ओंकारेश्वर में अनोखी पहल: ब्लड डोनेट करो, VIP पास पाओ, ऐसा पहली बार
समझें क्या है पूरा मामला
- ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में रक्तदान पर मुफ्त VIP दर्शन (omkareshwar darshan) मिलता है।
- यह देश का पहला ज्योतिर्लिंग है जहां ऐसी व्यवस्था लागू हुई।
- पांच महीने में 2,362 श्रद्धालु रक्तदान कर चुके हैं।
- खंडवा जिला ब्लड बैंक अब सरप्लस स्टॉक में आ गया है।
- यह मॉडल महाकाल, मैहर और अन्य धार्मिक स्थलों पर भी लागू होगा।
देश की पहली अनोखी पहल
मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग ने एक ऐसी योजना शुरू की है जो पूरे देश में अपनी तरह की पहली है। यहां blood donationकरने वाले श्रद्धालु को और उनके दो साथियों को निशुल्क VIP दर्शन का मौका मिलता है। इस पहल ने न सिर्फ भक्तों की लंबी कतार की समस्या सुलझाई, बल्कि जिले में खून की कमी भी दूर कर दी।
कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने इस आइडिया के बारे में बताया कि Omkareshwar Jyotirlinga Templeमें रोजाना 20 से 30 हजार श्रद्धालु आते हैं। शनिवार, रविवार और सोमवार को यह संख्या 50 हजार से भी ऊपर चली जाती है। दर्शन के लिए तीन से चार घंटे की लंबी कतार लगती है। इसी समस्या के हल के रूप में रक्तदान को vip darshan से जोड़ा गया है।
20 मिनट में हल होती है घंटों की परेशानी
Khandwaकलेक्टर के मुताबिक, कोई भी श्रद्धालु महज 20 मिनट में रक्तदान करके 3 से 4 घंटे की लंबी लाइन से बच सकता है। मंदिर के पास ही 5 बेड का रक्तदान कैंप लगाया गया है। रक्तदान के बाद डोनर को एक सर्टिफिकेट मिलता है। इसी सर्टिफिकेट के आधार पर उन्हें और उनके परिवार के दो सदस्यों को मंदिर (ओंकारेश्वर दर्शन) में VIP प्रवेश मिल जाता है। दर्शन के बाद प्रसाद और भगवान ओंकारेश्वर की तस्वीर भी दी जाती है।
पांच महीने में 2,362 रक्तदाता
यह योजना 24 फरवरी 2026 को ट्रायल के तौर पर शुरू हुई थी। शुरुआत में केवल मंगलवार और शनिवार को ओंकार प्रसादालय से इसे चलाया गया। अच्छे रिस्पॉन्स के बाद इसे रोज के लिए कर दिया गया। अभी यह व्यवस्था शांति निकेतन वृद्धाश्रम से संचालित हो रही है।
जिला ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. अतुल माने ने बताया कि फरवरी से 27 जून तक 2,300 से ज्यादा यूनिट रक्त जमा हो चुका है। रोजाना 40 से 50 यूनिट ब्लड इकट्ठा किया जा रहा है। डॉ. माने कहते हैं, "एक ओर श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर रहे हैं। दूसरी ओर, उनका रक्त किसी जरूरतमंद के लिए जीवनदान बन रहा है।"
ब्लड बैंक पहले से सरप्लस में आया
खंडवा में मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद वहां हर महीने 1,200 यूनिट ब्लड की जरूरत थी। लेकिन पहले इसका सिर्फ आधा ही जुटाया जा पाता था। इस योजना ने वह कमी पूरी कर दी। अब जिला ब्लड बैंक सरप्लस स्टॉक में आ गया है। बढ़ते स्टॉक को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में अलग ब्लड बैंक बनाने की योजना पर भी काम शुरू हो गया है।
रक्तदान के बाद डोनेट की गई सभी यूनिट्स को विशेष फ्रीजर में रखा जाता है। एक-दो दिन बाद वैन से खंडवा जिला चिकित्सालय स्थित ब्लड बैंक पहुंचाई जाती हैं। पूरे प्रदेश के जिला ब्लड बैंकों का एक व्हाट्सऐप (WhatsApp) ग्रुप बना है। स्वास्थ्य विभाग की डिप्टी डायरेक्टर (Deputy Director) रूबी खान जरूरत पड़ने पर संबंधित जिले को रक्त उपलब्ध कराने के निर्देश देती हैं।
रक्तदान से पहले यह जरूर जानें
रक्तदान करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। खाली पेट रक्तदान न करें, नाश्ता या भोजन करके ही जाएं। रजिस्ट्रेशन फॉर्म में आधार नंबर और मोबाइल नंबर देना होगा। डोनर की उम्र 18 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए और वजन कम से कम 45 किलो होना जरूरी है। ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) 120/80 mmHg के आसपास होना चाहिए। अगर कोई बीमारी या दवा चल रही हो तो डॉक्टर को जरूर बताएं। रक्तदान के बाद 15 से 20 मिनट आराम कराया जाता है और फल, जूस, बिस्किट, ORS (Oral Rehydration Solution) या एनर्जी ड्रिंक दी जाती है।
सावन में और बड़ी होगी व्यवस्था
एसडीएम (Sub Divisional Magistrate) पंकज वर्मा के अनुसार सावन महीने में रक्तदाताओं की संख्या और बढ़ेगी। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं। फिलहाल एक साथ 12 श्रद्धालुओं के रक्तदान की व्यवस्था है और दिनभर में 70 से 80 लोग रक्तदान कर सकते हैं। ड्यूटी पर 7 लोगों की टीम रहती है, जिसमें ब्लड बैंक के 3 टेक्नीशियन, एक सुपरवाइजर, दो मंदिर कर्मचारी और एक नर्सिंग स्टाफ शामिल हैं।
घर बैठे मिलेगा महाप्रसाद
ओंकारेश्वर मंदिर (Omkareshwar Jyotirlinga Temple of Madhya Pradesh) की एक और बड़ी पहल सामने आई है। अब बाबा ओंकार का लड्डू महाप्रसाद घर बैठे मंगाया जा सकेगा। भारतीय डाक विभाग के जरिए यह प्रसाद पूरे देश में भेजा जाएगा। श्रद्धालु मंदिर की वेबसाइट पर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। प्रसाद के साथ शिव चालीसा, रुद्राक्ष और मंदिर दर्शन कार्ड भी निशुल्क भेजा जाएगा। मंदिर परिसर में डाक विभाग का अलग काउंटर भी जल्द शुरू होगा।
यह मॉडल अब महाकाल उज्जैन, मैहर, ओरछा और दतिया के पीताम्बरा पीठ जैसे बड़े धार्मिक स्थलों पर भी लागू किया जाएगा। अगर ऐसा हुआ तो पूरे मध्यप्रदेश में ब्लड की कमी की समस्या काफी हद तक सुलझ सकती है।
FAQ
- ओंकारेश्वर में रक्तदान करने पर क्या मिलता है?
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में रक्तदान करने वाले श्रद्धालु और उनके दो साथियों को निशुल्क VIP दर्शन का मौका मिलता है। रक्तदान के बाद सर्टिफिकेट दिया जाता है जिससे मंदिर में VIP प्रवेश मिलती है। दर्शन के बाद प्रसाद और भगवान ओंकारेश्वर की तस्वीर भी दी जाती है। यह पूरी प्रक्रिया करीब 20 मिनट में पूरी हो जाती है जिससे 3 से 4 घंटे की लंबी लाइन से बचा जा सकता है। - ओंकारेश्वर रक्तदान VIP दर्शन योजना कब शुरू हुई?
यह योजना 24 फरवरी 2026 को ट्रायल के रूप में शुरू हुई थी। शुरुआत में केवल मंगलवार और शनिवार को यह सुविधा मिलती थी। अच्छे परिणाम देखकर इसे रोजाना के लिए लागू कर दिया गया। पांच महीने में 2,362 श्रद्धालु रक्तदान कर चुके हैं और रोजाना 40 से 50 यूनिट ब्लड जमा हो रहा है। - ओंकारेश्वर में रक्तदान के लिए क्या योग्यता चाहिए?
रक्तदाता की उम्र 18 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए। वजन कम से कम 45 किलो होना जरूरी है। ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg के आसपास होना चाहिए। पंजीयन फॉर्म में आधार नंबर और मोबाइल नंबर देना अनिवार्य है। रक्तदान से पहले खाना या नाश्ता जरूर करें। कोई बीमारी या दवा चल रही हो तो डॉक्टर को बताना होगा। अंतिम निर्णय जांच के बाद डॉक्टर लेते हैं।
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