तेरी चढ़ती जवानी गाने ने बढ़ा दिया एमपी पुलिस का पारा, एक वायरल रील से हिला प्रशासन!

Amresh Kushwaha | Jul 25, 2025, 12:01 IST
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रीवा जिले में कस्टडी में बदमाशों ने हथकड़ी के बावजूद सोशल मीडिया पर रील बनाई। इस घटना में पुलिस की लापरवाही और सुरक्षा उल्लंघन के मुद्दे उठे हैं।

रीवा जिले के चोरहटा थाना क्षेत्र से एक और विवादित घटना सामने आई। पुलिस कस्टडी में ले जाए गए दो वारंटियों ने हथकड़ी पहनने के बावजूद, पुलिस वाहन में मोबाइल से सोशल मीडिया पर एक रील बनाकर उसे वायरल कर दिया। यह रील तेरी चढ़ती जवानी मेरा पारा गोरी गाने पर आधारित थी। इस घटना में पुलिसकर्मी पूरी तरह से लापरवाह नजर आए, क्योंकि उन्होंने न तो आरोपियों की गतिविधियों पर ध्यान दिया और न ही सुरक्षा नियमों का पालन किया।



यह घटना सुरक्षा उल्लंघन का उदाहरण है, क्योंकि पुलिस कस्टडी में बदमाशों के पास मोबाइल फोन कैसे पहुंचा, यह सवाल खड़ा होता है। इससे पहले भी जिले में 22 मई 2025 को एक हत्या के आरोपी ने अस्पताल में मेडिकल चेकअप के दौरान एक रील बनाई थी। दोनों घटनाओं में पुलिस की चूक और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन स्पष्ट रूप से देखा गया है।



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पुलिस कर्मियों की लापरवाही

यह साफ संकेत देता है कि पुलिसकर्मियों ने अपने कर्तव्यों को गंभीरता से नहीं लिया। यदि पुलिस कस्टडी में आरोपियों को मोबाइल फोन का उपयोग करने की छूट मिलती है, तो यह केवल एक सुरक्षा उल्लंघन नहीं बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाता है।



पुलिस के सामने बदमाशों ने बनाई रील, मामला एक नजर में समझें...

  • रीवा जिले के चोरहटा थाना क्षेत्र में पुलिस कस्टडी में रखे गए दो स्थायी वारंटियों ने पुलिस वाहन में मोबाइल से सोशल मीडिया पर रील बनाकर वायरल किया।
  • पुलिसकर्मियों ने आरोपियों की गतिविधियों पर कोई ध्यान नहीं दिया और न ही मोबाइल फोन को जब्त करने का प्रयास किया, जिससे पुलिस की लापरवाही सामने आई।
  • यह घटना सुरक्षा उल्लंघन का उदाहरण है, क्योंकि कस्टडी में आरोपियों के पास मोबाइल फोन कैसे पहुंचा, यह सवाल खड़ा होता है।
  • इससे पहले 22 मई को भी एक हत्या के आरोपी ने अस्पताल में मेडिकल चेकअप के दौरान रील बनाई थी, जो पुलिस की सुरक्षा चूक को दर्शाता है।
  • एडिशनल एसपी आरती सिंह ने मामले की जांच की पुष्टि की और दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही।

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मोबाइल फोन का पहुंचना



घटना की सबसे बड़ी चिंता यह है कि पुलिस कस्टडी में आरोपियों के पास मोबाइल फोन कैसे पहुंचा। यह न केवल सुरक्षा उल्लंघन है, बल्कि आरोपी अपने साथी अपराधियों से संपर्क कर सकते थे या फरार होने की योजना भी बना सकते थे। इससे पहले 22 मई को एक हत्या के आरोपी ने अस्पताल में मेडिकल चेकअप के दौरान सेल्फी कैमरे से रील बनाई थी। दोनों मामलों में मोबाइल फोन का दुरुपयोग किया गया, जो दर्शाता है कि पुलिस कस्टडी में सुरक्षा प्रक्रियाओं की कड़ी निगरानी की आवश्यकता है।



दोषी पुलिसकर्मियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

घटना के बाद एडिशनल एसपी आरती सिंह ने मामले की जांच की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस विभाग ने यह स्पष्ट किया कि यह घटना एक गंभीर सुरक्षा उल्लंघन है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



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