पनामा पेपर्स में मामा के बेटे का नाम..! कार्तिकेय ने बताई सच्चाई, ‘द सूत्र’ के पास एक्सक्लूसिव दस्तावेज

Neel Tiwari | Apr 10, 2026, 22:09 IST
Photograph: (the sootr)
पनामा पेपर्स में नाम के आरोप पर “मामा के बेटे” यानी कार्तिकेय सिंह चौहान की सफाई। राहुल गांधी के बयान के बाद शुरू हुआ मानहानि विवाद, जानिए पूरी सच्चाई। द सूत्र के पास हैं इस पूरे मामले से जुड़े दस्तावेज और तथ्य। पढ़िए इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में...

मध्य प्रदेश की राजनीति में कभी बड़ा मुद्दा बना “पनामा पेपर्स में मामा के बेटे का नाम” वाला आरोप फिर चर्चा में है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने इस मामले में अपनी सफाई देते हुए कहा है कि उनका नाम पनामा पेपर्स में कभी शामिल नहीं रहा और उन पर लगाया गया आरोप पूरी तरह झूठा है। कार्तिकेय का दावा है कि चुनावी माहौल में उनकी और उनके परिवार की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए यह आरोप लगाया गया था। द सूत्र के पास हैंइस पूरे मामले से जुड़े दस्तावेज और तथ्य। पढ़िए इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में...



4 मई को है अगली सुनवाई

जबलपुर हाईकोर्ट में चल रहे राहुल गांधी बनाम कार्तिकेय सिंह चौहान मानहानि मामले में अगली सुनवाई 4 मई को होना है। द सूत्र के पास कार्तिकेय के उसे बयान की कॉपी है, जो उन्होंने निचली अदालत में दिया था। पढ़िए उसे बयान का सार...



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मैं कार्तिकेय सिंह चौहान, बी-8, 74 बंग्ला, लिंक रोड टीटी नगर, भोपाल में निवासरत हूं। मेरे पिता शिवराज सिंह चौहान, जो तीन बार मप्र राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।



मेरे पिता को मध्यप्रदेश की जनता "मामा" के नाम से भी जानती है, क्योंकि उनके द्वारा राज्य में सैकड़ों जनहितकारी योजनाओं की शुरुआत की गई है, जैसे कि मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ योजना, तीर्थ दर्शन योजना, मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना और युवा उद्यमी योजना आदि। इन योजनाओं ने मप्र राज्य में बेटों और बेटियों के बीच आत्मीयता का रिश्ता स्थापित किया है।



वर्ष 2008 और 2013 में हुए विधानसभा चुनावों में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड बहुमत से चुनाव जीते। यह उनकी स्वच्छ और ईमानदार छवि का परिणाम था, जिससे मप्र राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी।



मैंने सिम्बायसिस लॉ स्कूल पुणे से बीए एलएलबी की डिग्री प्राप्त की है और कॉलेज में छात्रसंघ का अध्यक्ष भी रहा हूं। मैं अपने अध्ययन के दौरान कॉलेज में एक निष्ठावान और ईमानदार छात्र नेता के रूप में पहचाना जाता था। मैंने अपने पिताजी के विधानसभा क्षेत्र बुदनी एवं जिला सीहोर में शिक्षा के क्षेत्र में छात्र-छात्राओं को निःशुल्क कॉपी वितरण की है और सरकार की जनहितकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने का कार्य किया है।



डिग्री लेने के बाद मैं फूलों की खेती और दूध डेयरी के व्यवसाय में लगा हूं, जो मेरे पिताजी द्वारा पहले किया जाता था। इसके अलावा मैं समाजसेवा का कार्य भी कर रहा हूं, जिसमें सरकार की जनहितकारी योजनाओं का लाभ वंचित वर्ग तक पहुंचाना शामिल है।



हालांकि दिनांक 29/10/2018 को झाबुआ में कांग्रेस पार्टी की एक चुनावी सभा के दौरान राहुल गांधी ने मुझ पर झूठा आरोप लगाया कि "मामा के बेटे" का नाम पनामा पेपर्स में शामिल है। इसके अलावा उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मेरे पिताजी ने उज्जैन महाकुंभ और ई-टेंडरिंग के माध्यम से पैसे कमाए हैं। ये सभी आरोप पूरी तरह से निराधार और झूठे हैं।



राहुल गांधी के इन आरोपों से मेरी और मेरे परिवार की छवि को नुकसान हुआ है। इन आरोपों के कारण लोगों ने मुझसे संपर्क किया और मेरी निष्ठा पर सवाल उठाए, जिससे मुझे मानसिक प्रताड़ना हुई है।



मैं राहुल गांधी से मांग करता हूं कि वे सार्वजनिक रूप से मुझसे माफी मांगें और उन आरोपों का खंडन करें जो उन्होंने मेरे विरुद्ध लगाए हैं। अगर वे ऐसा नहीं करते तो मैं उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगा और न्यायालय से उचित कार्यवाही की मांग करूंगा।



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