राहुल गांधी का मप्र पर बड़ा कदम, सीएम मोहन यादव को लिखा 27 फीसदी पद ओबीसी को दो
Indore. एमपी में कांग्रेस ने साल 2028 के चुनाव की बिसात तय कर दी है। लोकसभा प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी ने इंदौर में छात्रों की गूंज में 13 फीसदी होल्ड पद व 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण का केस सामने आने के बाद सीएम मोहन यादव को पत्र लिखा है।
यह लिखा पत्र में
राहुल गांधी ने पत्र में लिखा कि - मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी...
इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में ओबीसी वर्ग के छात्रों ने बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद 27% OBC आरक्षण के तहत 13% पदों पर नियुक्तियां वर्षों से रुकी हुई हैं। सभी छात्र बहुत पीड़ा में हैं। चार साल से अधिक समय से इंतजार कर रहे इन युवाओं का कीमती वक्त अब और जाया नहीं होना चाहिए। उनकी बात सुनिए, सभी दलों की सर्वसम्मति से पारित 27% OBC आरक्षण लागू कीजिए और सभी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दीजिए।
राहुल गांधी ने पत्र में यह लिखा
राहुल गांधी ने पत्र में लिखा कि लंबे समय से नियुक्ति रूकने से युवा भविष्य को लेकर अनिश्चतता का सामना कर रहे हैं। परीक्षा पास कर ली है। लेकिन 87-13 फीसदी फार्मूले के कारण ओबीसी आरक्षण से जुड़े 13 फीसदी पद होल्ड है।
इन पदों पर चयनित उम्मीदवार साल 2022 से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। सभी दलों ने सहमति से 27 फीसदी ओबीसी आरक्षणको समर्थन दिया है।
फिर इस मुद्दे का समाधान आज तक नहीं हुआ है। इस देरी के कारण अभ्यर्थी आरक्षण के क्रियान्वयन और अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर बार-बार सड़कों पर उतरने को मजबूर है।
क्या है पूरा विवाद
मध्य प्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने साल 2019 में ओबीसी आरक्षण को 14 से बढ़ाकर 27 फीसदी किया था। इस पर मामला कोर्ट में चला गया और वहां से अंतरिम आदेश में रोक लग गई। रिजल्ट रूकते देख मध्य प्रदेश सरकार ने सितंबर 2022 में एक फार्मूला निकाला और 87-13 फीसदी रिजल्ट कैटेगरी बनाई।
इसमें तय किया गया कि ओबीसी को 14 फीसदी आरक्षण देते हुए कुल 87 फीसदी पदों का मूल रिजल्ट जारी होगा। वहीं 13 फीसदी को होल्ड रखा जाएगा। जब आरक्षण पर फैसला हो जाएगा तब यदि ओबीसी आरक्षण 27 फीसदी मान्य किया तो यह 13 फीसदी होल्ड पद उन्हें दे देंगे, नहीं तो यह फिर अनारक्षित कोटे में चले जाएंगे।
पांच अगस्त से रूका है आदेश
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को आदेश दिया कि वह सुनवाई करके इसमें फैसला दें। इसके बाद लंबी सुनवाई चली और फिर 5 अगस्त को फैसला सुनकर सुरक्षित रख लिया गया। इस बात को 49 दिन हो चुके हैं और फैसले का इंतजार है। इसी आधार पर आरक्षण तय होगा।
एमपी के साथ यूपी विधानसभा चुनाव की बिसात
इस मामले में राहुल गांधी संजीदा है इसका खुलासा 'द सूत्र' ने छात्रों की गूंज के पहले ही कर दिया था। द सूत्र ने बताया था कि यह मुद्दा उनके पास पहुंच गया है। फिर छात्रों की गूंज में भी यह मुद्दा उठा और अब राहुल गांधी ने सीएम को पत्र लिखा है।
यह अभी से ही 2028 विधानसभा चुनाव के साथ ही यूपी विधानसभा चुनाव की भी रणनीतिक बिसात माना जा रहा है, जिससे ओबीसी वर्ग को अपने पक्ष में किया जा सके। साथ ही युवाओं के एक बड़े वर्ग को भी अपनी ओर लाया जा सके।
इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस शुरू से ही बीजेपी पर हमलावार रही है। साथ ही कांग्रेस ने कहा है कि बीजेपी में ओबीसी सीएम चार-चार होने के बाद भी उनकी जनसंख्या अनुपात में आरक्षण नहीं दिया गया। अब राहुल गांधी के पत्र के बाद मामला राजनीतिक रूप से गर्म होना तय है।
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