नमाज के लिए भोजशाला के पास दो सर्वे नंबर या निजी जमीन देने का आदेश
धार भोजशाला के पास जमीन की मांग कर रहे मुस्लिम पक्ष की याचिका पर गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें दो सर्वे नंबर 596 व 611 बताए गए जो भोजशाला करीब है। वहीं मुस्लिम पक्ष ने फिर से खिलजी दरगाह के पास जमीन देने की मांग रखी। इस पर शासन पक्ष द्वारा कानून-व्यवस्था का हवाला दिया गया।
यह दो सर्वे नंबर बताए गए
जिला प्रशासन द्वारा दो सर्वे नंबर भोजशाला के पास बताए गए हैं। इसमें एक सर्वे नंबर 596 और दूसरा 611 बताया जा रहा है। यह भोजशाला के पास है। मोटे तौर पर सर्वे नंबर 596 देने की बात उठी है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह दिए आदेश
जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि मुस्लिम पक्ष और सभी की सहमति से इन सर्वे नंबर या पास के किसी भी निजी जमीन को अधिग्रहित करते हुए जुमे की नमाज के लिए दोपहर 1 से तीन बजे तक यह जमीन उपलब्ध कराई जाए और प्रशासन इसकी व्यवस्थाएं कराए।
बताया जा रहा है कि अब गुरुवार शाम को ही जिला प्रशासन के साथ ही मुस्लिम व अन्य पक्षों की बैठक हो सकती है और इसमें जमीन को लेकर फैसला कर लिया जाएगा। इससे शुक्रवार की नमाज की अदा हो सकेगी।
धार्मिक अधिकार नहीं रोके जा सकते: जस्टिस बागची
सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि धार्मिक अधिकार मौजूद हैं... कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य का संवैधानिक दायित्व है। सिर्फ कानून-व्यवस्था की आशंका के आधार पर लोगों के धार्मिक अधिकार नहीं रोके जा सकते।
कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर भविष्य में दोनों पक्ष आपसी सहमति से कोई दूसरा उपयुक्त स्थान तय कर लेते हैं, तो उस पर भी कोई रोक नहीं होगी। यह आदेश मुस्लिम पक्ष की उस याचिका पर आया, जिसमें हाईकोर्ट के फैसले के बाद शुक्रवार की नमाज के लिए भोजशाला के पास वैकल्पिक स्थान उपलब्ध हुआ
इसके पहले 40 पीर की जगह देखी थी
इसके पहले सुप्रीम कोर्ट के 17 जुलाई को आए लिखित आदेश के बाद प्रशासन ने 40 पीर जगह देखी थी। लेकिन मुस्लिम पक्ष ने इसे दूर बताते हुए नमाज करने से मना कर दिया था। इसके बाद से ही जमीन कोे लेकर असमंजस था।
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