाह ले रही है। मामला सुप्रीम कोर्ट ले जाने की चर्चा भी चल रही है।
इसी बीच अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों ने भी कानूनी लड़ाई तेज कर दी है। सबसे पहले यूथ फॉर इक्वेलिटी ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की। अब संगठन ने MPPSC को मांग पत्र सौंपकर जल्द से जल्द रुके हुए परीक्षा परिणाम जारी करने की मांग की है।
आयोग से कहा- हाईकोर्ट के आदेश का पालन करें
अनारक्षित कैटेगरी के उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी आयोग को दी है। इसके साथ ही इसका पालन करने की मांग की है। इसमें खासकर मांग है कि सौ फीसदी पर रिजल्ट दिया जाए, इसमें 13 फीसदी होल्ड पदों को समाप्त कर ओबीसी आरक्षण को 14 फीसदी रखते हुए रिजल्ट दिया जाए। साथ ही इतने सालों से रुके 13 फीसदी होल्ड पदों पर भी अनारक्षित कैटेगरी के पक्ष में रिजल्ट जारी किया जाए।
पत्र में यह लिखा गया
मांग पत्र में उम्मीदवारों ने कहा है कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच ने 9 अक्टूबर 2026 को ओबीसी आरक्षण मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। यह फैसला याचिका क्रमांक 5901/2019 और इससे जुड़े अन्य मामलों में आया है। ऐसे में अब लंबे समय से रुके हुए परीक्षा परिणाम तुरंत जारी किए जाने चाहिए। साथ ही चयन और नियुक्ति की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जानी चाहिए।
उम्मीदवारों का कहना है कि हाईकोर्ट ने अपने फैसले में ओबीसी आरक्षण 14 फीसदी से बढ़ाकर 27 फीसदी करने से जुड़े विवाद पर स्थिति साफ कर दी है। इसलिए अब रिजल्ट रोकने के बजाय जल्द घोषित किए जाएं, ताकि उम्मीदवारों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो सके।
पीएससी को साफ निर्देश दिए हैं
पत्र में कहा गया कि नियुक्तियों तथा भर्ती एजेंसियों (जिसमें मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग भी शामिल है) की जिम्मेदारियों के बारे में खास निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट के बाध्यकारी निर्देशों के तहत हम आयोग से रिक्वेस्ट करते हैं कि समय पर पालन, पारदर्शिता और उम्मीदवारों की जायज उम्मीदों को ध्यान में रखते हुए तुरंत प्रशासनिक कार्रवाई करे।
फैसले में यह अहम बातें हैं
उम्मीदवारों ने अपने मांग पत्र में हाईकोर्ट के फैसले का भी जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि फैसले के पेज 157 पर बिंदु नंबर 2 में साफ लिखा है कि सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा में ओबीसी वर्ग को 14 फीसदी आरक्षण ही मिलेगा।
वहीं, पेज 156 के पैराग्राफ 221 में हाईकोर्ट ने MPPSC समेत सभी संबंधित भर्ती एजेंसियों को फैसले के मुताबिक रिजल्ट जारी करने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने फैसले के पेज 158 पर बिंदु नंबर 4 में यह भी साफ किया है कि रोके गए 13 फीसदी पदों को अनारक्षित वर्ग के योग्य उम्मीदवारों से भरा जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया तीन महीने के भीतर पूरी करनी होगी। इसी आधार पर उम्मीदवारों ने आयोग से जल्द रिजल्ट जारी करने और नियुक्तियां शुरू करने की मांग की है।
ज्वाइनिंग में समय लगेगा, रिजल्ट जल्द दें
उम्मीदवारों ने कहा कि रुके रिजल्ट जल्द जारी किया जाना जरूरी है। क्योंकि इसके बाद विभागों से दस्तावेज सत्यापन व अन्य प्रक्रिया में भी समय लगता है। ऐसे में देरी होने पर हाईकोर्ट द्वारा दिए गए तीन माह की समयसीमा का पालन नहीं हो सकेगा। इसलिए आयोग लंबित परिणामों की घोषणा को तत्काल प्रशासनिक प्राथमिकता दे, जहां भी निर्णय को लागू करने के लिए ऐसी घोषणा जरूरी हो। जल्द कार्रवाई से बाकी औपचारिकताओं के लिए पर्याप्त समय मिलेगा और तय समय-सीमा के भीतर अनुपालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
उधर शासन के आदेश का इंतजार
वहीं द सूत्र को मिली जानकारी के अनुसार आयोग और ईएसबी को अभी तक इस मामले में शासन से कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं। इसके चलते रिजल्ट जारी करने की आगे की प्रक्रिया अभी होल्ड पर चली गई है। माना जा रहा है कि जीएडी द्वारा इस मामले में औपचारिक आदेश जारी किए जाएंगे, इसके बाद ही आयोग रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया करेगा। कारण है कि हाईकोर्ट ने आदेश में ही साफ लिखा है कि इस आदेश के तहत ही आगे रिजल्ट जारी करना है, यानी कानूनी तौर पर 27 फीसदी आरक्षण और 87-13 फीसदी फॉर्मूले का अस्तित्व नहीं बचा है।