विष पीकर राष्ट्र की रक्षा करता है संघ : पंडित प्रदीप मिश्रा

Sandeep Kumar | Jan 03, 2026, 19:19 IST
RSS Meeting
RSS की बैठक में पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा, शिव की तरह संघ भी विष पीकर राष्ट्र की रक्षा करता है। उन्होंने समाज को सजग रहने और धर्मांतरण को गंभीर षड्यंत्र बताया।

BHOPAL. RSS की सामाजिक सद्भाव बैठक कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में हुई। इस बैठक में शामिल हुए कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा शिव भी विष पीते हैं और राष्ट्र की रक्षा करते हैं। संघ भी विष पीकर राष्ट्र की रक्षा करने में लगा हुआ है।



आरोपों का विष पीता है संघ

पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि सभी समाज कार्य कर रहे हैं। सवाल यह है कि हमने राष्ट्र के लिए क्या किया। उन्होंने संघ और शिव के भाव में समानता बताई। जैसे शिव ने विष पिया, वैसे ही संघ भी आरोपों का विष पीता है। संघ संयम और राष्ट्रहित में कार्य करता है।



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समाज को सजग रहने की जरुरत

प्रदीप ने कहा कि जन्म किसी भी जाति में हो, पहचान हिंदू और भारतीय की है। हर भारतीय में राष्ट्रोत्थान और समाजोत्थान की क्षमता है। उन्होंने धर्मांतरण को गंभीर षड्यंत्र बताया। यह वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को प्रभावित करेगा। उन्होंने समाज को सजग रहने का आह्वान किया।



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हम सभी को लेकर आगे बढ़ें

पंडित मिश्रा ने ग्रीन महाशिवरात्रि अभियान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि घर-घर मिट्टी के शिवलिंग पूजा सामाजिक समरसता का उदाहरण है। बैठक का उद्देश्य है कि हम सभी को लेकर आगे बढ़ें। जैसे लंगर में जाति नहीं पूछी जाती, वैसे ही राष्ट्र निर्माण में सभी को एकजुट होकर काम करना चाहिए।



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क्या बोले मोहन भागवत?

हिंदू कोई संज्ञा नहीं, बल्कि एक स्वभाव है। यह मत, पूजा पद्धति या जीवनशैली के आधार पर झगड़ा नहीं करता। समाज में भ्रम फैलाकर जनजातीय और अन्य वर्गों को अलग करने की कोशिश की गई। सच्चाई यह है कि सभी का डीएनए एक है। संकट के समय ही नहीं, हर समय सद्भावना जरूरी है। मिलना, संवाद करना और एक-दूसरे के कार्यों को जानना ही सद्भावना है। समर्थ को दुर्बल की मदद करनी चाहिए।



सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि कानून समाज को नियंत्रित करता है। समाज को चलाने का काम सद्भावना करती है। विविधता के बावजूद एकता हमारी पहचान है। बाहरी रूप से हम अलग दिख सकते हैं, लेकिन हम एक हैं। राष्ट्र, धर्म और संस्कृति के स्तर पर हम सभी एक हैं। हिंदू समाज विविधता में एकता को स्वीकार करता है।



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बैठक का समापन संकल्प के साथ

सामाजिक सद्भाव बैठक का समापन संकल्प के साथ हुआ। समाज अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आगे बढ़ेगा। सरकार की प्रतीक्षा किए बिना सामूहिक प्रयास किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि यह बैठक केवल एक संगठन की नहीं थी। उद्देश्य था कि समाज मिलकर पूरे समाज को मजबूत बनाए। समाज एकजुट होकर एक राष्ट्र के रूप में खड़ा रहे।







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