साइबर ठगी: यूके से गिफ्ट भेजने के नाम पर महिला से 3.91 लाख रुपए की ठगी

Sandeep Kumar | Jun 13, 2026, 19:37 IST
महिला से 3.91 लाख रुपए की ठगी
नर्मदापुरम में ट्राइडेंट कंपनी की महिला कर्मचारी से यूके से गिफ्ट भेजने के नाम पर 3.91 लाख रुपए की साइबर ठगी हुई। फिलहाल महिला की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्जकर लिया है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • नर्मदापुरम की महिला साइबर ठगी की शिकार हुई।
  • यूके के व्यक्ति ने ऑनलाइन दोस्ती की।
  • महंगे गिफ्ट भेजने का झांसा दिया गया।
  • कस्टम और टैक्स के नाम पर पैसे मांगे गए।
  • महिला से कुल 3.91 लाख रुपए ट्रांसफर कराए गए।

ऑनलाइन दोस्ती से शुरू हुई कहानी

पीड़िता नर्मदापुरम की रहने वाली है। वह बुधनी स्थित ट्राइडेंट टेक्सटाइल कंपनी में काम करती है। करीब एक महीने पहले उसकी मुलाकात एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर समीर अली नाम के व्यक्ति से हुई थी।



समीर ने खुद को ब्रिस्टल, यूनाइटेड किंगडम (united kingdom) का निवासी बताया। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ने लगी। कुछ ही समय में दोनों की दोस्ती गहरी हो गई।



गिफ्ट भेजने का दिया झांसा

बातचीत के बीच समीर ने महिला से कहा कि वह उसके लिए कुछ गिफ्ट और पैसे भेज रहा है। उसने भरोसा दिलाया कि जब वह इंडिया आएगा, तो अपना सामान वापस ले लेगा।



तब तक महिला से कहा गया कि वह सामान को संभालकर रखे। इसके बाद समीर ने एक नई शर्त रखी। उसने कहा कि यूके से सामान भारत भेजने में ट्रांसपोर्ट और टैक्स का खर्च लगेगा। यह पैसा महिला को पहले देना होगा।



फेक अधिकारी का फोन और मांगे पैसे

समीर से बात होने के अगले दिन ही महिला के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को इनकम टैक्स अधिकारी बताया। उसने कहा कि पार्सल छोड़ने के लिए पैसे जमा करने होंगे। ट्रांसपोर्ट चार्ज के साथ-साथ एनओसी और एनपीआर के नाम पर भी रकम मांगी गई।



ठगों की बातों में आकर महिला ने 2 जून से 7 जून के बीच कई बार पैसे भेजे. यह पैसा अलग-अलग क्यूआर कोड और यूपीआई नंबरों पर ट्रांसफर किया गया। इस तरह कुल मिलाकर 3 लाख 91 हजार रुपए चले गए।



एमपी ऑनलाइन की दुकान पर खुली सच्चाई

इतने पैसे देने के बाद भी महिला को न तो कोई गिफ्ट मिला, न पैसे वापस आए। इससे उसे शक होने लगा। अपनी शंका दूर करने के लिए वह पास की एक एमपी ऑनलाइन दुकान पर पहुंची। दुकानदार को महिला ने पूरी बात बताई। सुनते ही दुकानदार ने साफ कह दिया कि यह पूरा मामला साइबर फ्रॉड का है।यह सुनकर महिला के पैरों तले जमीन खिसक गई।



पुलिस ने दर्ज किया मामला

ठगी का पता चलते ही महिला सीधे नर्मदापुरम साइबर सेल पहुंची। वहां उसने पूरी घटना की लिखित शिकायत दी। साइबर सेल की शुरुआती जांच के बाद देहात थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।



पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी है। इस तरह की ठगी से बचने के लिए जरूरी है कि अनजान लोगों से ऑनलाइन मिले गिफ्ट या पार्सल के लिए कभी भी पैसे न भेजें।



क्या बोल रही पुलिस

पुलिस के अनुसार करीब एक महीने पहले महिला की सोशल मीडिया पर समीर अली से दोस्ती हुई। उसने खुद को ब्रिस्टल यूके का निवासी बताया। बातचीत में उसने भारत आने की बात कही। उसने कहा कि वह महंगे गिफ्ट और पैसे पार्सल से भेज रहा है। उसने ट्रांसपोर्ट और टैक्स का भुगतान महिला से करने को कहा।



इसके बाद महिला को एक कथित इनकम टैक्स अधिकारी का फोन आया। अधिकारी ने पार्सल रिलीज के नाम पर पैसे मांगे। ट्रांसपोर्ट एनओसी और एनपीआर शुल्क भी जोड़ा गया। महिला ने 2 से 7 जून के बीच भुगतान किया। उसने अलग अलग यूपीआई आईडी और क्यूआर कोड पर 3 लाख 91 हजार रुपए भेजे।



पैसे भेजने के बाद भी पार्सल नहीं मिला। महिला ने एमपी ऑनलाइन संचालक से संपर्क किया। जांच में यह मामला साइबर फ्रॉड निकला। महिला ने नर्मदापुरम साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।



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