जीतू पटवारी बोले- Gen-Z साइक्लोथॉन के जरिए युवाओं को जोड़ेगी एमपी कांग्रेस
समझें क्या है पूरा मामला
- पटवारी ने पेपर लीक पर गंभीर आरोप लगाए है।
- पटवारी ने भाजपा सरकार को जिम्मेदार बताया।
- 62 लाख बेरोजगार युवाओं का दावा किया गया।
- कांग्रेस ने Gen-Z साइक्लोथॉन की घोषणा की।
- जयवर्धन सिंह ने परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए।
Gen-Z साइक्लोथॉन
कांग्रेस ने 14 और 15 जुलाई को Gen-Z साइक्लोथॉन (Gen-Z Cyclothon) की घोषणा की। यह कार्यक्रम युवाओं को जोड़ने के उद्देश्य से होगा। इसमें रोजगार और पेपर लीक प्रमुख मुद्दे रहेंगे। कांग्रेस इसे युवा आंदोलन के रूप में पेश कर रही है।
कार्यक्रम के जरिए सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश होगी। इसका विस्तृत रूट और कार्यक्रम बाद में जारी होगा। युवाओं में रोजगार को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में अवसरों की मांग अधिक है।
पेपर लीक का आरोप
मध्यप्रदेश पेपर लीक विवाद पर कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछले दस सालों में 85 पेपर लीक हुए। पटवारी के अनुसार इससे दो करोड़ से अधिक छात्र प्रभावित हुए।
जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर भर्ती घोटालों को लेकर सवाल उठाए। पटवारी ने कहा कि हर भाजपा कार्यकर्ता दोषी नहीं है। लेकिन उन्होंने पूछा कि अधिकतर मामलों में नाम क्यों जुड़ते हैं।
पटवारी ने व्यापमं घोटाले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में कई गिरफ्तारियां हुई थीं। उनके अनुसार बाद में कई आरोपियों को राहत मिली। यह दावा उन्होंने सार्वजनिक बयान में किया है।
बेरोजगारी का दावा
पटवारी ने मध्यप्रदेश बेरोजगारी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में 62 लाख से अधिक युवा बेरोजगार हैं। उन्होंने इसे सरकारी आंकड़ों में बदलाव का परिणाम बताया। उनके अनुसार राज्य में बड़ी संख्या में पद खाली हैं। उन्होंने खाली पदों की संख्या 40 प्रतिशत से अधिक बताई। हालांकि इन आंकड़ों का आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया।
पटवारी ने कहा कि सरकार रोजगार देने में गंभीर नहीं है। उन्होंने प्राइवेट निवेश के खर्च पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार खर्च के बावजूद रोजगार के परिणाम कमजोर रहे। यह मुद्दा युवाओं की उम्मीदों से जुड़ा हुआ है। सरकारी भर्तियों में देरी से असंतोष बढ़ता दिख रहा है।
व्यापमं का जिक्र
पटवारी ने व्यापमं घोटाला (Vyapam Scam) का उल्लेख किया। उन्होंने इसे राज्य का बड़ा भर्ती घोटाला बताया। उनके अनुसार इस मामले में लंबे समय तक सुनवाई चली। उन्होंने कहा कि कई आरोपी बाद में बरी हो गए।
पटवारी ने इसे राजनीतिक संरक्षण से जोड़ा। हालांकि अदालत का फैसला कानूनी प्रक्रिया पर आधारित होता है। उन्होंने मोहन सरकार पर भी सवाल उठाए। पटवारी के अनुसार कुछ मामलों में जांच कमजोर रही। यह बयान राजनीतिक आरोपों के रूप में सामने आया है।
NTA पर सवाल
जयवर्धन सिंह ने परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले परीक्षाएं सरकारी संस्थाएं कराती थीं। उनके अनुसार 2017 के बाद व्यवस्था बदल गई। उन्होंने NTA (National Testing Agency) के गठन का जिक्र किया। जयवर्धन ने कहा कि इसके बाद पेपर लीक बढ़े। उन्होंने NEET परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप भी लगाया।
पटवारी ने NTA के चेयरमैन पर भी सवाल उठाए। जयवर्धन के अनुसार पहले MPPSC में भी विवाद रहा। उन्होंने प्रोफेसर भर्ती मामले का भी उल्लेख किया। इन सभी आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। इसलिए इन बयानों को राजनीतिक आरोप माना गया है।
FAQ
- मध्यप्रदेश पेपर लीक पर क्या आरोप लगे?
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि पिछले दस वर्षों में कई पेपर लीक हुए। उन्होंने कहा कि इससे करोड़ों छात्र प्रभावित हुए। उन्होंने भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए सवाल उठाए। हालांकि इन दावों पर आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। - Gen-Z साइक्लोथॉन क्या है?
कांग्रेस 14 और 15 जुलाई को Gen-Z साइक्लोथॉन आयोजित करेगी। यह कार्यक्रम युवाओं को जोड़ने के लिए रखा गया है। इसमें बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे। इसका उद्देश्य युवा संवाद और राजनीतिक अभियान है।
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