बीमार पीए के लिए विधायक प्रीतम लोधी ने लिखी एप्लीकेशन; कलेक्टर साहब, एक महीने का अवकाश देने की कृपा करें
News In Short
- मध्यप्रदेश के पिछोर विधायक प्रीतम लोधी ने कलेक्टर को पत्र लिखा।
- पत्र में पीए (Personal Assistant) दीपक यादव की बीमारी का हवाला दिया गया।
- विधायक ने 2 अप्रैल 2026 से अगले माह तक छुट्टी देने की मांग की।
- जनप्रतिनिधि का कलेक्टर को सीधे पत्र लिखना असामान्य माना जा रहा है।
- जिला प्रशासन की ओर से अभी कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है।
News In Detial
मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में इन दिनों एक पत्र चर्चा में है। पिछोर विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रीतम लोधी ने जिला कलेक्टर को एक आधिकारिक पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने अपने निज सचिव यानी पीए दीपक यादव के लिए छुट्टी की मांग की है। वजह बताई कि दीपक यादव की तबीयत ठीक नहीं है।
2 अप्रैल को लिखे पत्र में विधायक ने अनुरोध किया कि दीपक यादव को उसी दिन यानी 2 अप्रैल से अगले महीने तक का अवकाश दिया जाए। पत्र में साफ लिखा गया कि स्वास्थ्य कारणों से यह अवकाश जरूरी है।
पत्र में क्या लिखा है?
पत्र की भाषा सरल और सीधी है। विधायक प्रीतम लोधी ने कलेक्टर से आग्रह किया कि दीपक यादव के स्वास्थ्य लाभ के लिए अवकाश स्वीकृत किया जाए।
साथ ही यह भी लिखा गया कि संबंधित अधिकारी और कर्मचारी इस मामले में जरूरी कार्रवाई करें। पत्र पर विधायक के साइन और आधिकारिक मुहर भी लगी है। इससे पत्र की प्रामाणिकता दिखती है।
क्यों है यह मामला अलग?
आमतौर पर किसी कर्मचारी की छुट्टी के लिए सीधे कलेक्टर को पत्र नहीं लिखा जाता। यह काम विभागीय स्तर पर होता है। लेकिन यहां खुद एक जनप्रतिनिधि ने सीधे जिले के सबसे बड़े अधिकारी को चिट्ठी लिखी। यही वजह है कि प्रशासनिक हलकों में इसे असामान्य माना जा रहा है।
कुछ लोग इसे विधायक की अपने स्टाफ के प्रति संवेदनशीलता के रूप में देख रहे हैं। उनका कहना है कि नेता ने अपने कर्मचारी की बीमारी को गंभीरता से लिया और खुद पहल की। वहीं प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के पत्र सामान्य प्रक्रिया से बाहर के होते हैं।
प्रशासन की ओर से प्रतिक्रिया?
फिलहाल जिला प्रशासन की तरफ से इस पत्र पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। सूत्रों के मुताबिक पत्र को संज्ञान में लिया गया है। आगे की जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
यह देखना दिलचस्प होगा कि कलेक्टर कार्यालय इस पर क्या रुख अपनाता है। क्या छुट्टी मंजूर होती है और किस प्रक्रिया के तहत यह तय होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा
शिवपुरी जिले में यह पत्र सोशल मीडिया और स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोग विधायक की तारीफ कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह कदम मानवीय है।
दूसरी ओर कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुरूप है। फिलहाल पूरा मामला शांत है, लेकिन इस एक पत्र ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच के संबंध और उनकी कार्यशैली पर बहस जरूर छेड़ दी है।
पहले भी चर्चा में रहे हैं विधायक प्रीतम लोधी...
दिग्विजय सिंह सरकार की सड़कों को 'ओम पुरी' जैसी बताया (जुलाई 2025): विधानसभा में पत्रकारों से बातचीत में पूर्व कांग्रेस सरकार की सड़कों पर विवादास्पद टिप्पणी की, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुई।
ऊर्जा मंत्री और प्रशासन पर हमला (अप्रैल 2025): अपनी ही सरकार के मंत्री पर निशाना साधा। प्रशासनिक अफसरों के खिलाफ बयान दिए और लोधी समाज को अधिक प्रतिनिधित्व की बात कही।
आरक्षक सौरभ शर्मा के घर मिली संपत्ति को पूर्व कांग्रेस विधायक से जोड़ा (दिसंबर 2024): छापे में बरामद अवैध संपत्ति को पिछोर के पूर्व कांग्रेस विधायक की बताकर आरोप लगाया।
ब्राह्मण समाज पर पुरानी विवादित टिप्पणी (2022): ब्राह्मण समाज पर आपत्तिजनक बयान देकर माफी मांगी, जो भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष लिखित माफीनामा देकर सुलझा।
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