राजेंद्र भारती केस में दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी, उधर नरोत्तम मिश्रा से मिले हेमंत खंडेलवाल
News In Short
1. पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को बैंक धोखाधड़ी मामले में तीन साल की सजा हुई है।
2. भारती ने 1 अप्रैल को दोषी ठहराए जाने और 2 अप्रैल को सजा के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
3. दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है।
4. सजा के बाद, राजेंद्र भारती को दतिया विधानसभा सीट से अयोग्य घोषित किया गया है।
5. यह मामला FD घोटाले से जुड़ा है।
News In Detail
मध्यप्रदेश के कांग्रेस विधायक रहे राजेंद्र भारती के मामले में मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट में एक नया मोड़ आया। भारती ने बैंक धोखाधड़ी के मामले में अपनी दोषसिद्धि और तीन साल की सजा को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
लाइव लॉ के मुताबिक, इस पर दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा की पीठ ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। दिल्ली हाई कोर्ट की न्यायाधीश डॉ. स्वर्ण कांता शर्मा ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद यह आदेश दिया।
बता दें कि बैंक धोखाधड़ी के 27 साल पुराने मामले में राजेंद्र भारती को तीन साल की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता भी खत्म कर दी गई थी।
15 अप्रैल को होगा फैसला!
राजेंद्र भारती ने अपनी सजा के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अब इस मामले में 15 अप्रैल को ही फैसला होगा।
राजेंद्र भारती ने कहा कि मुझे अदालत पर पूरा भरोसा है और यकीन है कि 15 अप्रैल को मुझे इंसाफ मिलेगा। उन्होंने आगे यह भी कही कि अगर जरूरत पड़ी तो मैं सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाऊंगा।
उधर मध्य प्रदेश में सियासी हलचल तेज
दतिया विधानसभा सीट अब राजनीति में एक हॉट सीट बन गई है। हाई कोर्ट की सुनवाई टलने के बाद, मध्य प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के घर जाकर करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में चर्चा की, जो दतिया उपचुनाव की संभावित रणनीति से जुड़ी मानी जा रही है। 2023 के विधानसभा चुनाव में नरोत्तम मिश्रा को कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने हराया था।
क्या था पूरा मामला
यह पूरा मामला जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक में हुए कथित धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ा है। 2 अप्रैल 2026 को विशेष MP-MLA कोर्ट ने राजेंद्र भारती को इस मामले में 3 साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 8(3) के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता स्वतः समाप्त हो गई। इसके खिलाफ ही उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर की है, जिस पर आज सुनवाई हो रही है और इसी फैसले पर अब उनके राजनीतिक भविष्य की दिशा तय होगी।
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