भोपाल से जुड़े NHM में भर्ती फर्जीवाड़े के तार, फर्जी डॉक्टर महीनों से कर रहे थे इलाज
News in Short
- NHM में फर्जी डॉक्टरों की नियुक्ति का घोटाला।
- रीवा और ग्वालियर मेडिकल कॉलेजों की फर्जी डिग्रियों पर हुई थी नियुक्ति।
- भोपाल में छिपे फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड को दबोचकर की जा रही पूछताछ।
- पुलिस को पूछताछ में 22 से ज्यादा फर्जी नियुक्तियों की जानकारी मिली।
- फर्जी डिग्री के सहारे नियुक्ति फर्जीवाड़े की NHM से जुड़ सकती हैं कड़ियां ।
News in Detail
नेशनल हेल्थ मिशन NHM में फर्जी डिग्री के सहारे संविदा डॉक्टरों की नौकरी दिलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने भोपाल से गिरोह के मुख्य आरोपी हीरा कौशल और उसके 6 साथियों को हिरासत में लिया है। मास्टर माइंड हीरा कौशल भोपाल का रहने वाला है। उसने पूछताछ में 22 लोगों को MBBS की फर्जी डिग्री के सहारे कई जिलों के संजीवनी क्लीनिक में नियुक्ति दिलाने की बात कबूल की है। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ग्वालियर निवासी संदीप मालवीय को भी पुलिस ने पकड़ा है।
मोबाइल हिस्ट्री में छिपे राज
दमोह के संजीवनी क्लीनिक के फर्जी डॉक्टर के पकड़े जाने के बाद पुलिस अब फर्जीवाड़े की परतें खोल रही है। मास्टरमाइंड हीरा कौशल से पूछताछ में सामने आई जानकारी के बाद पुलिस अब उसके मोबाइल का डेटा खंगाल रही है। पुलिस को मोबाइल फोन की कॉल हिस्ट्री और वॉट्सएप डेटा में कई राज छिपे होने का अंदेशा है। हीरा कौशल के साथ ही पुलिस इस गिरोह से जुड़े छह अन्य लोगों से भी जानकारी जुटा रही है। ग्वालियर से संदीप मालवीय की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को बड़े खुलासे की उम्मीद है।
कई जिलों में कराई नियुक्ति
NHM द्वारा वॉक इन इंटरव्यू के जरिए संजीवनी क्लीनिकों में की गई डॉक्टरों की नियुक्ति संदेह के घेरे में आ गई है। हीरा कौशल से पूछताछ के बाद पुलिस को दमोह के अलावा सीहोर, शिवपुरी, विदिशा, जबलपुर सहित कई जिलों में फर्जी डिग्री से जरिए नियुक्ति दिलाने की बात पता चली है। इस गिरोह ने ग्वालियर और रीवा के मेडिकल कॉलेजों की फर्जी डिग्री बनाकर बेरोजगार युवकों को दी थीं। ऐसी ही फर्जी डिग्री के आधार पर शिवपुरी जिले की संजीवनी क्लीनिक के लिए भी डॉक्टर का चयन हुआ था। हांलाकि बाद में इस युवक ने आशंका के चलते क्लीनिक में ज्वाइनिंग नहीं दी।
फर्जीवाड़े से NHM में हड़कंप
संजीवनी क्लीनिकों में फर्जी डॉक्टरों की पोस्टिंग के खुलासे ने NHM के राज्य मुख्यालय में खलबली मचा दी है। राज्य मुख्यालय में वॉक इन इंटरव्यू और चयन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं राज्य स्तर पर नियुक्ति और जिलों में पोस्टिंग के दौरान दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर भी संदेह गहरा गया है। पुलिस गिरफ्त में आए युवकों से पूछताछ कर फर्जी डिग्री बनाने और संजीवनी क्लीनिकों में नियुक्ति दिलाने वाली कड़ियां जोड़ रही है।
लंबी हो रही फर्जी डॉक्टरों की लिस्ट
दमोह से शुरू हुई फर्जी डॉक्टरों के खुलासे की शुरूआत अब भी जारी है। पुलिस को अब तक प्रदेश के अलग- अलग जिलों में ऐसी 22 फर्जी नियुक्तियों का पता लगा है। हालांकि इनमें से कुछ संजीवनी क्लीनिक में संबंधित युवकों ने अपनी उपस्थिति ही दर्ज नहीं कराई है। जबकि 10 फर्जी डॉक्टरों की पोस्टिंग की बात सामने आ चुकी है। गिरोह के मास्टर माइंड हीरा कौशल से पूछताछ के बाद अधिकारी स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य मिशन से भी जानकारी जुटा रहे हैं।
FAQ
- NHM में फर्जी डॉक्टरों की नियुक्ति कैसे हुई?
हीरा कौशल गिरोह ने MBBS की फर्जी डिग्री के सहारे संजीवनी क्लीनिकों में नियुक्ति कराई। - अब तक कितनी फर्जी नियुक्तियां पकड़ी गईं?
पुलिस को अब तक 22 फर्जी नियुक्तियों का पता चला है, 10 की पोस्टिंग सामने आई और 3 पकड़े गए।
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