500 रुपए गिनते वीडियो आया सामने, महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर सस्पेंड

Sandeep Kumar | Sept 26, 2026, 13:59 IST
महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर सस्पेंड
निवाड़ी में आंगनवाड़ी भर्ती के दौरान रिश्वत लेते वीडियो के सामने आने पर सुपरवाइजर मनीषा झा को कलेक्टर ने निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही डीपीओ को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • निवाड़ी में महिला एवं बाल विकास सुपरवाइजर निलंबित हुईं।
  • मनीषा झा पर भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप है।
  • जांच में सामने आए वीडियो में रुपए गिनती दिखीं।
  • कलेक्टर जमुना भिड़े ने कार्रवाई के निर्देश दिए।
  • जिला कार्यक्रम अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी होगा।

निवाड़ी में महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर मनीषा झा को निलंबित कर दिया गया है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की भर्ती में गड़बड़ी मिलने पर यह कार्रवाई हुई। तीन दिन पहले उनका एक वीडियो सामने आया था। वीडियो में वो रिश्वत के तौर पर नोट गिनती दिखीं। जांच रिपोर्ट के बाद कलेक्टर जमुना भिड़े ने शुक्रवार शाम निलंबन का आदेश दिया।



वीडियो से मचा हड़कंप

मनीषा झा का एक वीडियो तीन दिन पहले सामने आया था। इसमें वो भर्ती से जुड़ी बातचीत के दौरान 500 रुपए के नोट गिनते दिखीं। वीडियो तेजी से लोगों के बीच फैल गया। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया।



कलेक्टर जमुना भिड़े ने तुरंत जांच के आदेश दिए। डिप्टी कलेक्टर को इस मामले की पूरी पड़ताल करने की जिम्मेदारी दी गई। जांच में भर्ती प्रक्रिया की बारीकी से समीक्षा की गई।



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जांच में क्या सामने आया

24 सितंबर 2026 को जांच रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्ट में मनीषा झा ने वीडियो को अपना स्वीकार किया। साथ ही यह भी सामने आया कि भर्ती प्रक्रिया में सरकारी नियमों का पालन नहीं हुआ। इस लापरवाही को गंभीरता से लिया गया।



जांच के आधार पर प्रशासन ने मनीषा झा को दोषी पाया। उन्हें काम में लापरवाही और अनुशासनहीनता का जिम्मेदार माना गया। इसके बाद निलंबन की प्रक्रिया शुरू हुई।



किन नियमों के तहत हुआ निलंबन

प्रशासन ने इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 का उल्लंघन माना। इसके बाद मध्यप्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम, 1966 के नियम 9 के तहत कार्रवाई हुई। मनीषा झा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।



निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय परियोजना अधिकारी कार्यालय, पृथ्वीपुर तय किया गया है। नियमानुसार उन्हें इस दौरान जीवन निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा। यह आम तौर पर ऐसे मामलों में लागू होने वाली प्रक्रिया है।



संभागायुक्त के निरीक्षण में भी मिलीं खामियां

इसी बीच संभागायुक्त सागर आईएएस दिलीप कुमार ने निवाड़ी का दौरा किया। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में विभाग की योजनाओं में लापरवाही सामने आई।



संभागायुक्त ने अधिकारियों से मैदानी स्तर पर चल रहे कामों की जानकारी ली। योजनाओं को लागू करने में देरी और अनियमितताएं देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिए।



डीपीओ को कारण बताओ नोटिस

निरीक्षण के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ – District Program Officer) विकास गुप्ता को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। उन पर कर्तव्यों के सही ढंग से निर्वहन न करने का आरोप है। उन्हें जल्द जवाब देना होगा।



संभागायुक्त ने साफ कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। ये योजनाएं सीधे महिलाओं और बच्चों से जुड़ी हैं। इनका लाभ हर पात्र हितग्राही तक पहुंचना जरूरी है।



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