राजेंद्र भारती केस में सुनवाई पूरी: HC में फैसला सुरक्षित, अब दतिया चुनाव पर नजर

Sanjay Dhiman | Jul 09, 2026, 21:42 IST
Photograph: (the sootr)
राजेंद्र भारती एफडी घोटाला मामले में हाई कोर्ट का फैसला सुरक्षित। जानिए कैसे दतिया उपचुनाव का पूरा सियासी समीकरण अब अदालत के फैसले पर टिक गया है।

पूर्व विधायक राजेंद्र भारती से जुड़े बैंक एफडी घोटाला मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने अपनी सुनवाई पूरी कर ली है। सरकारी वकीलों और राजेंद्र भारती के पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।



अब दिल्ली की ही विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट से भी जल्द ही फैसला आने की उम्मीद जताई जा रही है। इस फैसले पर न सिर्फ राजेंद्र भारती का राजनीतिक भविष्य टिका है,बल्कि दतिया उपचुनाव के पूरे समीकरण भी बदल सकते हैं। पूरे दतिया क्षेत्र के लोगों की नजरें अब सीधे अदालत के इस बड़े फैसले पर टिकी हुई हैं।



क्या है बैंक एफडी घोटाला मामला?

मामले की जड़ें बैंक में जमा फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी के हेरफेर से जुड़ी हुई हैं। राजेंद्र भारती पर आरोप है कि उन्होंने बैंक की एफडी से जुड़े लेनदेन में बड़ी गड़बड़ी और धोखाधड़ी की थी। इसी गंभीर मामले में दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट ने बीती 2 अप्रैल 2026 को पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को दोषी ठहराया था।



अदालत ने राजेंद्र भारती को तीन साल की जेल की सजा भी सुनाई थी। इस सजा के तुरंत बाद नियम के मुताबिक मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने उनकी विधायकी रद्द कर दी थी। इसी सजा और कोर्ट के फैसले को चुनौती देने के लिए उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी।



पी. चिदंबरम ने कोर्ट में रखा राजेंद्र भारती का पक्ष

दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सीनियर वकील पी.चिदंबरम खुद मैदान में उतरे। उन्होंने राजेंद्र भारती का पक्ष रखते हुए अदालत में दलील दी कि यह पूरा मामला कोई आपराधिक केस नहीं है। चिदंबरम ने कहा कि यह सिर्फ और सिर्फ एक सिविल यानी दीवानी प्रकृति का विवाद है।



उन्होंने कोर्ट को बताया कि खुद बैंक भी पहले इस पूरे विवाद को सिविल मामला मानते हुए सुप्रीम कोर्ट गया था। सुप्रीम कोर्ट में उस वक्त दोनों ही पक्षों के बीच एक लिखित समझौता भी हो गया था। चिदंबरम के मुताबिक समझौते की वह राशि अब तक राजेंद्र भारती को वापस नहीं मिली है।



उन्होंने यह भी साफ किया कि वह विवादित एफडी आज भी बैंक में पूरी तरह सुरक्षित रखी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के आठ साल बाद राजनीतिक कारणों से रघुवीरशरण प्रजापति को सह-आरोपी बनाया गया।



टिकट बंटवारे में फंसा पेंच: भाजपा और कांग्रेस दोनों परेशान

दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए नामांकन का काम तेजी से चल रहा है। इसके बावजूद भाजपा और कांग्रेस दोनों ही बड़ी पार्टियों ने अभी तक अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित नहीं किए हैं। दतिया के सियासी गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि दोनों ही दल सिर्फ और सिर्फ अदालत के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।



यदि राजेंद्र भारती को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिल जाती है,तो कांग्रेस का दांव मजबूत हो जाएगा। वहीं दूसरी तरफ भाजपा भी अपनी रणनीति को कोर्ट के फैसले के हिसाब से बदलने की तैयारी में बैठी है।



नामांकन के लिए बचा है बहुत कम समय

मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पहले घोषणा की थी कि कांग्रेस प्रत्याशी 11 जुलाई को अपना पर्चा भरेंगे। हालांकि,स्थानीय प्रशासन ने साफ कर दिया है कि महीने के दूसरे शनिवार को रिटर्निंग ऑफिसर कोई भी नामांकन स्वीकार नहीं करेंगे।



प्रशासन के इस नए पत्र के बाद कांग्रेस अब नामांकन के लिए किसी नई तारीख पर बहुत गंभीरता से विचार कर रही है। उम्मीदवारों के पास पर्चा दाखिल करने के लिए सिर्फ शुक्रवार और अगले हफ्ते का सोमवार का दिन ही बचा हैं।



यह खबरें भी पढ़ें...



दतिया उपचुनाव: राजेंद्र भारती का बड़ा बयान- छोड़ा टिकट का दावा



दतिया में कांग्रेस का बड़ा दांव? राजेंद्र भारती की पत्नी बन सकती हैं उम्मीदवार



पूर्व विधायक राजेंद्र भारती मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई टली, अब 14 जुलाई को



दतिया उपचुनाव की तैयारी शुरू: राजेंद्र भारती अयोग्यता मामले की सुनवाई से पहले EVM जांच के आदेश



Tags:
  • जीतू पटवारी
  • एमपी-एमएलए कोर्ट
  • दिल्ली हाई कोर्ट
  • दतिया उपचुनाव
  • पूर्व विधायक राजेंद्र भारती