1400 करोड़ चंदा आया, हिसाब सिर्फ 8 करोड़ का निकला, दिग्विजय सिंह ने VHP को घेरा
समझें क्या है पूरा मामला
- दिग्विजय सिंह ने VHP पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- सिंह ने राम मंदिर चंदे को लेकर सवाल उठाए हैं।
- सिंह ने 1400 करोड़ रुपए चंदा जुटने का दावा किया।
- दिग्विजय ने संतों को ट्रस्ट में शामिल करने की मांग की।
- सिंह ने महाकाल से अयोध्या यात्रा का ऐलान किया।
दिग्विजय सिंह ने VHP पर राम मंदिर चंदे को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि शिला पूजन के समय 1400 करोड़ रुपए चंदा जुटा था। इसमें से सिर्फ 8.29 करोड़ रुपए का हिसाब सामने आया। सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट में संतों को शामिल करने की मांग की। उन्होंने महाकाल से अयोध्या तक यात्रा करने का भी ऐलान किया।
गुना के सर्किट हाउस में दिग्विजय सिंह ने पत्रकारों से बात की। यहां उन्होंने भाजपा और विश्व हिंदू परिषद, यानी VHP (VHP – Vishwa Hindu Parishad), पर जमकर निशाना साधा। उनका आरोप राम मंदिर से जुड़े चंदे के हिसाब को लेकर था।
सिंह ने कहा कि शिला पूजन के समय बड़ी रकम इकट्ठा हुई थी। लेकिन उसका पूरा हिसाब कभी सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताया।
1400 करोड़ चंदा, सिर्फ 8 करोड़ हिसाब
दिग्विजय सिंह का दावा है कि 1988-89 में राम मंदिर शिला पूजन के दौरान करीब 1400 करोड़ रुपए चंदा जमा हुआ था। उनके अनुसार इसमें से सिर्फ 8.29 करोड़ रुपए का हिसाब सामने आया।
यह आंकड़ा दिग्विजय सिंह का अपना दावा है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। राम मंदिर चंदे को लेकर पहले भी कई राजनीतिक आरोप लगते रहे हैं। साल 2026 में भी मंदिर में चढ़ावे और दान की कथित गड़बड़ी पर विवाद हुआ था।
संतों को ट्रस्ट में शामिल करने की मांग
दिग्विजय सिंह ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट में संतों को पर्याप्त जगह मिलनी चाहिए। उनका आरोप है कि पुरानी धार्मिक व्यवस्था बदलकर VHP से जुड़े लोगों को जगह दी गई।
उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं में राजनीतिक दखल बढ़ गया है। मंदिर जैसी संस्थाओं में संतों और धार्मिक परंपराओं से जुड़े लोगों की भूमिका जरूरी है, ऐसा उनका कहना था।
VHP पर निजी हित का आरोप
सिंह ने आरोप लगाया कि VHP ने धार्मिक चंदे का इस्तेमाल निजी हित में किया। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों पर भी सवाल उठाए।
उनका कहना था कि आस्था से जुड़े पैसों में किसी भी गड़बड़ी को गंभीरता से लेना चाहिए। साल 2026 में भी इस मुद्दे पर जांच और राजनीतिक बहस हुई थी। VHP ने उस समय विपक्षी नेताओं से आरोपों के सबूत मांगे थे।
महाकाल से अयोध्या तक यात्रा
दिग्विजय सिंह ने ऐलान किया कि वे महाकाल मंदिर से अयोध्या तक यात्रा करेंगे। उन्होंने कहा कि यह यात्रा धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर होगी।
स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था पर भी सवाल
पत्रकार वार्ता में दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत पर चिंता जताई। उन्होंने शुक्ल के इस्तीफे की मांग कर दी। उन्होंने प्रदेश और देश की कानून व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा। आम लोगों की सुरक्षा को लेकर उन्होंने गंभीर सवाल उठाए।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं को निर्देश
गुना में कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक भी हुई। दिग्विजय सिंह ने 2028 के विधानसभा चुनाव को बड़ी चुनौती बताया।उन्होंने बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने की अपील की। कार्यकर्ताओं को उन्होंने 5-एस मंत्र दिया। यह मंत्र है संपर्क, संवाद, समन्वय, सामंजस्य और सकारात्मक सोच।
धर्म की राजनीति पर निशाना
दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन्हें वे 'फूल छाप' कहते हैं, उनका स्वतंत्रता आंदोलन में कोई योगदान नहीं रहा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस और सरदार पटेल का योगदान युवाओं तक पहुंचाने को कहा। उन्होंने भाजपा, RSS (RSS – Rashtriya Swayamsevak Sangh) और VHP पर धर्म के नाम पर राजनीति फैलाने का आरोप भी लगाया। सिंह ने कहा कि सनातन धर्म का मूल संदेश विश्व कल्याण है।
अब इन सवालों पर टिकी नजरें
1400 करोड़ रुपए चंदे के दावे का आधार क्या है, यह अभी साफ नहीं है। 8.29 करोड़ रुपए के हिसाब का स्रोत भी सामने नहीं आया है। राम मंदिर ट्रस्ट में संतों की भूमिका बढ़ाने की मांग पर क्या प्रतिक्रिया आती है, यह देखना बाकी है। VHP इन आरोपों पर क्या जवाब देगी, इस पर सबकी नजर रहेगी।
FAQ
- दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर चंदे पर क्या आरोप लगाया?
दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि शिला पूजन के दौरान 1400 करोड़ रुपए चंदा जुटा था। उनके अनुसार सिर्फ 8.29 करोड़ रुपए का हिसाब सामने आया। यह उनका अपना दावा है, स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। - दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर क्या मांग की?
दिग्विजय ने ट्रस्ट में संतों और धार्मिक व्यक्तियों को शामिल करने की मांग की। उनका कहना था कि धार्मिक संस्थाओं में राजनीतिक दखल बढ़ गया है। - दिग्विजय सिंह ने कौन सी यात्रा का ऐलान किया?
दिग्विजय ने महाकाल मंदिर से अयोध्या तक यात्रा करने की बात कही। यह यात्रा धार्मिक पारदर्शिता की मांग को लेकर होगी।
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