भोपाल-देवास रोड होगी 6 लेन, जहां ट्रैफिक ओवर लोड वहां बनेंगे ओवर ब्रिज

Sourabh Bhatnagar | Apr 18, 2025, 12:32 IST
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मध्यप्रदेश सरकार ने भोपाल-देवास (SH-28) रोड के पुनर्वास और विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह 140 किलोमीटर लंबी सड़क को 4-लेन से 6-लेन में परिवर्तित किया जाएगा, जिससे राज्य की कनेक्टिविटी में सुधार होगा

MP News :मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार ने भोपाल-देवास (SH-28) रोड के पुनर्वास और डवलपमेंट की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह परियोजना 140 किलोमीटर लंबी सड़क को 4-लेन से 6-लेन में परिवर्तित करेगी और इसमें पावड शोल्डर (Paved Shoulder) भी शामिल होंगे। इस कदम से न केवल राज्य की कनेक्टिविटी में सुधार होगा, बल्कि व्यवसायिक गतिविधियों को भी नई दिशा मिलेगी।



जानें परियोजना का पृष्ठभूमि

कुबरेश्वर धाम पर बनेगा फ्लाईओवर

भोपाल 6 लेन प्रोजेक्ट के तहत, कुबरेश्वर धाम (Sehore) में फ्लाईओवर और सर्विस रोड का निर्माण किया जाएगा। इससे यातायात की रुकावटों को कम किया जाएगा और लोगों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। यह फ्लायओवर परियोजना को और भी महत्वपूर्ण बनाता है, क्योंकि यह क्षेत्र में होने वाली ट्रैफिक जाम की समस्याओं को हल करेगा।



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परियोजना से 40 लाख लोगों को होगा लाभ

यह परियोजना भोपाल, देवास, सीहोर, आष्टा, सोनकच्छ और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लगभग 40 लाख लोगों को लाभ पहुंचाएगी। इससे किसानों को मंडियों और बाजारों तक बेहतर पहुंच प्राप्त होगी, जिससे उनके आर्थिक स्तर में सुधार हो सकता है। इसके साथ ही, इससे व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी और विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी।



नौकरियों और विकास के अवसर

यह परियोजना न केवल राज्य की सड़कों को उन्नत करेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न करेगी। सड़क के पुनर्वास और निर्माण कार्य के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिकों की आवश्यकता होगी, जिससे रोजगार में वृद्धि होगी और स्थानीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।



BOT (Toll) मॉडल का महत्व

इस परियोजना को BOT (Toll) मॉडल पर लिया जाएगा। इसके तहत राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच सहयोग से परियोजना की लागत साझा की जाएगी। यह मॉडल परियोजना को समय पर पूरा करने में मदद करेगा और इससे सुनिश्चित किया जाएगा कि इसका सही तरीके से संचालन किया जाए।



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क्या होता है पावड शोल्डर (Paved Shoulder)?

पावड शोल्डर सड़क के किनारे का वह हिस्सा होता है जो मुख्य सड़क से जुड़ा होता है, लेकिन इसका उद्देश्य मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही के लिए नहीं होता। इसे खासकर वाहनों के रुकने, आपातकालीन स्थिति में या सड़कों के किनारे से गुजरने वाले वाहनों के लिए डिज़ाइन किया जाता है। यह सड़क की सुरक्षा बढ़ाता है और दुर्घटनाओं को कम करने में मदद करता है।



FAQ

  1. भोपाल-देवास 6-लेन सड़क से किसे लाभ होगा?
    इस परियोजना से भोपाल, देवास, सीहोर, आष्टा, सोनकच्छ और आसपास के क्षेत्रों के 40 लाख लोग लाभान्वित होंगे। इसके अलावा, किसानों को बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलेगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
  2. पावड शोल्डर (Paved Shoulder) का उद्देश्य क्या है?
    पावड शोल्डर मुख्य सड़क के किनारे स्थित वह क्षेत्र है, जहां वाहनों के रुकने या आपातकालीन स्थिति में वाहन को सुरक्षित तरीके से खड़ा किया जा सकता है। यह सड़क की सुरक्षा को बढ़ाता है और दुर्घटनाओं को कम करता है।
  3. कुबरेश्वर धाम पर फ्लायओवर निर्माण का क्या महत्व है?
    कुबरेश्वर धाम पर फ्लायओवर और सर्विस रोड का निर्माण यातायात की रुकावटों को कम करेगा और लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध कराएगा। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान होगा।

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