पीथमपुर में 300 मीट्रिक टन कचरा जलाने से होगा 900 मीट्रिक टन कचरा, HC की सुनवाई में आया सामने

Vishwanath Singh | Mar 27, 2025, 16:19 IST
The Sootr
यूनियन कार्बाइड का कचरा पीथमपुर में जलाने को लेकर हाई कोर्ट के निर्देश का पालन करते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने गुरुवार को अपनी स्टेटस रिपोर्ट पेश कर दी।

इंदौर के पास पीथमपुर में भोपाल के यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने के लिए को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट में गुरुवार को सरकार ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट दी है। इसमें कहा गया है कि 72 दिनों में पीथमपुर में सारा कचरा जला दिया जाएगा। हालांकि इसमें यह बात भी सामने आई कि 300 मीट्रिक टन कचरा जलाने से लगभग तीन गुना 900 मीट्रिक टन कचरा और निकल जाएगा। इस मामले में अब अगली सुनवाई 30 जून निर्धारित की गई है।



रिकॉर्ड पर ले लिया रिपोर्ट को

यूनियन कार्बाइड का कचरा पीथमपुर में जलाने को लेकर हाई कोर्ट के निर्देश का पालन करते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने गुरुवार को अपनी स्टेटस रिपोर्ट पेश कर दी। इसमें ट्रायल रन सहित सभी नियम-कायदों का पालन करते हुए पूर्ण कर लिए जाने की जानकारी दी गई। मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगल पीठ ने इस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया। साथ ही मामले की अगली सुनवाई 30 जून को नियत कर दी गई।



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72 दिन में जला देंगे सारा कचरा

सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से साफ किया गया कि पीथमपुर में प्रतिदिन 270 किलोग्राम के हिसाब से यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने की सुविधा है। इस लिहाज से आगामी 72 दिनों में भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड से परिवहन कर लाया गया संपूर्ण कचरा पीथमपुर में विशिष्टीकृत (जला) दिया जाएगा।



भरूच में तीन गुना कचरा डालने की मिले अनुमति

सुनवाई के दौरान हस्तक्षेप आवेदनकर्ताओं की ओर से भी तर्क रखे गए। एक ने कहा कि 300 मीट्रिक टन कचरा जलाए जाने पर नए सिरे से 900 मीट्रिक टन कचरा पीथमपुर में एकत्र हो जाएगा। सवाल उठता है कि फिर वह तीन गुना कचरा कहां और कैसे जलाएंगे।एक ने सुझाव दिया कि पीथमपुर का नया कचरा भरूच के नो-मेंन लैंड में डंप करने की व्यवस्था दे दी जाए। हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप कर्ताओं को ये सभी सुझाव, दावे-आपत्ति आदि राज्य सरकार के समक्ष रखने स्वतंत्र कर दिया। सुनवाई के दौरान जनहित याचिकाकर्ता का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ ने रखा। राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह खड़े हुए।



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पहले चरण में 10 मीट्रिक टन कचरा

हाई कोर्ट ने विगत सुनवाई के दौरान पूर्ण सुरक्षात्मक उपायों के साथ पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के कचरा विनिष्टीकरण का ट्रायल रन शुरू करने के निर्देश दिए थे। मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगल पीठ ने कहा था कि 27 फरवरी को पहले चरण में 10 मीट्रिक टन कचरा जलाया जाए।



सरकार कोर्ट आने के लिए स्वतंत्र है

कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि परिणाम नकारात्मक आते हैं, तो सरकार कोर्ट आने के लिए स्वतंत्र है। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ ने कहा था कि हाई कोर्ट पूर्व आदेशाें में यूनियन कार्बाइड कचरा विनिष्टीकरण को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर चुका है। इसके बावजूद राज्य शासन पालन नहीं कर रही है। महाधिवक्ता ने बताया था कि 12 कंटेनरों में लाए गए 350 मीट्रिक टन जहरीले कचरे को सुरक्षात्मक तरीके से साइट पर अनलोड कर दिया है। उन्होंने कहा था कि स्थानीय जनों के कई प्रतिनिधियों ने कलेक्टर धार को अभ्यावेदन पेश कर पहले ट्रायल रन करने की मांग की है।



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जनजागृति के लिए नुक्कड़ नाटक किए गए

महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने राज्य की ओर से साफ किया था कि हमने हाई कोर्ट के विगत निर्देश के पालन में जन जागृति लाने कई माध्यमों से प्रयास किए हैं। पर्चे वितरित किए, नुक्कड़ नाटक किए। नगर निगम व जिला प्रशासन के स्तर पर चर्चा-परिचर्चा के माध्यम से वाद-विवाद-संवाद का वातावरण तैयार किया। इस प्रक्रिया में यह स्पष्ट करने का पूर्ण प्रयास किया कि हाई कोर्ट के निर्देश पर यूनियन कार्बाइड का कचरा पीथमपुर तक परिवहन होकर पहुंच चुका है, जिसे वैज्ञानिक प्रविधि से जलाने से स्थानीय पर्यावरण आदि को कोई नुकसान नहीं होगा।



राज्य शासन फोकस करें

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया था कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस पर कोर्ट ने साफ कर दिया कि हम पूर्व निर्देश के पालन को लेकर सुनवाई कर रहे हैं। लिहाजा, राज्य शासन उसी पर फोकस करे। हमारा मकसद मामले को सुलझाना होना चाहिए न कि उलझाना।



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