राजस्थान से एमपी तक पहुंची NEET पेपर लीक की आंच, इस यूनिवर्सिटी से निकला आरोपी
गजेन्द्र नागर @ सीहोर
NEET UG 2026 की परीक्षा में पेपर लीक का मामला अब मध्य प्रदेश के सीहोर तक पहुंच गया है। इस सनसनीखेज घटना ने लाखों छात्रों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है। राजस्थान पुलिस ने नाशिक से शुभम खैरनार नाम के एक आरोपी छात्र को गिरफ्तार किया है।
जांच में पता चला है कि आरोपी का कनेक्शन सीहोर की श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी से था। इस खुलासे के बाद शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है और पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है।
गोपनीय दस्तावेज रखने के आरोप
शुरुआती जांच में पता चला है कि शुभम पर परीक्षा से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों और एक संदिग्ध नेटवर्क से संबंध रखने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि शुभम किसी बड़े गिरोह का हिस्सा था या सिर्फ एक छोटी कड़ी।
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आरोपी का सीहोर में एडमिशन
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि शुभम खैरनार ने 2021 में सीहोर की श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी में आयुर्वेद चिकित्सा कोर्स में एडमिशन लिया था। जैसे ही यह जानकारी सामने आई सीहोर में चर्चाएं शुरू हो गईं।
स्थानीय लोग सवाल उठाने लगे हैं कि क्या आरोपी का विश्वविद्यालय से कोई खास संपर्क था? क्या उसने यहां पर किसी नेटवर्क को तैयार किया था? इन सवालों ने इस मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन ने दी सफाई
मामला बढ़ते देख विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत सफाई दी है। कुलगुरु मुकेश तिवारी ने साफ कहा कि शुभम खैरनार ने विश्वविद्यालय में दाखिला तो लिया था। इसके बाद वह कभी भी परिसर में नहीं आया।
उन्होंने यह भी बताया कि शुभम ने आज तक किसी भी परीक्षा में हिस्सा नहीं लिया। न ही किसी शैक्षणिक गतिविधि में शामिल हुआ। विश्वविद्यालय प्रशासन ने खुद को इस पूरे मामले से अलग किया है। कहा है कि वे जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देंगे।
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परीक्षा रद्द होने से गुस्से और नाराजगी का माहौल
जानकारी के अनुसार नीट-यूजी 2026 परीक्षा में इस साल 22 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया था। डॉक्टर बनने का सपना लेकर मेहनत करने वाले छात्रों के लिए पेपर लीक की खबर किसी बड़े सदमे से कम नहीं थी। परीक्षा रद्द होने की खबर ने पूरे देश में गुस्से और नाराजगी का माहौल बना दिया है।
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CBI को सौंपी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। अब एजेंसियां यह पता लगाने में लगी हैं कि पेपर लीक का नेटवर्क कितना बड़ा है।
इसमें किस-किस राज्य के लोग शामिल हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि शुभम खैरनार की गिरफ्तारी इस पूरे रैकेट का सिर्फ पहला कदम हो सकता है। आने वाले दिनों में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।