श्रीराम मंदिर की जमीन से हटेगी शराब दुकान, द सूत्र के खुलासे के बाद विधायक रिश्तेदार को झटका
Sanjay Gupta | Sept 10, 2026, 14:44 IST
indore ram mandir vivad
इंदौर के सिरपुर गांव में श्रीराम मंदिर के नाम दर्ज जमीन पर चल रही सरकारी शराब दुकान को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। द सूत्र के खुलासे के बाद जांच में सामने आया कि... नीचे पढ़ें पूरा खबर
इंदौर के सिरपुर गांव में पिछले 20 साल से जिला प्रशासन की नाक के नीचे सरकारी शराब दुकान चल रही है। यह जमीन श्रीराम मंदिर के नाम दर्ज है और इसके व्यवस्थापक कलेक्टर हैं। इसके बावजूद यहां से मिलने वाला किराया विधायक मालिनी गौड़ के रिश्तेदार दिलीप गौड़ ले रहे थे। किराया भी कोई मामूली नहीं, हर साल 36 लाख रुपए था। द सूत्र के खुलासे के बाद प्रशासन हरकत में आया है। अब दुकान खाली करने का नोटिस जारी कर दिया गया है।
द सूत्र के खुलासे के बाद प्रशासन ने इस मामले की जांच कराई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अपर तहसीलदार ने दुकानदार को नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस में बताया गया है कि यह दुकान सर्वे नंबर 394/1 की जमीन पर बनी है। यह जमीन रिकॉर्ड में श्रीराम मंदिर के नाम दर्ज है और इसके व्यवस्थापक कलेक्टर हैं।
इस जमीन पर शराब दुकान चल रही है और पीछे की तरफ मानसरोवर होटल भी है। हालांकि अभी होटल खाली पड़ी हुई है। प्रशासन ने पहले दुकानदार से जमीन के स्वामित्व को लेकर जानकारी मांगी थी। जवाब में दुकानदार ने बताया कि उसके पास साल 1991 में कोर्ट से मिली डिक्री का आदेश है।
लेकिन जांच में प्रशासन ने कहा कि यह जमीन श्रीराम मंदिर की है और रिकॉर्ड में कलेक्टर इसके व्यवस्थापक हैं। ऐसे में यहां किया गया कब्जा नियमों के खिलाफ है। इसी आधार पर भू-राजस्व संहिता की धारा 248(1) के तहत दुकान को तुरंत खाली करने का आदेश दिया गया है।
इसके साथ ही प्रशासन ने अवैध कब्जे के मामले में दुकानदार पर 2 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
बता दें कि यह शराब दुकान शिवहरे गुट के पास है। शिवहरे गुट ने करीब 10 करोड़ रुपए में इसका लाइसेंस लिया है। लाइसेंस मिलने के बाद अप्रैल महीने में उन्होंने इस जमीन के कब्जाधारक दिलीप गौड़ के साथ किरायानामा किया था। इस समझौते के तहत हर महीने 3 लाख रुपए किराया देना तय हुआ था। इसमें 2 लाख रुपए नकद और 1 लाख रुपए बैंक खाते के जरिए देने की बात कही गई थी।
यानी जिस जमीन का रिकॉर्ड श्रीराम मंदिर के नाम पर है और जिसके व्यवस्थापक कलेक्टर हैं, उसी जमीन का किराया विधायक के रिश्तेदार दिलीप गौड़ ले रहे थे।
द सूत्र के खुलासे के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की और अब यह पूरी दुकानदारी बंद हो गई है। इसके साथ ही किराए की वसूली भी रुक गई है।
वहीं अब जिला प्रशासन कब्जाधारक दिलीप गौड़ से किराए की राशि वसूलने की तैयारी कर रहा है। बताया जा रहा है कि इसी साल अप्रैल से सितंबर तक गौड़ करीब 18 लाख रुपए किराए के रूप में ले चुके हैं। जबकि यह किराया पिछले करीब 20 सालों से लिया जा रहा था।
प्रशासन का मानना है कि नियमों के अनुसार जमीन से वसूला गया किराया सरकारी खाते में जमा होना चाहिए। इसी आधार पर अब पूरे किराए की वसूली की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके लिए प्रशासन ने आबकारी विभाग से शराब दुकानदार और जमीन कब्जाधारक दिलीप गौड़ के बीच हुए किरायानामे के दस्तावेज मांगे हैं, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि मंदिर, मस्जिद, अन्य धार्मिक स्थलों और शैक्षणिक संस्थानों से 100 मीटर के दायरे में शराब दुकान नहीं खोली जा सकती। लेकिन इस मामले में स्थिति और भी अलग है, क्योंकि यह दुकान जिस जमीन पर चल रही है, वह खुद श्रीराम मंदिर के नाम दर्ज है।
मामला सामने आने के बाद अब आबकारी विभाग भी सक्रिय हो गया है। विभाग ने लाइसेंसी दुकानदार को दूसरी जगह तलाशने के लिए कहा है, ताकि शराब दुकान को वहां शिफ्ट किया जा सके। इसके बाद प्रशासन जमीन से कब्जा हटाने और कब्जाधारक से किराए की वसूली की कार्रवाई आगे बढ़ा सकेगा।
सर्वे नंबर 394 को दो हिस्सों में बांटा गया है। इसमें सर्वे नंबर 394/2 का कुल क्षेत्रफल करीब 32 हजार वर्गफीट है। यह जमीन सीताराम दास के नाम से थी, जिसे बाद में बेच दिया गया। इसके बाद जून 1991 में जिला कोर्ट की डिक्री के आधार पर यह जमीन दूसरे लोगों के नाम दर्ज हो गई।
वर्तमान रिकॉर्ड में यह जमीन साधना पति प्रकाश के नाम पर दर्ज है। जब इस जमीन की आगे बिक्री हुई और अयाज खान ने अक्टूबर 2025 में नामांतरण के लिए आवेदन किया, तब जांच में सामने आया कि यह जमीन सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है।
इसके बाद जिला प्रशासन ने जिला कोर्ट में आवेदन लगाकर साल 1991 में हुई डिक्री को निरस्त करने की मांग की है। फिलहाल यह मामला दोबारा कोर्ट में पहुंच गया है और इस पर सुनवाई चल रही है।
विवाद सामने आने के बाद जब प्रशासन ने जांच कराई तो पता चला कि यह जमीन सर्वे नंबर 394/1 का हिस्सा है। रिकॉर्ड के अनुसार यह जमीन श्रीराम मंदिर के नाम दर्ज है और इसके व्यवस्थापक कलेक्टर हैं।
जांच में सामने आया कि इस जमीन के आगे वाले हिस्से में करीब 4200 वर्गफीट क्षेत्र में सिरपुर की सरकारी शराब दुकान संचालित हो रही है। वहीं जमीन के पीछे वाले करीब 25 हजार वर्गफीट हिस्से पर भी कब्जा किया गया है। प्रशासन अब इसी कब्जे और जमीन के उपयोग को लेकर आगे की कार्रवाई कर रहा है।
जब द सूत्र ने इस शराब दुकान को लेकर पूरी इन्वेस्टिगेशन की और दस्तावेज निकाले तो चौंकाने वाली बात सामने आई। इस दुकान पर पहले दिलीप गौड़ (इंदौर विधानसभा चार की विधायक मालिनी गौड़ के रिश्तेदार, स्वर्गीय मंत्री लक्ष्मण सिंह गौड़ के भाई) का मानसरोवर नाम का होटल व बार चलता था। बाद में यह बंद हो गया और यहां पर सरकारी शराब दुकान खुल गई।
इस दुकान को लेकर शराब दुकानदार दिलीप सिंह गौड़ के साथ ही किरायानामा करार करते हैं। वर्तमान में शराब लाइसेंसी संजय शिवहरे और दिलीप सिंह गौड़ के बीच किरायानामा है। यह 36 लाख रुपए प्रति साल है।
किरायानामे के मुताबिक इस दुकान का हर महीने का किराया 3 लाख रुपए तय किया गया है। यानी सालभर में 36 लाख रुपए किराया बनता है। दस्तावेजों के अनुसार, इसमें से 2 लाख रुपए हर महीने नकद लिए जाते हैं, जबकि 1 लाख रुपए चेक या बैंक खाते के जरिए दिए जाते हैं।
किरायानामे में बताया गया है कि सिरपुर तालाब धार की यह शराब दुकान 13 बाय 68 फीट की है। इसके पीछे की तरफ बने गोदाम का आकार 21 बाय 67 वर्गफीट है। यह जगह वाइन शॉप के संचालन के लिए 3 लाख रुपए प्रति माह के किराए पर दी गई है।
दस्तावेजों के मुताबिक, लंबे समय से इस दुकान का किराया लिया जा रहा है। यह किराया गौड़ द्वारा लिया जा रहा है। खास बात यह है कि यह जमीन श्रीराम मंदिर के नाम दर्ज है और इसके व्यवस्थापक कलेक्टर इंदौर हैं। इंदौर विधायक मालिनी गौड़ | Indore News
कलेक्टर के नाम वाली श्रीराम मंदिर की जमीन पर शराब दुकान, 36 लाख किराया ले रहे विधायक के रिश्तेदार
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दुकानदार को खाली करने का नोटिस
इस जमीन पर शराब दुकान चल रही है और पीछे की तरफ मानसरोवर होटल भी है। हालांकि अभी होटल खाली पड़ी हुई है। प्रशासन ने पहले दुकानदार से जमीन के स्वामित्व को लेकर जानकारी मांगी थी। जवाब में दुकानदार ने बताया कि उसके पास साल 1991 में कोर्ट से मिली डिक्री का आदेश है।
लेकिन जांच में प्रशासन ने कहा कि यह जमीन श्रीराम मंदिर की है और रिकॉर्ड में कलेक्टर इसके व्यवस्थापक हैं। ऐसे में यहां किया गया कब्जा नियमों के खिलाफ है। इसी आधार पर भू-राजस्व संहिता की धारा 248(1) के तहत दुकान को तुरंत खाली करने का आदेश दिया गया है।
इसके साथ ही प्रशासन ने अवैध कब्जे के मामले में दुकानदार पर 2 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
अब 36 लाख का किराया बंद
यानी जिस जमीन का रिकॉर्ड श्रीराम मंदिर के नाम पर है और जिसके व्यवस्थापक कलेक्टर हैं, उसी जमीन का किराया विधायक के रिश्तेदार दिलीप गौड़ ले रहे थे।
द सूत्र के खुलासे के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की और अब यह पूरी दुकानदारी बंद हो गई है। इसके साथ ही किराए की वसूली भी रुक गई है।
जो किराया लिया उसकी वसूली भी होगी
प्रशासन का मानना है कि नियमों के अनुसार जमीन से वसूला गया किराया सरकारी खाते में जमा होना चाहिए। इसी आधार पर अब पूरे किराए की वसूली की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके लिए प्रशासन ने आबकारी विभाग से शराब दुकानदार और जमीन कब्जाधारक दिलीप गौड़ के बीच हुए किरायानामे के दस्तावेज मांगे हैं, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।
सुप्रीम कोर्ट का नियम धर्मस्थल के पास दुकान नहीं
मामला सामने आने के बाद अब आबकारी विभाग भी सक्रिय हो गया है। विभाग ने लाइसेंसी दुकानदार को दूसरी जगह तलाशने के लिए कहा है, ताकि शराब दुकान को वहां शिफ्ट किया जा सके। इसके बाद प्रशासन जमीन से कब्जा हटाने और कब्जाधारक से किराए की वसूली की कार्रवाई आगे बढ़ा सकेगा।
जमीन को लेकर यह है राजस्व रिकॉर्ड
वर्तमान रिकॉर्ड में यह जमीन साधना पति प्रकाश के नाम पर दर्ज है। जब इस जमीन की आगे बिक्री हुई और अयाज खान ने अक्टूबर 2025 में नामांतरण के लिए आवेदन किया, तब जांच में सामने आया कि यह जमीन सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है।
इसके बाद जिला प्रशासन ने जिला कोर्ट में आवेदन लगाकर साल 1991 में हुई डिक्री को निरस्त करने की मांग की है। फिलहाल यह मामला दोबारा कोर्ट में पहुंच गया है और इस पर सुनवाई चल रही है।
दूसरा टुकड़ा, इस पर शराब दुकान है
जांच में सामने आया कि इस जमीन के आगे वाले हिस्से में करीब 4200 वर्गफीट क्षेत्र में सिरपुर की सरकारी शराब दुकान संचालित हो रही है। वहीं जमीन के पीछे वाले करीब 25 हजार वर्गफीट हिस्से पर भी कब्जा किया गया है। प्रशासन अब इसी कब्जे और जमीन के उपयोग को लेकर आगे की कार्रवाई कर रहा है।
विधायक के रिश्तेदार दिलीप गौड़ ले रहे 36 लाख किराया
इस दुकान को लेकर शराब दुकानदार दिलीप सिंह गौड़ के साथ ही किरायानामा करार करते हैं। वर्तमान में शराब लाइसेंसी संजय शिवहरे और दिलीप सिंह गौड़ के बीच किरायानामा है। यह 36 लाख रुपए प्रति साल है।
3 लाख में दो लाख कैश, केवल 1 लाख चेक से
किरायानामे में यह जमीन बताई
दस्तावेजों के मुताबिक, लंबे समय से इस दुकान का किराया लिया जा रहा है। यह किराया गौड़ द्वारा लिया जा रहा है। खास बात यह है कि यह जमीन श्रीराम मंदिर के नाम दर्ज है और इसके व्यवस्थापक कलेक्टर इंदौर हैं। इंदौर विधायक मालिनी गौड़ | Indore News
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