एमपी में नातरा प्रथा के नाम पर 50 लाख का टॉर्चर, पैसे न मिलने पर महिला के नए घर पर हमला
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश के राजगढ़ में नातरा प्रथा फिर चर्चा में आई है।
- इस प्रथा में दूसरी शादी करने पर पैसे की मांग होती है।
- एक मामले में 50 लाख रुपए की मांग की गई थी।
- पैसे न मिलने पर फसल काटी गई और धमकियां दी गईं।
- राजगढ़ पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को पकड़ा है।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में एक पुरानी सामाजिक प्रथा एक बार फिर सुर्खियों में है। यह जिला राजधानी भोपाल से करीब 145 किलोमीटर दूर उत्तर-पश्चिम में स्थित है। यहां के कुछ हिस्सों में आज भी नातरा प्रथा चलन में है।
इस प्रथा का एक बेहद डार्क पहलू भी है। जब कोई महिला एक शादी छोड़कर दूसरी शादी करती है, तो उससे जुड़े परिवार से मोटी रकम मांगी जाती है। इसे स्थानीय भाषा में झगड़ा कहा जाता है।
फिर से चर्चा में क्यों आई यह प्रथा
हाल ही में सामने आए दो मामलों ने इस प्रथा को फिर सुर्खियों में ला दिया है। राजगढ़ पुलिस ने शनिवार, 22 अगस्त को दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों मामलों में मोटी रकम की मांग की गई थी। एक मामले में 50 लाख रुपए और दूसरे में 10 लाख रुपए मांगे गए थे। पैसे न देने पर दोनों ही मामलों में धमकियां दी गईं और नुकसान पहुंचाया गया।
पहला मामला, 50 लाख की मांग
पहले मामले में 42 साल के रामचरण गुर्जर पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि उसने रामजीवन गुर्जर के परिवार से 50 लाख रुपए मांगे। दरअसल रामचरण की पूर्व पत्नी दीपू बाई ने आपसी सहमति से रामजीवन से दूसरी शादी कर ली थी। इसी बात पर पैसे की मांग शुरू हुई। शिकायतकर्ता के मुताबिक जब पैसे नहीं मिले तो उसकी मक्के की फसल काट दी गई। साथ ही उसे लगातार धमकियां भी दी गईं।
दूसरा मामला, 10 लाख की मांग
दूसरा मामला भी कम गंभीर नहीं है। इसमें 55 साल के घीसालाल तंवर और उनके बेटे मांगीलाल पर आरोप लगे हैं। दोनों पर मनीषा के पिता से 10 लाख रुपए मांगने का आरोप है। यह मांग तब शुरू हुई, जब मनीषा वैवाहिक विवाद के बाद अपने मायके लौट आई थी। इस मामले में भी मांग पूरी न होने पर मक्के की फसल काट दी गई। परिवार को हिंसा की धमकियां भी दी गईं।
कैसे तय होती है रकम
इस प्रथा में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि रकम कैसे तय होती है। इसके लिए कोई अदालत नहीं जाती और न ही कोई कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसकी जगह गांव में एक पंचायत बैठाई जाती है। यह पंचायत ही तय करती है कि झगड़े की रकम कितनी होगी। इस पूरे फैसले को एक खास दस्तावेज में दर्ज किया जाता है, जिसे फड़ गति कहा जाता है।
किसके सिर आता है यह बिल
आमतौर पर यह बिल महिला के पिता के सिर पर आता है। खासकर तब, जब महिला अपने पहले पति के पास लौटने से इनकार कर देती है। कई बार यह बिल महिला के नए पति को भी थमाया जाता है। यह रकम कुछ हजार से लेकर कई लाख रुपए तक हो सकती है। जब यह रकम नहीं जुटाई जा पाती, तो मामला अक्सर हिंसक मोड़ ले लेता है।
हिंसा तक पहुंच जाते हैं मामले
राजगढ़ पुलिस और स्थानीय लोगों का कहना है कि पैसे न मिलने पर धमकाना आम बात है। कई बार फसलें काट दी जाती हैं या जला दी जाती हैं। संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाता है और झोपड़ियों में आग तक लगा दी जाती है। कई बार पशुओं के बाड़ों को भी निशाना बनाया जाता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि पुराने विवाद कई बार हत्या जैसी बड़ी वारदात में बदल जाते हैं।
कानून में नहीं है इसकी मान्यता
नातरा प्रथा के तहत मांगी जाने वाली इस रकम को भारतीय कानून में कोई मान्यता नहीं है। यह प्रथा पूरी तरह गैर-कानूनी उगाही की श्रेणी में आती है। यही वजह है कि पुलिस ऐसे मामलों में सामान्य आपराधिक धाराओं का इस्तेमाल करती है। इनमें जबरन वसूली, आपराधिक धमकी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी धाराएं शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि पीड़ित परिवार बेझिझक शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
पुलिस की कार्रवाई से मिली राहत
राजगढ़ पुलिस ने दोनों मामलों में तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पीड़ित परिवारों के लिए राहत की खबर है। पुलिस अब आगे की जांच में जुटी है। यह भी देखा जा रहा है कि इलाके में ऐसे और कितने मामले सामने आ सकते हैं। स्थानीय प्रशासन अब इस प्रथा के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है।
आगे क्या हो सकता है
इस तरह की सामाजिक प्रथाओं को रोकने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी मानी जा रही है। पुलिस की सक्रियता से पीड़ित परिवारों का हौसला बढ़ सकता है। साथ ही समाज में इस प्रथा के खिलाफ माहौल बनाना भी उतना ही जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ गिरफ्तारी से यह प्रथा पूरी तरह खत्म नहीं होगी। इसके लिए लंबे समय तक जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।
FAQ
- नातरा प्रथा क्या है?
नातरा प्रथा राजगढ़ सहित मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में प्रचलित एक सामाजिक परंपरा है। इसमें जब कोई महिला पहली शादी छोड़कर दूसरी शादी करती है, तो झगड़ा के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं। यह रकम गांव की पंचायत तय करती है और फड़ गति नाम के दस्तावेज में दर्ज की जाती है। इस प्रथा को कानून में कोई मान्यता नहीं है।
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