राम मंदिर चंदा विवाद के बाद आई सामने ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की दान व्यवस्था

Aman Vaishnav | Jun 23, 2026, 10:30 IST
Share
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की दान व्यवस्था
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की दान व्यवस्था

अयोध्या राम मंदिर में चोरी के बाद मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की दान व्यवस्था भी चर्चा में है। मंदिर में हर साल करीब 70 करोड़ रुपए से ज्यादा का दान आने का अनुमान है। साथ ही मंदिर में हर दिन 25 से 30 हजार भक्त आते हैं।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • हाल ही में अयोध्या राम मंदिर में दान चोरी की घटना सामने आई है।
  • इस घटना ने सनातन धर्म से जुड़े लोगों को चिंता में डाल दिया है।
  • मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर भी बड़ा दान केंद्र है।
  • मंदिर प्रशासन का दावा है कि यहां दान में पहले से ही पारदर्शिता बरती जाती है।
  • नकद राशि की गिनती एसडीएम के सामने वीडियोग्राफी से होती है।
अयोध्या में हुई दान चोरी की खबर ने पूरे देश को चौंका दिया है। मंदिरों में चढ़ने वाली राशि की सुरक्षा अब बड़ा सवाल बन गई है। ऐसे में मध्य प्रदेश के मशहूर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर का सिस्टम भी सामने आ रहा है। यह मंदिर खंडवा जिले में नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यहां हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।

omkareshwar-jyotirlinga_1695286404-683962
omkareshwar-jyotirlinga_1695286404-683962


हर साल करोड़ों का दान

बता दें कि ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट दान की सही राशि सार्वजनिक नहीं करता है। फिर भी अनुमान है कि मंदिर को सालाना 70 करोड़ रुपए से ज्यादा का दान मिलता है। यह राशि कई माध्यमों से आती है।

सबसे ज्यादा कमाई ऑनलाइन शीघ्र दर्शन व्यवस्था से होती है। इसके बाद प्रसादालय और लड्डू की बिक्री से भी अच्छी आमदनी होती है। श्रद्धालु दान पेटी में नकद राशि भी डालते हैं।

दर्शन करने आए भक्त सिर्फ नकद ही नहीं चढ़ाते। कई बार सोना-चांदी के आभूषण और सिक्के भी दान पेटी में मिलते हैं। मंदिर ट्रस्ट ने इन सभी को सुरक्षित रखने का अलग इंतजाम किया है।

one-day-indore-to-omkareshwar-jyotirlinga-sightseeing-tour-package-private-car-header.jpg-342838
one-day-indore-to-omkareshwar-jyotirlinga-sightseeing-tour-package-private-car-header.jpg-342838


कैसे होती है दान की गिनती

जानकारी के अनुसार मंदिर में आने वाली नकद राशि की गिनती मनमाने तरीके से नहीं होती है। यह काम सप्ताह में दो बार मंगलवार और शुक्रवार को होता है। दोनों दिन एसडीएम की मौजूदगी में गिनती की जाती है। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाती है। इससे किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहती है।

मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन दान की सुविधा भी शुरू कर रखी है। जो लोग मंदिर नहीं आ सकते, वे घर बैठे भी दान दे सकते हैं। इससे नकद के झंझट से भी राहत मिलती है।

49dbe3da-ff4
49dbe3da-ff4


2024 में लीक हुआ था आय का ब्योरा

मंदिर की कुल आय का आंकड़ा आमतौर पर सार्वजनिक नहीं होता है। वहीं साल 2024 में यह स्थिति थोड़ी बदल गई थी। मंदिर के आय-व्यय का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।

इस पत्र के मुताबिक मंदिर की आय लगभग 33 करोड़ रुपए थी। हालांकि मंदिर प्रशासन ने इस आंकड़े पर खुलकर कुछ नहीं कहा।

उज्जैन महाकाल मंदिर में हुए विकास कार्यों के बाद ओंकारेश्वर में भी भीड़ बढ़ी है। उज्जैन का महाकाल लोक बनने के बाद से यहां श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।

आमतौर पर रोजाना 25 से 30 हजार लोग दर्शन करने आते हैं। पूर्णिमा, अमावस और शनिवार-रविवार को यह संख्या दोगुनी से तिगुनी हो जाती है।

29_06_2023-mahakal_lok_ujjain_mp_2023629_95516-751275
29_06_2023-mahakal_lok_ujjain_mp_2023629_95516-751275


ऑनलाइन बुकिंग से रोज लाखों की कमाई

शीघ्र दर्शन की सुविधा मंदिर ट्रस्ट के लिए आय का बड़ा जरिया है। रोजाना लगभग दो हजार स्लॉट इस सुविधा के लिए बुक किए जाते हैं। हर स्लॉट के लिए श्रद्धालु से 300 रुपए लिए जाते हैं। इस हिसाब से सिर्फ शीघ्र दर्शन से रोज करीब छह लाख रुपए की कमाई होती है।

प्रसादालय से भी ट्रस्ट को अच्छी आय होती है। यहां सिर्फ 30 रुपए में भोजन प्रसादी परोसी जाती है। रोजाना पांच हजार से ज्यादा लोग यहां भोजन करते हैं। यह सुविधा खासतौर पर दूर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी है।

633da197-7d6
633da197-7d6


कलेक्टर ने क्या कहा

खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने मंदिर के दान सिस्टम पर अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि ओंकारेश्वर मंदिर में अधिकतर दान ऑनलाइन माध्यम से ही आता है। जो नकद राशि आती है, उसकी गिनती में भी पूरी पारदर्शिता रखी जाती है।

कलेक्टर ने बताया कि दान देने वाले को मंदिर ट्रस्ट की ओर से रसीद भी दी जाती है। अगर कोई श्रद्धालु आयकर छूट के लिए प्रमाण पत्र मांगता है, तो वह भी उपलब्ध कराया जाता है।

कलेक्टर के इस बयान से साफ है कि मंदिर प्रशासन अयोध्या जैसी घटना को लेकर सतर्क है। मंदिर ट्रस्ट यह दिखाना चाहता है कि उनके यहां दान की हर प्रक्रिया पहले से पारदर्शी है।

ये खबरें भी पढ़िए...

ओरछा रामराजा मंदिर खजाना केस 9 साल बाद भी अधूरा, पूर्व क्लर्क की FIR रद्द

अयोध्या राम मंदिर घोटाला, 17 गुना महंगी जमीन खरीद और चढ़ावे पर SIT ने खोला राज

राम मंदिर चंदा चोरी विवाद: करोड़ों हिंदुओं की आस्था से हुई बेईमानी, कौन है जिम्मेदार?

MP के प्रमुख मंदिरों में डिजिटली देना होगा दान, राम मंदिर विवाद के बाद फैसला

Tags:
  • अयोध्या राम मंदिर
  • उज्जैन महाकाल मंदिर
  • सनातन धर्म
  • उज्जैन का महाकाल लोक
  • ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर
  • ओंकारेश्वर मंदिर
  • खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा