ओबीसी आरक्षण मामले की सुनवाई में आया तकनीकी रोड़ा, अब दोपहर 2:30 बजे होगी सुनवाई
मध्यप्रदेश के बहुचर्चित ओबीसी आरक्षण मामले में 27 अप्रैल से निर्णायक सुनवाई शुरू हो गई है। जबलपुर हाईकोर्ट में तीन दिन तक लगातार इस केस पर विस्तृत बहस होगी। लाखों अभ्यर्थियों की निगाहें अब इस सुनवाई पर टिकी हैं।
सुनवाई में नया तकनीकी पेंच
ओबीसी आरक्षण केस की सुनवाई में नया तकनीकी पेंच आ गया है। इसलिए मामला अब आज, दोपहर 2:30 बजे तक टल गया है।
बता दें कि आज, 28 अप्रैल की सुनवाई सुबह 11:15 बजे शुरू हुई थी। तभी पता चला, 52 में चार याचिकाएं लिस्ट नहीं हुई हैं। इनमें WP 866/2025, 496/2025, 606/2025 और 736/2025 शामिल हैं।
ओबीसी पक्ष के वकील वरुण ठाकुर ने बहस शुरू करने को कहा। लेकिन कोर्ट ने इसे तुरंत मानने से इनकार किया। कोर्ट बोला, पहले सभी पक्षों को नोटिस देना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और दस्तावेज भी देखने होंगे। इसी वजह से सुनवाई फिलहाल टाल दी गई।
लंबे समय से लंबित था मामला
यह सुनवाई चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच में हो रही है। लंबे समय से लंबित इस मामले में अब कोर्ट अंतिम बहस की ओर बढ़ चुका है, जिससे साफ है कि फैसला अब ज्यादा दूर नहीं है।
जल्द आएगा फैसला
इस मामले में आशिता दुबे और लोकेंद्र गुर्जर की याचिकाओं सहित कुल 86 याचिकाएं सुनवाई के लिए लिस्ट की गई हैं। मामले की सुनवाई के लिए दोपहर 12:30 का समय तय कर दिया गया है।
कोर्ट पहले ही बता चुका है कि सभी पहलुओं पर एक साथ सुनवाई कर जल्द फैसला दिया जाएगा। इस मामले की सुनवाई के लिए तीन दिन का शेड्यूल फिक्स किया गया है। 27,28 और 29 अप्रैल को लगातार मामले की सुनवाई होगी।
फैसले पर टिका लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य
OBC आरक्षण को 14% से बढ़ाकर 27% किए जाने के बाद शुरू हुआ यह विवाद करीब 6 साल से कोर्ट में लंबित है। इसके कारण हजारों भर्तियां अटकी हुई हैं, बड़ी संख्या में अभ्यर्थी होल्ड पर हैं और लाखों उम्मीदवार अंतिम फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
अब जब अंतिम सुनवाई शुरू हो चुकी है, तो उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में यह बड़ा कानूनी और सामाजिक विवाद हमेशा के लिए सुलझ सकता है।
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