रील के चस्के ने बना दिया शूटर, दिल्ली को दहलाने की रची साजिश
News In Short
- पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने ग्वालियर के युवाओं को शूटर बनाया है।
- सोशल मीडिया पर हथियारों की रील दिखाकर दोनों को फंसाया गया था।
- अहमदाबाद में पिस्टल देकर मोहाली में फायरिंग का टास्क दिया गया था।
- दिल्ली के एक होटल में ग्रेनेड ब्लास्ट करवाने की भी योजना थी।
- दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने दोनों युवाओं को गिरफ्तार कर लिया।
News In Detail
ग्वालियर में कुछ युवाओं को हथियार दिखाकर रील बनाने का शौक था। इसी शौक ने उन्हें एक खतरनाक जाल में फंसा दिया। डबरा निवासी विवेक बंजारा (19) और करहिया निवासी राजवीर सिंह (21) इसी चक्कर में आ गए। दोनों अब पुलिस की गिरफ्त में हैं।
राजवीर को हथियारों के साथ रील बनाने की आदत थी। पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी की नजर इसी रील पर पड़ी। भट्टी ने राजवीर को लग्जरी लाइफ और गैंग की ताकत दिखाकर अपने जाल में फंसाया। फेसबुक पर राणा भाई नाम के एक शख्स ने राजवीर से संपर्क किया और उसे कनाडा भेजने का सपना दिखाया।
अहमदाबाद से मिला हथियार
भट्टी के इशारे पर राजवीर को 09 अप्रैल को अहमदाबाद बुलाया गया। वहां उसे पांच हजार रुपए नकद और एक पिस्टल के साथ 20 राउंड गोलियां दी गईं। इसके बाद राजवीर को विवेक बंजारा का साथ भी मिला।
दोनों को जीरकपुर (मोहाली) भेजा गया। वहां एक आइटी (IT) कंपनी के मालिक पर फायरिंग करनी थी, जो एक क्लब भी चलाते थे। वहीं, पिस्टल खराब निकली और गोली नहीं चली। दोनों ने वहां मौजूद रहने का वीडियो बनाकर भट्टी को भेज दिया। वापसी में अमृतसर के पास इन्हें एक और पिस्टल और छह राउंड गोलियां थमाई गईं।
दिल्ली में था होटल ब्लास्ट का मिशन
खुफिया एजेंसियों की जानकारी के मुताबिक, इन दोनों शूटरों को दिल्ली के एक होटल पर फायरिंग और ग्रेनेड ब्लास्ट का फरमान मिला था। यह कोई छोटी वारदात नहीं थी। इससे पहले कि वे कोई बड़ी घटना को अंजाम देते, दिल्ली पुलिस हरकत में आ गई।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (Special Cell) और खुफिया एजेंसियों ने मिलकर इस मॉड्यूल को तोड़ा। पुलिस ने राजवीर को दिल्ली के काले खां इलाके से दबोचा। विवेक बंजारा को भी घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। दोनों की गिरफ्तारी ने देश की सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं।
कौन है शहजाद भट्टी?
शहजाद भट्टी पाकिस्तान का एक बड़ा अंडरवर्ल्ड अपराधी है। वह अभी दुबई और पाकिस्तान से अपना साम्राज्य चला रहा है। उसका सीधा संबंध आईएसआई (ISI - Inter-Services Intelligence) से बताया जाता है। वह भारत में टेरर फंडिंग (Terror Funding) और टारगेट किलिंग के लिए युवाओं को भर्ती कर रहा है।
भट्टी पाकिस्तान के बड़े डॉन खालिद की राइट हैंड माना जाता है। सोशल मीडिया उसका सबसे बड़ा हथियार बन गया है। वह इंस्टाग्राम और फेसबुक पर युवाओं को ढूंढता है। उन्हें लग्जरी लाइफ और विदेश जाने का लालच देकर अपना मोहरा बनाता है।
सोशल मीडिया बना भर्ती का अड्डा
यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि भट्टी ने किसी मदरसे या बॉर्डर एरिया का सहारा नहीं लिया। उसने सीधे सोशल मीडिया को अपना हथियार बनाया। एक आम युवा जो सिर्फ रील बनाता था, वो हाइब्रिड शूटर बनाया जा रहा था। यह नया और खतरनाक ट्रेंड है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और खुफिया एजेंसियों के इस संयुक्त ऑपरेशन ने बड़ी साजिश को वक्त रहते नाकाम किया। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के और भी मॉड्यूल सक्रिय हो सकते हैं।
डबरा से दिल्ली तक का खतरनाक सफर
यह पूरा मामला बताता है कि छोटे शहरों के युवा किस तरह निशाने पर हैं। डबरा और करहिया जैसे छोटे कस्बों से शुरू हुई यह कहानी अहमदाबाद, मोहाली और दिल्ली तक पहुंची। बीच में पाकिस्तान से फरमान आते रहे और भारत के युवा बिना सोचे समझे पैसे और सपनों के लालच में उन्हें पूरा करते रहे।
पुलिस ने जब इन दोनों को पकड़ा, तो जो खुलासे हुए उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को हिला दिया। भट्टी का नेटवर्क अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा। वह मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के छोटे शहरों तक अपनी जड़ें फैला चुका है।
क्या कहती हैं जांच एजेंसियां
सूत्रों के मुताबिक दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इस मामले की गहरी जांच कर रही है। एजेंसियों की नजर भट्टी के पूरे नेटवर्क पर है। जांचकर्ता यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि इस तरह और कितने युवाओं को निशाना बनाया गया है।
अधिकारियों ने अभिभावकों और युवाओं को आगाह किया है। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से हथियार या पैसे का प्रस्ताव आए तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। ऐसे जाल में फंसने से पहले एक कदम रुकना जरूरी है।
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