मुरैना डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर पर रेप केस दर्ज: शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोप
मुरैना मुख्यालय पर तैनात डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर एक बार फिर गंभीर विवाद में आ गए हैं। एक युवती ने उन पर शादी का झांसा देकर तीन महीने से ज्यादा समय तक शारीरिक शोषण और बलात्कार का आरोप लगाया है।
पीड़िता ने बताया कि उसकी माहौर से पहचान फेसबुक के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे फोन पर बातचीत शुरू हुई। माहौर ने उसे शादी का प्रस्ताव दिया और वह राजी हो गई। इसी भरोसे का फायदा उठाकर शोषण का सिलसिला शुरू हुआ था।
जानें क्या है पूरा मामला...
पीड़िता के मुताबिक, 30 मार्च 2025 को माहौर ने उसे घर के पास से अपनी कार में बैठाया। पहले मुरैना के रेस्ट हाउस ले गए और वहां कार के अंदर ही उसकी मर्जी के बिना संबंध बनाए।
आरोप है कि, इसके बाद माहौर उसे सबलगढ़ स्थित अपने सरकारी आवास ले गए, जहां वे उस समय एसडीएम (Sub Divisional Magistrate) के पद पर तैनात थे। वहां भी शोषण हुआ। बाद में उसे ग्वालियर स्थित अपने निजी फ्लैट पर भी ले जाया गया। पीड़िता का कहना है कि यह सिलसिला 30 मार्च 2025 से 3 जून 2026 तक बिना रुके चलता रहा।
जब युवती ने शादी की मांग की, तो माहौर मुकर गए। अब वे उसे परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकियां दे रहे हैं।
देर रात दर्ज हुआ मामला, गिरफ्तारी अभी बाकी
पीड़िता बुधवार, 3 जून की रात सिविल लाइन थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बीएनएस की धारा 69, 351(1), 351(3) और 225 के तहत देर रात केस दर्ज कर लिया है।
सिविल लाइन थाना प्रभारी यानी टीआई उदयभान यादव ने बताया कि शिकायत के आधार पर शादी का झांसा देकर जबरन संबंध बनाने और शोषण का मामला दर्ज किया गया है। टीआई ने कहा कि गिरफ्तारी को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल माहौर गिरफ्तार नहीं हुए हैं।
बता दें कि दुष्कर्म के आरोप को लेकर डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर का बयान अभी सामने नहीं आया है।
CM कर चुके बर्खास्त, फिर भी जारी रहा विवाद
एसडीएम अरविंद माहौर का विवादों से पुराना नाता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 19 सितंबर 2025 को उन्हें महिलाओं से गलत आचरण और दुर्व्यवहार के चलते बर्खास्त कर दिया था। उस मामले में एक छात्रा पर रात में फोन पर बात करने का दबाव बनाने का आरोप था। पीड़िता का परिवार ग्वालियर से मुरैना पहुंचकर कलेक्टर की जनसुनवाई में गुहार लगाने गया था।
बर्खास्तगी के बाद माहौर को बहाल किया गया और वे फिर से मुरैना मुख्यालय पर पदस्थ हो गए। अब नए और गंभीर आरोपों ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
थप्पड़ कांड भी रहा है दामन पर
माहौर सिर्फ यौन उत्पीड़न के आरोपों तक सीमित नहीं रहे हैं। 2025 में एक निजी होटल के कार्यक्रम में कार पार्किंग को लेकर उन्होंने एक सुरक्षा गार्ड को थप्पड़ मार दिया था। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी और खूब चर्चा में आई थी।
इसी साल सबलगढ़ में एसडीएम रहते हुए जनसुनवाई के दौरान एक ग्रामीण को थप्पड़ मारकर भगाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। यानी माहौर पर लगातार कई तरह के गंभीर आरोप लगते रहे हैं।
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