राज्यसभा चुनाव : तीसरी सीट के लिए आज नामांकन भरेंगे महेश केवट और मीनाक्षी

Ramanand Tiwari | Jun 08, 2026, 07:43 IST
राज्यसभा चुनाव में तीसरी सीट के उम्मीदवार महेश केवट और मीनाक्षी नटराजन
मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव 2026 में भाजपा के महेश केवट और कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन के नामांकन से मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया है। जानिए इस त्रिकोणीय मुकाबले का पूरा सियासी गणित...

मध्य प्रदेश की राज्यसभा चुनावी लड़ाई अब बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है। भाजपा के तीसरे उम्मीदवार महेश केवट और कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन आज यानी 08 जून को अपना नामांकन दाखिल करेंगे।



सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं उनके साथ नामांकन प्रक्रिया में मौजूद रह सकते हैं। भाजपा के इस कदम ने कांग्रेस की रणनीति और विधायकों की एकजुटता को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।



सुबह 9:30 बजे सीएम हाउस में महामंथन

राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सूत्रों के मुताबिक सोमवार सुबह 9:30 बजे मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा विधायक दल की अहम बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में प्रदेश के सभी भाजपा विधायकों और मंत्रियों को मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं।



बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं बैठक की अध्यक्षता करेंगे। राज्यसभा चुनाव की रणनीति, वोटिंग मैनेजमेंट और तीसरी सीट पर भाजपा के उम्मीदवार महेश केवट के नामांकन को लेकर अंतिम चर्चा होगी।



नामांकन से पहले भाजपा के शक्ति प्रदर्शन की तैयारी

सूत्रों के अनुसार भाजपा तीसरी सीट को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। यही वजह है कि महेश केवट के नामांकन से पहले मुख्यमंत्री आवास पर पूरी रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक केवल औपचारिक नहीं है, बल्कि राज्यसभा चुनाव में भाजपा की आक्रामक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।



भाजपा का नया दांव, तीसरी सीट पर बढ़ाया दबाव

राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने तीसरी सीट पर महेश केवट को मैदान में उतारकर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। पार्टी को उम्मीद है कि केवट समाज के प्रभावशाली चेहरे के रूप में महेश केवट चुनावी गणित में अहम भूमिका निभा सकते हैं।



भाजपा का यह कदम केवल उम्मीदवार उतारने तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे कांग्रेस के भीतर संभावित असंतोष और राजनीतिक समीकरणों को परखने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।



मुख्यमंत्री की मौजूदगी से बढ़ेगा राजनीतिक संदेश

सूत्रों के अनुसार महेश केवट का नामांकन केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी भाजपा की राजनीतिक प्रतिबद्धता और तीसरी सीट जीतने के इरादे को मजबूत संदेश दे सकती है।



राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा इस चुनाव को सामान्य प्रक्रिया की बजाय प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में पेश कर रही है।



कांग्रेस में बढ़ी हलचल, बाड़ाबंदी की चर्चा तेज

भाजपा के तीसरे उम्मीदवार के मैदान में उतरने के बाद कांग्रेस खेमे में भी गतिविधियां तेज हो गई हैं। पार्टी नेतृत्व विधायकों की एकजुटता बनाए रखने के लिए लगातार संपर्क में बताया जा रहा है।



सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अपने सभी विधायकों को सुरक्षित रखने की रणनीति पर काम कर रही है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि विधायकों को एक साथ किसी सुरक्षित स्थान पर रखा जा सकता है।



क्या तेलंगाना भेजे जा सकते हैं विधायक?

सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व विधायकों को दूसरे राज्य में शिफ्ट करने के विकल्प पर भी विचार कर सकता है। तेलंगाना का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। हालांकि पार्टी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, क्रॉस वोटिंग की आशंका और चुनावी गणित को देखते हुए ऐसे कदम की संभावनाओं पर राजनीतिक हलकों में चर्चा जारी है।



दिग्गज नेताओं की भूमिका पर भी नजर

कांग्रेस के भीतर चल रही बैठकों और वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता ने भी सियासी अटकलों को बढ़ाया है। हाल ही में वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह अपने बेटे जयवर्धन सिंह के साथ मीनाक्षी नटराजन से मुलाकात करते नजर आए थे।



इन मुलाकातों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक अर्थ निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व किसी भी संभावित राजनीतिक नुकसान से बचने के लिए सभी स्तरों पर रणनीति तैयार कर रहा है।



तीसरी सीट बनी चुनाव का सबसे बड़ा रोमांच

राज्यसभा चुनाव की दो सीटों को लेकर तस्वीर अपेक्षाकृत स्पष्ट मानी जा रही है, लेकिन तीसरी सीट ने मुकाबले को रोचक बना दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या भाजपा अपने राजनीतिक गणित को जीत में बदल पाएगी या कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रखकर भाजपा की रणनीति को विफल करेगी।



फिलहाल महेश केवट के नामांकन के साथ राज्यसभा चुनाव का राजनीतिक तापमान और बढ़ना तय माना जा रहा है।



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18 जून को होगा चुनाव

राज्यसभा चुनाव का पूरा शेड्यूल तय हो चुका है। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 8 जून है। नामांकन पत्रों की जांच 9 जून को होगी और नाम वापसी की अंतिम तारीख 11 जून रखी गई है। मतदान 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। उसी दिन शाम 5 बजे मतगणना भी होगी। यानी 18 जून की शाम तक तस्वीर साफ हो जाएगी।



मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा विधायकों की संख्या के अनुसार दोनों सीटें पार्टी के खाते में आना लगभग तय माना जा रहा है।



FAQ

  1. मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव 2026 कब होगा?
    मध्य प्रदेश में राज्यसभा की दो सीटों पर 18 जून 2026 को चुनाव होना है। भाजपा के पास विधानसभा में बहुमत होने के कारण दोनों सीटें उसी के खाते में जाना तय माना जा रहा है। तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल भाजपा के उम्मीदवार हैं।

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