राजगढ़ में फर्जी डिग्री से बने टीचर, 9 शिक्षकों पर FIR, जानें मामला
समझें क्या है पूरा मामला
राजगढ़ में फर्जी अंकसूची और डिग्री से शिक्षकों को नौकरी मिली थी।
शिक्षा विभाग ने ऐसे 9 शिक्षकों के खिलाफ पुलिस में FIR दर्ज कराई है।
आरोपियों से कुल 3.33 करोड़ रुपए की वसूली की जाएगी।
मंगलवार को एक महिला शिक्षक को गिरफ्तार किया गया।
एक आरोपी हरिसिंह यादव अभी भी फरार है, पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
नौ शिक्षकों पर एफआईआर
राजगढ़ जिले में शिक्षा विभाग की भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। फर्जी डिग्री और फर्जी अंकसूची के सहारे 9 लोगों ने शिक्षक की नौकरी हासिल कर ली थी। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ FIR (First Information Report – प्राथमिकी) दर्ज कर ली है।
जांच में पता चला कि इन आरोपियों ने डीएड (D.Ed – Diploma in Education) की फर्जी डिग्री और फर्जी अंकसूची का इस्तेमाल किया था। इसी दस्तावेज के दम पर उन्हें सरकारी स्कूलों में नौकरी मिल गई थी।
अब शिक्षा विभाग इन सभी 9 शिक्षकों से करीब 3 करोड़ 33 लाख रुपए की वसूली की तैयारी में है। शुरुआती आकलन के अनुसार हर शिक्षक से लगभग 37 लाख रुपए वसूले जाएंगे।
महिला शिक्षक गिरफ्तार, एक आरोपी फरार
आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। इनमें से एक महिला शिक्षक को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया। एक अन्य आरोपी शिक्षक इसी तरह के पुराने मामले में पहले से जेल में बंद है।
आरोपी हरिसिंह यादव अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। विभाग का कहना है कि जल्द ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग में भी फर्जीवाड़ा
शिक्षा विभाग के अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग में भी बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े के मामले सामने आए हैं। कर्नाटक और देहरादून की फर्जी अंकसूची लगाकर नौकरी पाने के मामले उजागर हुए हैं।
करीब एक साल पहले कोतवाली पुलिस ने इसी सिलसिले में एक कंप्यूटर सेंटर को सील किया था। उस समय भी फर्जी दस्तावेज तैयार करने का नेटवर्क सामने आया था।
सूरजपुरा स्कूल में मिली फर्जी अंकसूची
कार्रवाई के बीच फर्जीवाड़े का एक और मामला सामने आया है। सरकारी प्राथमिक विद्यालय सूरजपुरा में पदस्थ शिक्षक बलराम कारपेंटर की अंकसूची भी जांच के घेरे में आई है।
माध्यमिक शिक्षा मंडल के रिकॉर्ड से मिलान करने पर पता चला कि यह अंकसूची असल में दिनेश पिता मायाराम जाट के नाम दर्ज है। यानी बलराम ने किसी और व्यक्ति की अंकसूची के आधार पर नौकरी हासिल कर ली थी।
विभाग ने बलराम को बर्खास्तगी का नोटिस थमा दिया है। जल्द ही उसके खिलाफ भी FIR दर्ज कराई जाएगी।
5 और शिक्षकों की जांच बाकी
जिले में 5 अन्य शिक्षकों की अंकसूची भी संदेह के दायरे में है। इनकी जांच रिपोर्ट अभी आना बाकी है। रिपोर्ट आने के बाद इन पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
शिक्षा विभाग का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही सरकारी खजाने को हुए नुकसान की भरपाई के लिए वसूली प्रक्रिया भी तेज की जाएगी।
FAQ
- राजगढ़ में कितने शिक्षकों पर FIR दर्ज हुई है?
राजगढ़ में फर्जी अंकसूची से नौकरी पाने वाले 9 शिक्षकों पर FIR दर्ज हुई है। इन सभी को शिक्षा विभाग की जांच में पकड़ा गया। - कितनी रकम की वसूली होगी?
आरोपियों से कुल 3.33 करोड़ रुपए वसूले जाएंगे। शुरुआती आकलन में हर शिक्षक से करीब 37 लाख रुपए वसूली की जाएगी। - क्या सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं?
अभी तक एक महिला शिक्षक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी हरिसिंह यादव फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
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