फर्जी पट्टा कांड के बाद इंदौर पुलिस का नया विवाद, NCR में BJP विधायक के रिश्तेदार का नाम, FIR में गायब!
Sanjay Gupta | Jul 27, 2026, 14:40 IST
indore police ncr fir name removal case 1
इंदौर पुलिस का फर्जी पट्टा कांड अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब राजेंद्र नगर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। मामला इंदौर विधानसभा-4 की विधायक मालिनी गौड़ के रिश्तेदार और नायब तहसीलदार योगेंद्र (कृष्णा) राठौर से जुड़ा है।
इंदौर राजेंद्र नगर पुलिस की कार्यशैली विवादों में आ गई है। यहां राहुल भाटी नाम के एक व्यक्ति ने मारपीट की शिकायत की थी। इसके बाद पुलिस ने अदम चेक (NCR) दर्ज किया, जिसमें आरोपी के तौर पर योगेंद्र (कृष्णा) राठौर और गोल्डी का नाम शामिल था।
योगेंद्र राठौर इंदौर कलेक्ट्रेट में नायब तहसीलदार हैं और विधायक मालिनी गौड़ के रिश्तेदार भी बताए जाते हैं। लेकिन बाद में जब FIR दर्ज हुई तो उसमें सिर्फ गोल्डी का नाम आरोपी के तौर पर रखा गया और योगेंद्र राठौर का नाम हटा दिया गया।
सबसे पहले 26 जुलाई को राजेंद्र नगर थाने में धारा 174 के तहत NCR (नॉन कांग्निजेबल ऑफेंस इंफॉर्मेशन-अदम चेक) दर्ज किया गया था। शिकायत में राहुल भाटी ने बताया कि वह आनंद फार्म हाउस, सहकार नगर में अपने भाई संतोष के प्लॉट नंबर 79 पर गया था। वहां योगेंद्र राठौर और गौरव उर्फ गोल्डी पहुंचे और उससे पूछा कि प्लॉट के गेट का पाइप क्यों काट रहे हो।
राहुल ने बताया कि वह प्लॉट की सफाई करने आया है, क्योंकि यह उसके भाई का है। आरोप है कि इसके बाद गोल्डी ने उसके साथ गाली-गलौज की और जब उसने इसका विरोध किया तो योगेंद्र राठौर और गोल्डी ने पाइप से उसकी पिटाई कर दी।
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इसके बाद राजेंद्र नगर पुलिस ने रात 8:21 बजे FIR दर्ज की। इसमें BNS की धारा 115 (2), 296A और 351 (3) के तहत मामला दर्ज किया गया। हालांकि FIR में आरोपी के तौर पर सिर्फ गोल्डी का नाम रखा गया और योगेंद्र राठौर का नाम हटा दिया गया। FIR में भी यही लिखा गया कि गोल्डी मौके पर आया, उसने गाली-गलौज की और मारपीट की। इसके साथ ही FIR में एक बात और जोड़ी गई कि जाते समय गोल्डी ने धमकी दी कि अगर दोबारा प्लॉट की तरफ देखा तो जान से मार देंगे।
TI राजेंद्र नगर यशवंत बड़ोले (इंदौर पुलिस) का कहना है कि घटना के समय योगेंद्र राठौर मौके पर मौजूद नहीं थे। उनके मुताबिक वहां सिर्फ गोल्डी और फरियादी राहुल भाटी ही थे, इसलिए FIR में केवल गोल्डी का नाम दर्ज किया गया। वहीं दूसरी ओर योगेंद्र राठौर खुद कह रहे हैं कि वह मौके पर मौजूद थे।
राठौर ने द सूत्र से बातचीत में कहा कि कोई मारपीट नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने राहुल को काम करने से रोका था, जिसके बाद वह गाली-गलौज करने लगे। राठौर के अनुसार उन्होंने ही पुलिस को बुलाया था और पुलिस उन्हें लेकर गई थी। उन्होंने कहा कि उन्हें FIR में नाम हटने या दर्ज होने की जानकारी नहीं है।
वहीं फरियादी राहुल भाटी का कहना है कि उन्होंने शिकायत में दोनों लोगों के नाम दिए थे। FIR में योगेंद्र राठौर का नाम कैसे हट गया, इसकी जानकारी (Indore News) उन्हें नहीं है। उन्होंने इस मामले में पुलिस के सामने आपत्ति दर्ज कराने की बात कही है।
बता दें कि योगेंद्र राठौर का ये पहला मामला नहीं है। इसके पहले उन पर जमीन के फर्जी दस्तावेज बनवाकर कब्जे के आरोप लगे थे। इसमें राजेंद्र नगर थाने में ही FIR हो चुकी है।
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सामान्य तौर पर NCR (अदम चेक) तब दर्ज किया जाता है जब मामला मामूली होता है, जैसे पड़ोसियों में झगड़ा या रास्ते चलते हल्की बहस। इसमें पुलिस पहले अदम चेक बनाती है और जरूरत पड़ने पर बाउंडओवर जैसी रोकथाम की कार्रवाई करती है। लेकिन अगर मेडिकल रिपोर्ट में मारपीट या गंभीर चोटें दर्ज होती हैं, तब FIR बनाई जाती है। FIR में वही आरोपी और वही घटनाक्रम शामिल होता है जो पहले अदम चेक में था। इस मामले में ऐसा नहीं हुआ और पुलिस ने आरोपी का नाम FIR से हटा दिया।
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योगेंद्र राठौर इंदौर कलेक्ट्रेट में नायब तहसीलदार हैं और विधायक मालिनी गौड़ के रिश्तेदार भी बताए जाते हैं। लेकिन बाद में जब FIR दर्ज हुई तो उसमें सिर्फ गोल्डी का नाम आरोपी के तौर पर रखा गया और योगेंद्र राठौर का नाम हटा दिया गया।
NCR में पहले यह लिखा गया
राहुल ने बताया कि वह प्लॉट की सफाई करने आया है, क्योंकि यह उसके भाई का है। आरोप है कि इसके बाद गोल्डी ने उसके साथ गाली-गलौज की और जब उसने इसका विरोध किया तो योगेंद्र राठौर और गोल्डी ने पाइप से उसकी पिटाई कर दी।
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इसके बाद FIR में यह हुआ
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TI और राठौर के बयान अलग-अलग
राठौर ने द सूत्र से बातचीत में कहा कि कोई मारपीट नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने राहुल को काम करने से रोका था, जिसके बाद वह गाली-गलौज करने लगे। राठौर के अनुसार उन्होंने ही पुलिस को बुलाया था और पुलिस उन्हें लेकर गई थी। उन्होंने कहा कि उन्हें FIR में नाम हटने या दर्ज होने की जानकारी नहीं है।
वहीं फरियादी राहुल भाटी का कहना है कि उन्होंने शिकायत में दोनों लोगों के नाम दिए थे। FIR में योगेंद्र राठौर का नाम कैसे हट गया, इसकी जानकारी (Indore News) उन्हें नहीं है। उन्होंने इस मामले में पुलिस के सामने आपत्ति दर्ज कराने की बात कही है।
बता दें कि योगेंद्र राठौर का ये पहला मामला नहीं है। इसके पहले उन पर जमीन के फर्जी दस्तावेज बनवाकर कब्जे के आरोप लगे थे। इसमें राजेंद्र नगर थाने में ही FIR हो चुकी है।
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क्या होता है NCR और FIR
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