राहुल गांधी बोले- मैं यहां राजनीति करने नहीं आया हूं, इन्हें साफ पानी मिलना चाहिए, स्मार्ट सिटी में पीने का पानी नहीं है
News In Short
- राहुल गांधी ने इंदौर के भागीरथपुरा में पीड़ितों से मुलाकात की और साफ पानी की कमी पर चिंता जताई।
- उन्होंने स्मार्ट सिटी मॉडल पर हमला करते हुए कहा कि यह मॉडल पानी की समस्या हल नहीं कर पा रहा है।
- राहुल ने सरकार से पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की।
- उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनका दौरा राजनीति के लिए नहीं, बल्कि लोगों की मदद के लिए था।
- राहुल गांधी ने प्रभावित परिवारों को एक-एक लाख रुपए की राहत राशि देने की घोषणा की।
News In Detail
इंदौर भागीरथपुरा न्यूज:भागीरथपुरा में पीड़ितों से मुलाकात के बाद लोकसभा प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी ने कहा कि मैं यहां राजनीति करने के लिए नहीं आया हूं। मैं विपक्ष का नेता हूं और यहां लोगों की मदद के लिए आया हूं। इन्हें साफ पानी मिलना चाहिए यह सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्मार्ट सिटी के मॉडल पर जमकर हमला बोला।
यह बोले राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि कहा जाता था कि देश को स्मार्ट सिटी दी जाएं। नया मॉडल था इसमें पीने का पानी नहीं मिल रहा है। लोगों को डराया जा रहा है। पानी पीकर लोग मर रहे हैं। यह है अर्बन मॉडल।
यह सिर्फ इंदौर में नहीं है यह देश के अलग-अलग शहरों में हो रहा है। सरकार की यह जिम्मेदारी है कि साफ पानी दें, कम प्रदूषण हो। जिन लोगों ने यह करवाया है। कोई तो जिम्मेदार होगा सरकार में। कोई तो जिम्मेदार होगा, यहां पर जिन्होंने यह काम करवाया है।
कोई ना कोई जिम्मेदारी तो सरकार की रहना चाहिए। इन सभी को मुआवजा मिलना चाहिए आखिर हुआ तो सरकार की लापरवाही से ही।
आप जो चाहे कहें, मुझे फर्क नहीं पड़ता
राहुल ने आगे कहा, "यहां जो टंकी है, वह सिर्फ दिखावा है, लोगों को अभी भी साफ पानी नहीं मिल रहा। यहां इस पर पूरी व्यवस्था होनी चाहिए। अभी तो सिर्फ इसलिए व्यवस्था है क्योंकि सभी की नजरें हैं।"
उन्होंने कहा, "मैं इनकी मदद के लिए यहां आया हूं। मुझे किसी ने नहीं रोका, मैं खुद आया हूं। मैं विपक्ष का नेता हूं और इनका मुद्दा उठाने आया हूं। आप इसे राजनीति कहें या कुछ और, मुझे फर्क नहीं पड़ता, मैं इनकी मदद करने आया हूं।"
परिजनों ने बताया राहुल ने यह कहा
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद परिजनों ने कहा उन्होंने सहयोग राशि में एक-एक लाख रुपए का चेक दिया है। यहां 20 पीड़ित परिवार आए थे। उन्होंने कहा कि साफ पानी मिले इसका प्रयास हम करेंगे।
वहीं, मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी मृतकों के परिवारों को 50-50 हजार रुपए की मदद दी।
जल ही जीवन था लेकिन जल ही मृत्यु बन गया है। मनीष पंवार ने कहा कि अभी भी साफ पानी नहीं आया, हम तो आरओ का ही पी रहे हैं।
इस तरह से रहा राहुल गांधी का दौरा
राहुल गांधी ने सुबह एयरपोर्ट पर आने के बाद बॉम्बे हॉस्पिटल की ओर रुख किया। यहां वह करीब 12 मिनट तक भर्ती मरीज और उनके परिजनों से मिले। इसके बाद भागीरथपुरा (भागीरथपुरा कांड) के लिए रवाना हुए।
यहां पहले गीताबाई, जीवन व अन्य परिवारों के यहां मिलने के लिए पैदल गए। इनसे हालात को समझा और सांत्वना दी। इसके बाद भागीरथपुरा पानी की टंकी के पास गार्डन में पीड़ित परिवारों (भागीरथपुरा मामला) के परिजनों से मुलाकात की। यहां पर कांग्रेस पार्टी की ओर से पीड़ितों को एक-एक लाख रुपए की राहत राशि दी गई।
यह सभी नेता रहे साथ में
राहुल गांधी के साथ प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, अजय सिंह, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा व अन्य नेता मौजूद रहे।
ये खबरें भी पढ़ें...
शर्मनाक बयान के बाद राहुल गांधी संग दिखे फूल सिंह बरैया, सीएम बोले- समाज में जहर घोला