सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान, एमपी की हर विधानसभा में बनेंगे एक-एक स्टेडियम
समझें क्या है पूरा मामला
- भोपाल में राजा भोज सेलिंग चैंपियनशिप का समापन हुआ।
- एनएसएस भोपाल ने प्रतियोगिता का विजेता खिताब हासिल किया।
- एनवाईएससी गोवा प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर रहा।
- सीएम ने 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्टेडियम बनाने की बात कही।
- मध्यप्रदेश में अभी 18 खेलों की 11 अकादमियां संचालित हैं।
भोपाल बोट क्लब में राजा भोज मल्टी क्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप का तीसरा संस्करण समाप्त हुआ। प्रतियोगिता में NSS (नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप ) भोपाल ने विजेता का खिताब हासिल किया। NYSC गोवा दूसरे और सिकंदराबाद तीसरे स्थान पर रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश खेलों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में खेल सुविधाएं विकसित करना चाहती है।
मप्र की खेल छलांग
सीएम मोहन यादव ने खेलों में मध्य प्रदेश की प्रगति पर भी बात की। उनके मुताबिक तीन साल पहले तक प्रदेश देश में 16वें-17वें स्थान के आसपास था। अब मध्य प्रदेश तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।
CM ने इसका श्रेय खिलाड़ियों की मेहनत और सरकार की प्रतिबद्धता को दिया। उन्होंने कहा कि ओलंपिक और कॉमनवेल्थ जैसे बड़े मंचों पर भी मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों का योगदान अब दिखने लगा है।
मंत्री सारंग की मांग
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग भी समारोह में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि CM मोहन यादव लगातार तीसरे दिन भोपाल के इसी इलाके में खेल कार्यक्रमों में पहुंचे हैं। इससे उनका खेलों के प्रति जुड़ाव झलकता है।
सारंग ने भोपाल के बड़े तालाब को "भगवान का उपहार" बताया। उन्होंने कहा कि सरकार इसे खेल और पर्यटन, दोनों के लिए इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने CM से भोपाल में एक खेल संग्रहालय बनाने की भी मांग रखी।
चैंपियनशिप के नतीजे
इस बार की प्रतियोगिता में 12 क्लबों के 87 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कुल 110 रेस कराई गईं। नेशनल सेलिंग स्कूल भोपाल (NSS – National Sailing School) पहले स्थान पर रही।
नेवी यूथ स्पोर्ट्स क्लब गोवा (NYSC – Navy Youth Sports Club) दूसरे नंबर पर आई। तीसरा स्थान सिकंदराबाद की टीम को मिला। यह नतीजे राज्य में सेलिंग खेल के बढ़ते स्तर को दिखाते हैं।
अकादमियों पर फोकस
प्रदेश में फिलहाल 18 खेलों की 11 खेल अकादमियां चल रही हैं। सरकार का कहना है कि खिलाड़ियों को सिर्फ प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उनकी शिक्षा और भविष्य पर भी ध्यान दिया जाएगा।
CM ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का जिक्र भी किया। इसमें खेल को शिक्षा का हिस्सा बनाने की बात कही गई है। साथ ही कोच के करियर को भी आगे बढ़ाने का प्रावधान है।
खिलाड़ियों का सम्मान
समारोह में कई मेडल विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। इनमें कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो का रजत पदक जीतने वाली यामिनी मौर्य शामिल रहीं। शॉटपुट खिलाड़ी समरदीप सिंह गिल, पोल वॉल्ट के देव कुमार मीणा और कुलदीप कुमार भी सम्मानित हुए।
फेंसिंग खिलाड़ी खुशी दाबोड़े को भी सम्मान मिला। इसके अलावा हॉकी इंडिया जूनियर चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली मध्य प्रदेश हॉकी अकादमी की टीम को भी बुलाया गया।
विजेता टीमों के नाम
NSS भोपाल की विजेता टीम में वायु चंद्रवंशी, माही वर्मा, तुलसी पटले, एकलव्य वायम और वंशिका शिकारवार शामिल थे। इनके अलावा आर्यन पाटीदार, प्रार्थना मोई, अंकित सिसोदिया, समर पंचेश्वर और सिद्धि टंडन भी टीम का हिस्सा रहे।
उपविजेता NYSC गोवा की टीम में शशांक जाधव, हृदय जोशी, मोह रिजवान, शिवम वाल्मीकि और हेमंत पपौला शामिल थे। NSS भोपाल के प्रशिक्षकों में जीएल यादव, राम मिलन, नरेंद्र एस. राजपूत और अनिल शर्मा का नाम रहा।
भोपाल बना वाटर स्पोर्ट्स हब
भोपाल की झीलें सेलिंग, रोइंग, कयाकिंग और केनोइंग के लिए बेहद अनुकूल मानी जाती हैं। मध्य प्रदेश राज्य जल क्रीड़ा अकादमी की स्थापना साल 2007 में हुई थी। यहां सेलिंग से लेकर स्लालम तक की ट्रेनिंग दी जाती है।
अब तक अकादमी के खिलाड़ी 28 अंतरराष्ट्रीय और 69 राष्ट्रीय पदक जीत चुके हैं। इसके अलावा खिलाड़ी 37 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत और मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि भोपाल वाटर स्पोर्ट्स का एक मजबूत केंद्र बनता जा रहा है।
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