OBC आरक्षण पर अंतिम सुनवाई दोपहर 12:30 से होगी शुरू, 3 दिन में निपटेगा 6 साल का विवाद
News in Short
- 27 अप्रैल से हाईकोर्ट में OBC आरक्षण केस की अंतिम सुनवाई शुरू।
- चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की डिवीजन बेंच कर रही सुनवाई।
- कुल 86 याचिकाएं एक साथ सुनवाई के लिए लिस्ट।
- 27, 28 और 29 अप्रैल को लगातार तीन दिन बहस तय।
- नए हस्तक्षेप (Intervention) अब कोर्ट स्वीकार नहीं करेगा।
News in detail
मध्यप्रदेश के बहुचर्चित OBC आरक्षण मामले में आज से निर्णायक सुनवाई शुरू हो रही है। जबलपुर हाईकोर्ट में तीन दिन तक लगातार इस केस पर विस्तृत बहस होगी। लाखों अभ्यर्थियों की निगाहें अब इस सुनवाई पर टिकी हैं।
अब शुरू होगी निर्णायक सुनवाई
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की मुख्य पीठ जबलपुर में OBC आरक्षण मामले की अंतिम सुनवाई सोमवार 27 अप्रैल से शुरू हो रही है। यह सुनवाई चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच में होगी। लंबे समय से लंबित इस मामले में अब कोर्ट अंतिम बहस की ओर बढ़ चुका है, जिससे साफ है कि फैसला अब ज्यादा दूर नहीं है।
86 याचिकाएं हुई लिस्ट, दोपहर 12:30 से सुनवाई
इस मामले में आशिता दुबे और लोकेंद्र गुर्जर की याचिकाओं सहित कुल 86 याचिकाएं सुनवाई के लिए लिस्ट की गई हैं। मामले की सुनवाई के लिए दोपहर 12:30 का समय तय कर दिया गया है।
कोर्ट पहले ही बता चुका है कि सभी पहलुओं पर एक साथ सुनवाई कर जल्द फैसला दिया जाएगा। इस मामले की सुनवाई के लिए तीन दिन का शेड्यूल फिक्स किया गया है। 27,28 और 29 अप्रैल को लगातार मामले की सुनवाई होगी।
नए हस्तक्षेप पर रोक, अब नहीं होगी देरी
कोर्ट पहले ही साफ कर चुका है कि अब इस मामले में किसी भी नए हस्तक्षेप आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा। पहले बार-बार इंटरवेंशन के कारण सुनवाई टलती रही, लेकिन अब कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रक्रिया को फास्ट-ट्रैक पर डाल दिया है। इसका सीधा असर यह होगा कि सुनवाई बिना किसी रुकावट के पूरी हो सकेगी।
फैसले पर टिका लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य
OBC आरक्षण को 14% से बढ़ाकर 27% किए जाने के बाद शुरू हुआ यह विवाद करीब 6 साल से कोर्ट में लंबित है। इसके कारण हजारों भर्तियां अटकी हुई हैं, बड़ी संख्या में अभ्यर्थी होल्ड पर हैं और लाखों उम्मीदवार अंतिम फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
अब जब अंतिम सुनवाई शुरू हो चुकी है, तो उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में यह बड़ा कानूनी और सामाजिक विवाद हमेशा के लिए सुलझ सकता है।
ये खबरें भी पढ़ें...
जबलपुर हत्याकांड : एक करोड़ की जमीन के लिए मामा ने करवाई थी इंजीनियर की हत्या, ऐसे रची खतरनाक साजिश
आबकारी दफ्तर में शराब ठेकेदार की गुंडागर्दी, अधिकारी को जान से मारने की धमकी
इंदौर में बिल्डर विवेक दम्मानी पर फायरिंग करने वाला था लॉरेंस गैंग, हो गई थी रेकी
शहडोल का शातिर चोर, 108 एम्बुलेंस को बनाया फ्री टैक्सी, ऐसे खुला मुन्नाभाई का राज