राहुल और दिग्विजय के मामलों में फिर टली सुनवाई, हाईकोर्ट में नहीं हुई बहस

Neel Tiwari | Jun 17, 2026, 19:41 IST
राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह मामलों में फिर टली सुनवाई
अंतरिम राहत मिलने के बाद क्या नेता सिर्फ समय बढ़ाने की रणनीति अपना रहे हैं? जबलपुर हाईकोर्ट में बुधवार को तीन बड़े राजनीतिक मानहानि मामलों में बहस नहीं हो सकी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • राहुल गांधी और कार्तिकेय सिंह चौहान के मानहानि मामले की सुनवाई 23 जून तक टली।
  • दिग्विजय सिंह बनाम उमा भारती मानहानि प्रकरण में अगली तारीख 1 जुलाई तय।
  • अभिषेक बनर्जी के खिलाफ वारंट पर लगी रोक हुई खत्म।
  • तीनों मामले जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ के समक्ष सूचीबद्ध थे।
  • लगातार तारीखें बढ़ने से मामलों के शीघ्र निस्तारण पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

तीन राजनीतिक दिग्गजों के मामले

जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में बुधवार को राजनीतिक रूप से बेहद चर्चित तीन मानहानि मामलों की सुनवाई सूचीबद्ध थी। इन मामलों में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी जैसे बड़े नाम शामिल हैं। दिलचस्प बात यह रही कि तीनों मामलों की सुनवाई जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ के समक्ष लगी थी। लेकिन किसी भी मामले में प्रभावी बहस नहीं हो सकी। कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को दी गई राहत खारिज कर दी है और अन्य सभी प्रकरणों को आगे की तारीखों के लिए बढ़ा दिया गया।



राहुल गांधी बनाम कार्तिकेय चौहान

राहुल गांधी और कार्तिकेय सिंह चौहान के बीच मानहानि विवाद में बुधवार को सुनवाई नहीं हो सकी। मामला भोपाल की एमपी एमएलए कोर्ट से जुड़ा है। यह विवाद वर्ष 2018 के झाबुआ भाषण से संबंधित है। आरोप है कि राहुल गांधी ने पनामा पेपर्स का उल्लेख किया था। इसमें कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम जोड़ने का दावा किया गया। इसी आधार पर कोर्ट ने राहुल गांधी को समन जारी किया था। समन को चुनौती देते हुए वे हाईकोर्ट पहुंचे हैं। बुधवार को दोनों पक्ष कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। अब अगली सुनवाई 23 जून 2026 को होगी।



दिग्विजय सिंह-उमा भारती विवाद में भी नहीं हुई बहस

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा दायर मानहानि मामला बुधवार को सूचीबद्ध था और इसकी सुनवाई भोपाल हाईकोर्ट में होनी थी। यह विवाद वर्ष 2003 के विधानसभा चुनावों के दौरान दिए गए बयानों से जुड़ा है। आरोप है कि उमा भारती ने दिग्विजय सिंह पर अंडरवर्ल्ड से संबंध और सरकार पर घोटालों के आरोप लगाए थे। इस लंबे समय से लंबित मामले में हाईकोर्ट ने हाल ही में निचली अदालत से स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी। बुधवार को किसी भी पक्ष की ओर से बहस नहीं हुई। अब अगली सुनवाई 1 जुलाई 2026 को होगी।



अभिषेक बनर्जी की राहत हुई रद्द

तीसरा मामला भाजपा नेता आकाश विजयवर्गीय की मानहानि याचिका से जुड़ा है। यह याचिका तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दायर की गई थी। मामला वर्ष 2020 की जनसभा में दिए गए बयान से संबंधित है। आरोप है कि अभिषेक बनर्जी ने आकाश विजयवर्गीय को गुंडा कहा था। इस पर भोपाल एमपी एमएलए कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। बाद में हाईकोर्ट ने इस वारंट पर अंतरिम रोक लगाई थी। मंगलवार को अभिषेक की ओर से समय मांगा गया था। बुधवार को सुनवाई तय थी। लेकिन उनकी ओर से कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद कोर्ट ने अंतरिम राहत रद्द कर दी है।



क्या अंतरिम राहत के बाद बढ़ रही है देरी?

तीनों मामलों में केवल यह समानता नहीं है कि वे हाईप्रोफाइल नेताओं से जुड़े हैं बल्कि इनमें अंतरिम राहत या न्यायिक संरक्षण भी प्रभावी है। कुछ मामलों में वारंट पर रोक है और कुछ में पहले से राहत दी गई है। लगातार तारीखें आगे बढ़ रही हैं और कई बार बहस टल रही है। इससे प्रक्रिया की गति पर सवाल उठ रहे हैं। क्या पक्षकार समय लेने की रणनीति अपना रहे हैं। अदालत ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है लेकिन इन मामलों की धीमी प्रगति चर्चा में बनी हुई है।



हाईकोर्ट की अगली तारीखों पर रहेगी नजर

राहुल गांधी से जुड़ा मामला 23 जून को सुना जाएगा और दिग्विजय सिंह तथा उमा भारती विवाद की सुनवाई 1 जुलाई को होगी। अभिषेक बनर्जी से जुड़े मामले में अंतरिम राहत खारिज हो चुकी है और अब उनके खिलाफ गिरफ्तारी की स्थिति बनी हुई है। तीनों मामले राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं और आने वाली तारीखें कानूनी दृष्टि से अहम मानी जा रही हैं। इनके असर राजनीतिक हलकों में भी देखने को मिलेंगे।



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