राहुल गांधी को बड़ी राहत: कार्तिकेय सिंह चौहान मानहानि मामला खत्म, हाईकोर्ट ने बंद की सभी कार्यवाही
समझें क्या है पूरा मामला
- राहुल गांधी को मानहानि मामले में बड़ी राहत मिली।
- हाईकोर्ट ने याचिका का निस्तारण करते हुए कार्यवाही बंद की।
- भोपाल की विशेष एमपी-एमएलए अदालत में लंबित मामला भी समाप्त।
- राहुल गांधी ने कथित बयान पर खेद व्यक्त किया था।
- कार्तिकेय सिंह चौहान ने भी कार्यवाही खत्म करने पर सहमति जताई
आखिरकार राहुल गांधी को मिल गई राहत
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लंबे समय से चल रहे मानहानि मामले में आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है। जबलपुर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 25 जून को आदेश दिया। न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल ने याचिका का निस्तारण किया। राहुल गांधी के खिलाफ कार्यवाही समाप्त की गई। अदालत ने लंबित मामला बंद किया। भोपाल एमपी एमएलए अदालत की कार्यवाही भी समाप्त मानी गई। पूरी कानूनी प्रक्रिया अब खत्म हो गई।
खेद और समझौता बना राहत का आधार
मामले की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से हाईकोर्ट में एक आवेदन प्रस्तुत किया गया था। इसमें कहा गया था कि वर्ष 2018 में झाबुआ में चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित बयान में कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम त्रुटिवश आ गया था।
राहुल गांधी ने अदालत को बताया कि उन्होंने अगले ही दिन सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देते हुए खेद व्यक्त कर दिया था। उनका आशय कार्तिकेय सिंह चौहान या उनके पिता, तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से नहीं था।
दूसरी ओर कार्तिकेय सिंह चौहान ने भी अदालत में लिखित जवाब दाखिल कर स्पष्ट कर दिया कि राहुल गांधी द्वारा व्यक्त किए गए खेद को स्वीकार करते हुए वे इस विवाद को आगे नहीं बढ़ाना चाहते।
हाईकोर्ट ने दोनों अदालतों की कार्यवाही बंद की
सुनवाई में राहुल गांधी की ओर से विवेक तन्खा ने पक्ष रखा और कार्तिकेय सिंह चौहान की ओर से संकल्प कोचर उपस्थित रहे। दोनों पक्षों की सहमति और दस्तावेजों पर विचार के बाद अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता कार्यवाही समाप्त चाहता है और आवेदक ने कथित बयान पर खेद व्यक्त किया। हाईकोर्ट ने कार्यवाही समाप्त करते हुए कहा कि भोपाल एमपी एमएलए अदालत का मामला भी बंद माना जाएगा।
'द सूत्र' की खबर पर लगी अंतिम मुहर
गौरतलब है कि 'द सूत्र' ने दो दिन पहले ही अपने पाठकों को बता दिया था कि राहुल गांधी और कार्तिकेय सिंह चौहान के बीच समझौता हो चुका है और मामला समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। पिछले तीन दिनों की सुनवाई में लगातार समझौते, खेद और सहमति की बातें सामने आ रही थीं। हाईकोर्ट के अंतिम आदेश ने अटकलों पर विराम लगाया और दोनों पक्षों का विवाद समाप्त हो गया। राहुल गांधी को पूर्ण कानूनी राहत मिली और सभी कार्यवाहियां समाप्त कर दी गईं।
ये भी पढ़ें...
राहुल ने जताया खेद, कार्तिकेय ने जताई सहमति! अब हाईकोर्ट के अंतिम आदेश का इंतजार
राहुल गांधी बनाम कार्तिकेय चौहान विवाद में समझौता लगभग तय, पेशी से राहत पर फैसला टला
नेताओं की एक दूसरे पर टिप्पणी से नाराज राहुल गांधी, कहा सोच समझकर बोलें
राहुल गांधी का अगले चुनाव में आदिवासी एजेंडा, न हसदेव पर आरी न आदिवासी पर डंडा