नेहा पच्चीसिया केस में SIT की जांच, जेल में आरोपियों से पूछताछ
समझें क्या है पूरा मामला
- SIT ने जेल में आकाश और रमेश लोधी के बयान दर्ज किए।
- चार दिन से सील CSP कार्यालय SIT की मौजूदगी में खोला गया।
- फाइल, रजिस्टर और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच हुई।
- चार्जशीट समय पर पेश नहीं होने और जमीन सौदे की वजह जांची जा रही है।
- नेहा पच्चीसिया और क्षितिज की जमानत सुनवाई अब 29 अगस्त को होगी।
कटनी की पूर्व CSP नेहा पच्चीसिया से जुड़े जमीन सौदा मामले में जांच तेज हो गई है। जबलपुर से पहुंची SIT ने सोमवार को जिला जेल में बंद आरोपियों से पूछताछ की। ASP अंजना तिवारी के नेतृत्व में टीम ने कोर्ट की अनुमति से आकाश लोधी और रमेश लोधी के बयान दर्ज किए। दोनों हत्या मामले में जेल में बंद हैं। SIT अब इन बयानों का मिलान केस में मिले दस्तावेजों से करेगी। टीम तकनीकी साक्ष्यों और दूसरे बयानों से भी इसकी जांच करेगी।
चार दिन बाद खुला CSP का सील कार्यालय
जांच के बीच नेहा पच्चीसिया का सील कार्यालय भी खोला गया। SIT की मौजूदगी में मंगलवार को कार्यालय खोला गया। टीम ने वहां रखी फाइलों और रजिस्टरों की जांच की। इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में लिए गए हैं। टीम यह देख रही है कि जमीन सौदे से जुड़ा कोई रिकॉर्ड वहां है या नहीं। हत्या मामले से जुड़े पत्राचार की भी तलाश की गई। संदिग्ध सामग्री मिलने पर उसे जब्त किया जा सकता है।
CCTV फुटेज से बनेगी पूरे मामले की टाइमलाइन
SIT अब CCTV फुटेज को भी अहम साक्ष्य मानकर जांच कर रही है। टीम अलग-अलग स्थानों के कैमरों की रिकॉर्डिंग जुटा रही है। इससे आरोपियों की आवाजाही और मुलाकातों की जानकारी मिल सकती है। फुटेज को गवाहों के बयानों से मिलाया जाएगा। इसका मकसद घटनाओं की सही टाइमलाइन तैयार करना है। जांच टीम यह भी देखेगी कि बताई गई मुलाकातें वास्तव में हुई थीं या नहीं।
डिफॉल्ट जमानत की वजह भी जांच के केंद्र में
जांच में हत्या आरोपियों को मिली डिफॉल्ट बेल भी अहम मुद्दा है। आरोपियों को समय पर चालान पेश नहीं होने से यह राहत मिली थी। SIT अब इसकी पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही है। टीम यह पता लगा रही है कि चालान तैयार होने के बावजूद समय पर क्यों नहीं लगा। यह भी देखा जा रहा है कि इसमें किसी की भूमिका थी या नहीं। जमीन सौदे से इसका कोई संबंध था या नहीं, इसकी भी जांच होगी।
जमीन के नामांतरण से लेकर भुगतान तक जांच
SIT जमीन सौदे से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच कर रही है। इसमें रजिस्ट्री और नामांतरण के रिकॉर्ड शामिल हैं। जमीन की कीमत और भुगतान के तरीके को भी देखा जा रहा है। बैंक खातों से हुए लेनदेन की कड़ियां भी जांची जा रही हैं। जांच टीम यह पता करना चाहती है कि जमीन सौदा किन परिस्थितियों में हुआ। इसमें किन लोगों की भूमिका रही, यह भी जांच का हिस्सा है।
पुराने गवाहों से फिर हो सकती है पूछताछ
जेल में दर्ज बयानों के बाद जांच का अगला कदम भी तय किया जा रहा है। SIT पहले बयान दे चुके गवाहों को फिर बुला सकती है। जमीन सौदे और नामांतरण को लेकर उनके बयान जांचे जाएंगे। पुलिस कार्रवाई को लेकर दिए गए बयानों का भी मिलान होगा। बयान में विरोधाभास मिलने पर संबंधित लोगों से फिर सवाल किए जा सकते हैं।
FIR के बाद नेहा पर पहले ही हो चुका है बड़ा एक्शन
इस मामले में जांच रिपोर्ट के बाद नेहा पच्चीसिया समेत तीन लोगों पर FIR हुई थी। दूसरे आरोपी क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी हैं। FIR में BNS की धारा 61, 198, 199(बी), 308(7) और 318(4) लगाई गई हैं। आरोप जमीन सौदे में साजिश और धोखाधड़ी से जुड़े हैं। नेहा को DIG ऑफिस जबलपुर अटैच किया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव के संज्ञान लेने के बाद उन्हें निलंबित किया गया। उनका कटनी CSP कार्यालय भी सील किया गया था।
पांच पुलिसकर्मी भी हो चुके निलंबित
जांच के दौरान पांच पुलिसकर्मियों (MP Police) पर भी कार्रवाई हुई है। इनमें दो सब-इंस्पेक्टर शामिल हैं। CSP के रीडर, ड्राइवर और गनमैन भी निलंबित हुए हैं। सभी को लाइन अटैच किया गया है। विभागीय जांच भी शुरू की गई है। पुलिस यह पता लगा रही है कि इनकी भूमिका मामले में क्या रही।
जमीन की कीमत और 15 लाख का बैंक ट्रेल अहम
पुलिस जांच में कन्हवारा की जमीन की गाइडलाइन कीमत करीब 82.86 लाख मिली थी। शिकायत में सौदा 1.07 करोड़ रुपए में तय होने का दावा है। जमीन मालिक को केवल 15 लाख रुपए मिलने का आरोप है। जांच में खरीददार मारूफ के खाते में रजिस्ट्री वाले दिन 15 लाख आए। इसमें 10 लाख और 5 लाख रुपए अलग-अलग खातों से आए थे। जांच रिपोर्ट में ये खाते क्षितिज राज से जुड़े बताए गए हैं।
नेहा और क्षितिज की जमानत पर अब 29 अगस्त को सुनवाई
नेहा पच्चीसिया और क्षितिज राज ने अग्रिम जमानत मांगी है। दोनों ने कटनी जिला अदालत (Katni News) में अलग-अलग आवेदन दिए थे। इन आवेदनों की सुनवाई 25 अगस्त को होनी थी। अब यह सुनवाई 29 अगस्त तक टल गई है। कोर्ट ने केस डायरी तलब की थी। शासन ने जवाब के लिए समय मांगा है। इसलिए सुनवाई आगे बढ़ाई गई है।
अब 29 अगस्त की सुनवाई पर टिकी नजर
जमानत की सुनवाई टलने के बाद SIT जांच और अहम हो गई है। जेल में दर्ज बयान अब केस की दिशा प्रभावित कर सकते हैं। CCTV और कार्यालय रिकॉर्ड की जांच भी जारी है। जमीन सौदे और डिफॉल्ट बेल के बीच संबंध तलाशा जा रहा है। 29 अगस्त को कोर्ट के सामने केस डायरी और शासन का पक्ष रहेगा। इसी सुनवाई में नेहा और क्षितिज की अग्रिम जमानत पर आगे की स्थिति साफ होगी।
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