मध्यप्रदेश में पेट्रोल डीजल के बढ़े दाम, जानें आपके शहर का रेट
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल के दाम 3-3 रुपए प्रति लीटर बढ़ गए हैं।
- नई कीमतें आज यानी 15 मई की सुबह 6 बजे से लागू हो गई हैं।
- इजरायल-अमेरिका और ईरान युद्ध से कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल पार हुआ।
- तेल कंपनियों को हर महीने करीब 30 हजार करोड़ रुपए का घाटा हो रहा था।
- मार्च 2024 के बाद यह पहली बड़ी बढ़ोतरी है।
- MP में पेट्रोल कितना महंगा हुआ
MP Fuel Rate: मध्यप्रदेश में अब पेट्रोल और डीजल भरवाना पहले से ज्यादा महंगा हो गया है। आज सुबह 6 बजे से नई दरें लागू हो गई हैं। भोपाल में पेट्रोल अब 109.71 रुपए प्रति लीटर हो गया है, जो पहले 106.68 रुपए था। डीजल 91.87 रुपए से बढ़कर 94.88 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया है।
इंदौर में पेट्रोल 106.58 से बढ़कर 109.86 रुपए प्रति लीटर हो गया है। डीजल यहां 91.97 से बढ़कर 95.06 रुपए पर आ गया है। स्पीड पेट्रोल की बात करें तो इंदौर में यह अब 119.56 रुपए प्रति लीटर हो गया है।
बाकी शहरों का हाल
उज्जैन में पेट्रोल 110.16 रुपए और डीजल 95.34 रुपए प्रति लीटर हो गया है। जबलपुर में पेट्रोल 110.10 और डीजल 95.28 रुपए है। ग्वालियर में पेट्रोल 110.02 रुपए और डीजल 95.19 रुपए प्रति लीटर पर आ गया है।
MP में सबसे महंगा पेट्रोल
मध्यप्रदेश पेट्रोल डीजल एसोसिएशन के मुताबिक प्रदेश में सबसे महंगा पेट्रोल मंडला और पांढुर्णा में मिल रहा है, जहां कीमत 111.29 रुपए प्रति लीटर है। आलीराजपुर, बालाघाट, बुरहानपुर, खंडवा, मैहर, मऊगंज, पन्ना, रीवा और श्योपुर (petrol price bhopal) में पेट्रोल 111.28 रुपए प्रति लीटर हो गया है। डीजल सबसे महंगा अनूपपुर और मैहर में है। इन दोनों जिलों में डीजल का नया रेट 96.50 रुपए प्रति लीटर है।
जानें आपके शहर में क्य हैं नए रेट
| जिला | पेट्रोल (₹) | डीजल (₹) |
| आगरा-मालवा | 111.11 | 96.19 |
| अलीराजपुर | 111.28 | 96.50 |
| अनूपपुर | 111.27 | 96.50 |
| अशोकनगर | 110.17 | 95.30 |
| बड़वानी | 111.22 | 96.31 |
| बालाघाट | 111.28 | 96.49 |
| बैतूल | 110.81 | 95.92 |
| भिंड | 110.71 | 95.81 |
| बुरहानपुर | 111.28 | 96.49 |
| छतरपुर | 111.25 | 96.30 |
| छिंदवाड़ा | 111.06 | 96.15 |
| दमोह | 110.47 | 95.59 |
| दतिया | 110.53 | 95.66 |
| देवास | 109.82 | 95.03 |
| धार | 111.11 | 96.20 |
| डिंडौरी | 110.83 | 95.95 |
| गुना | 110.76 | 95.85 |
| हरदा | 110.00 | 95.18 |
| नर्मदापुरम | 109.93 | 95.11 |
| झाबुआ | 110.32 | 95.47 |
| कटनी | 110.82 | 95.94 |
| खंडवा | 111.28 | 96.49 |
| खरगोन | 110.21 | 95.38 |
| मैहर | 111.28 | 96.50 |
| मंडला | 111.29 | 96.49 |
| मंदसौर | 110.62 | 95.74 |
| मऊगंज | 111.28 | 96.49 |
| मुरैना | 110.41 | 95.54 |
| नरसिंहपुर | 110.28 | 95.45 |
| नीमच | 111.07 | 96.15 |
| निवाड़ी | 111.15 | 96.20 |
| पांढुर्णा | 111.29 | 96.37 |
| पन्ना | 111.28 | 96.49 |
| रायसेन | 110.05 | 95.21 |
| राजगढ़ | 111.05 | 96.13 |
| रतलाम | 109.68 | 94.88 |
| रीवा | 111.28 | 96.49 |
| सागर | 110.34 | 95.47 |
| सतना | 111.27 | 96.49 |
| सीहोर | 109.68 | 94.87 |
| सिवनी | 110.11 | 95.28 |
| शहडोल | 111.27 | 96.49 |
| शाजापुर | 110.49 | 95.64 |
| श्योपुर | 111.28 | 96.43 |
| शिवपुरी | 110.50 | 95.62 |
| सीधी | 111.13 | 96.24 |
| सिंगरौली | 110.08 | 95.28 |
| टीकमगढ़ | 110.65 | 95.75 |
| उमरिया | 111.27 | 96.34 |
| विदिशा | 110.25 | 95.38 |
दाम क्यों बढ़े
इस बढ़ोतरी (एमपी पेट्रोल डीजल रेट) की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतें हैं। इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध से पहले क्रूड ऑयल करीब 70 डॉलर प्रति बैरल था। अब यह 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। इस उछाल से तेल कंपनियां भारी दबाव में थीं और उन्होंने घाटे की भरपाई के लिए कीमतें बढ़ाने का फैसला किया।
पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (Liquefied Petroleum Gas) की बिक्री पर हर महीने करीब 30,000 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा था।
पड़ोसी देशों में पहले ही बढ़ चुके थे दाम
पाकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल के दाम पहले ही 15 से 20 फीसदी तक बढ़ चुके थे। भारत में सरकार ने अब तक यह कहते हुए कीमतें नहीं बढ़ाई थीं कि पश्चिम एशिया के युद्ध की मार भारतीय उपभोक्ताओं पर नहीं डाली जाएगी। लेकिन अब तेल कंपनियों के लगातार घाटे के चलते यह कदम उठाना पड़ा।
2024 से नहीं बदले थे दाम
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर थीं। उससे पहले लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने 2 रुपए प्रति लीटर की कटौती कर राहत दी थी।
तकनीकी रूप से ईंधन की कीमतें बाजार आधारित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिन की औसत कीमत के हिसाब से रोज दाम बदल सकती हैं। लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता की वजह से लंबे समय तक कोई बदलाव नहीं किया गया था। अब करीब 14 महीने बाद यह बड़ी बढ़ोतरी हुई है।
आगे और बढ़ सकते हैं दाम
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार (petrol price increased)में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं, तो पेट्रोल और डीजल (पेट्रोल डीजल के दाम)के दाम आगे और भी बढ़ सकते हैं। फिलहाल आम लोगों की जेब पर इस बढ़ोतरी का सीधा असर पड़ेगा, खासकर उनका जो रोजाना आने-जाने के लिए दोपहिया या चारपहिया वाहन चलाते हैं।
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