पुलिस बैंड भर्ती में आयु सीमा विवाद, ओवरएज उम्मीदवारों को HC ने दी अनुमति
News in short
- 2017 के बाद 2026 में निकली आरक्षक भर्ती में आयु छूट नहीं दी गई
- कई अभ्यर्थी कुछ महीनों के कारण ओवरएज होकर आवेदन से वंचित हुए
- पंकज कुमार बेन सहित 6 अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में दायर की याचिका
- जस्टिस मनिंदर एस. भट्टी की सिंगल बेंच ने दी अंतरिम राहत
- परीक्षा में शामिल होंगे अभ्यर्थी, लेकिन रिजल्ट रहेगा कोर्ट के अंतिम फैसले पर निर्भर
Intro
मध्य प्रदेश में 9 साल से अधिक समय बाद निकली पुलिस बैंड आरक्षक भर्ती में आयु सीमा की छूट को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। कोरोना काल के बाद अपेक्षित आयु छूट न मिलने से कई अभ्यर्थी ओवरएज हो गए थे। अब हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए याचिकाकर्ताओं को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति दे दी है।
News in detail
9 साल बाद भर्ती, लेकिन नियमों पर उठे सवाल
मध्य प्रदेश में पुलिस बैंड के लिए आरक्षक भर्ती वर्ष 2017 के बाद पहली बार 2026 में निकाली गई, लेकिन इस भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि पुलिस विभाग ने कोरोना काल के बाद दी जाने वाली आयु सीमा में छूट के नियमों को नजरअंदाज किया, जिसके कारण कई योग्य उम्मीदवार केवल कुछ महीनों की अधिक आयु के चलते आवेदन करने से वंचित हो गए।
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याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट का खटखटाया दरवाजा
जबलपुर निवासी पंकज कुमार बेन सहित 6 अभ्यर्थियों ने इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता दिनेश सिंह चौहान और अधिवक्ता आशीष ठाकुर ने पक्ष रखा। अधिवक्ता दिनेश सिंह चौहान ने बताया कि साल 2017 में पिछली भर्ती प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड द्वारा की गई थी, जबकि इस बार भर्ती पुलिस मुख्यालय (PHQ) स्वयं कर रहा है। ऐसे में PHQ को स्वयं ही आयु सीमा में छूट देनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
पूर्व आदेशों का दिया गया हवाला
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता दिनेश सिंह चौहान ने कोर्ट को बताया कि कोरोना काल के बाद निकली भर्तियों में आयु सीमा में छूट देना तय किया गया है। उन्होंने इंदौर खंडपीठ के एक पूर्व आदेश महेश राठौर बनाम मध्य प्रदेश राज्य (WP No. 41202/2025, दिनांक 16 अक्टूबर 2025) का हवाला देते हुए समान राहत की मांग की।
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हाईकोर्ट ने दी राहत, परीक्षा में शामिल होंगे अभ्यर्थी
शनिवार 18 अप्रैल को हुई सुनवाई में जस्टिस मनिंदर एस. भट्टी की सिंगल बेंच ने याचिकाकर्ताओं को राहत दे दी है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं को भर्ती विज्ञापन के तहत आवेदन फॉर्म भरने और चयन प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति दी जाए। कोर्ट ने अभ्यर्थियों को राहत देने के साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि उनके परीक्षा परिणाम कोर्ट की अनुमति के बिना घोषित नहीं किए जाएंगे और पूरा मामला याचिका के अंतिम निर्णय पर निर्भर रहेगा।
679 पदों पर भर्ती, बढ़ चुकी है आवेदन की अंतिम तारीख
पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा कुल 679 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। आवेदन की अंतिम तिथि पहले 19 अप्रैल 2026 थी, जिसे बढ़ाकर अब 30 अप्रैल 2026 कर दिया गया है। यह विशेष भर्ती पुलिस बैंड के लिए है, जिसमें केवल पुरुष अभ्यर्थियों को ही शामिल किया जा रहा है।
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अगली सुनवाई समान याचिकाओं के साथ होगी
हाईकोर्ट ने इस याचिका को समान प्रकृति की अन्य याचिकाओं (WP No. 41664/2025 और 43070/2025) के साथ सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले में अंतिम फैसला आने तक अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत जारी रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल 2026 को होगी।
यह मामला न सिर्फ भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता बल्कि कोरोना काल के बाद लागू नियमों के पालन पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। हाईकोर्ट का यह अंतरिम आदेश उन अभ्यर्थियों के लिए राहत लेकर आया है, जो वर्षों से इस अवसर का इंतजार कर रहे थे। क्योंकि भर्ती के लिए आवेदन करने की आखिरी डेट बढ़ जाने के कारण अब इस आदेश का फायदा लेते हुए अन्य ऐसे अभ्यर्थी भी हाईकोर्ट की शरण ले सकते हैं।
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