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Photograph: (the sootr)
5 पाइंट में समझें पूरी खबर
- RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि RSS का उद्देश्य समाज सुधार है, भाजपा को नियंत्रित करना नहीं।
- भागवत ने संघ को पैरा-मिलिट्री फोर्स न मानने की अपील की, यह समाज निर्माण में लगा संगठन है।
- भागवत ने स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया, और भारत की आत्मनिर्भरता को महत्व दिया।
- उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और मूल्यों से जोड़ना समय की मांग है।
- समाज में सज्जन शक्ति का नेटवर्क बनाना जरूरी है, संघ इस दिशा में काम कर रहा है।
BHOPAL. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने स्पष्ट किया कि RSS, भाजपा (BJP) या विश्व हिंदू परिषद को नियंत्रित नहीं करता। भागवत का कहना था कि यह संगठन स्वतंत्र रूप से काम करते हैं। RSS का उद्देश्य सत्ता हासिल करना या चुनावी राजनीति में हस्तक्षेप करना नहीं है। उनका मुख्य फोकस समाज की गुणवत्ता और चरित्र निर्माण पर है।
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RSS को "पैरा-मिलिट्री फोर्स" नहीं समझें
भागवत ने कहा कि संघ को लेकर कई बार गलतफहमी हो जाती है कि RSS एक पैरा-मिलिट्री फोर्स है। संघ के कार्यकर्ताओं द्वारा मार्च निकालने और लाठी चलाने से कुछ लोग संगठन को सैन्य संगठन समझते हैं। हालांकि, भागवत ने इसे सिरे से नकारते हुए कहा कि RSS का उद्देश्य समाज में सुधार लाना है। हिंदू समाज को एकजुट करना है, न कि किसी सशस्त्र बल की तरह काम करना।
बच्चों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण सिखाने की जरूरत
भागवत ने भोपाल में आयोजित 'प्रमुख जन गोष्ठी' में कई अहम मुद्दों पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और मूल्य से जोड़ने की जरूरत है। उनका कहना था कि चीन में बच्चों को बचपन से राष्ट्रीय दृष्टिकोण सिखाया जाता है। भारत को भी यही करना चाहिए।
स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना
भागवत ने अमेरिका के टैरिफ जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि भारत को स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए। यदि विदेशी वस्तुओं की आवश्यकता पड़े भी, तो वह भारतीय शर्तों पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "भारत आत्मनिर्भर बनने की क्षमता रखता है और हमें अपनी ताकत पहचाननी चाहिए।"
परिवार और समाज में सुधार
भागवत ने उपभोक्तावाद और फैशन की बढ़ती प्रवृत्तियों पर भी चिंता जताई। उनका मानना था कि फैशन और फास्ट फूड की संस्कृति पर संयम बरतना चाहिए। उन्होंने कहा कि घर में भोजन करते समय परिवार को एक साथ बैठकर खाना चाहिए और इससे परिवार के बीच रिश्तों की मजबूती आती है।
सज्जन शक्ति का नेटवर्क बनाना जरूरी
भागवत ने कहा कि संघ अकेले समाज सुधार का काम नहीं कर सकता। हर धर्म, पंथ और समुदाय में सज्जन लोग हैं, जिनका एक नेटवर्क बनाना जरूरी है। संघ इस दिशा में काम कर रहा है ताकि समाज में एकता और सहयोग का वातावरण बने।
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पंच परिवर्तन का आह्वान
समाज और राष्ट्र की उन्नति के लिए भागवत ने पंच परिवर्तन का आह्वान किया। यह पांच बिंदु थे - सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व-बोध और नागरिक अनुशासन। उन्होंने कहा कि इन पांच बिंदुओं पर समाज को मिलकर काम करना होगा।
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