एमपी में हजारों युवाओं को रोजगार देगी टाटा, लगाएगी एनर्जी न्यूक्लियर पावर प्लांट
विंध्य अब केवल सफेद बाघों की दहाड़ से नहीं, बल्कि परमाणु ऊर्जा की चमक से दुनिया में पहचाना जाएगा। रीवा के सिरमौर में टाटा एनर्जी द्वारा 28 हजार करोड़ के निवेश से देश का पहला निजी न्यूक्लियर पावर प्लांट लगने जा रहा है।
यह महापरियोजना क्षेत्र के पांच हजार युवाओं के लिए रोजगार के बंद दरवाजे खोलने वाली है। तकनीकी सेवाओं से लेकर स्थानीय व्यवसायों तक, यह निवेश रीवा की आर्थिक तस्वीर बदलकर युवाओं का पलायन रोकेगा।
देश का पहला प्राइवेट न्यूक्लियर हब
अब तक भारत में परमाणु ऊर्जा संयंत्रों (Nuclear Power Plants) का संचालन केवल सरकार द्वारा किया जाता था। लेकिन केंद्र सरकार की नई नीतियों के बाद रिलायंस और अडाणी जैसे दिग्गजों के बीच टाटा ग्रुप ने बाजी मार ली है।
टाटा एनर्जी को रीवा के क्योंटी के पास रोझौहीं में प्लांट लगाने की अनुमति मिल गई है। यह प्रोजेक्ट न केवल तकनीक के मामले में उन्नत होगा, बल्कि निजी क्षेत्र की भागीदारी का एक वैश्विक उदाहरण बनेगा।
पांच हजार नौकरियों की सौगात
इस मेगा प्रोजेक्ट का सबसे सकारात्मक पहलू रोजगार है। टाटा एनर्जी के इस प्लांट से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग पांच हजार युवाओं को काम मिलेगा।
इसके अलावा, रीवा के पास मैहर जिले के अमझर में 170 हेक्टेयर जमीन पर एक नया औद्योगिक पार्क भी विकसित किया जा रहा है। भव्य योजना के तहत यहां 50 से अधिक औद्योगिक इकाइयां लगेंगी, जिससे पूरे संभाग में ज्यादा से ज्यादा नौकरियां मिलेंगी।
बंजर जमीन पर उगेगी बिजली
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के मुताबिक, यह प्लांट पूरी तरह से पथरीली और बंजर जमीन पर बनाया जाएगा। शुरुआत में यहां 220 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा, जिसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर एक हजार मेगावाट और लास्ट में 2400 मेगावाट तक ले जाने की योजना है। खास बात यह है कि जिस जमीन पर पहले सोलर प्लांट बनना था, अब वहां परमाणु ऊर्जा की गूंज सुनाई देगी।
समय सीमा में मिलेगी जमीन
शुक्रवार 17 अप्रैल को हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में कमिश्नर बीएस जामोद ने स्पष्ट किया कि 169 हेक्टेयर सरकारी जमीन टाटा एनर्जी को समय सीमा के भीतर उपलब्ध करा दी जाएगी। वहीं, निजी जमीनों का अधिग्रहण टाटा एनर्जी कुद करेगी, जिसमें प्रशासन पूरा सहयोग करेगा। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने भी निवेशकों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है।
रीवा संभाग हर तरह की बिजली बनाने वाला इकलौता केंद्र-
रीवा संभाग अब ऊर्जा के क्षेत्र में ऑलराउंडर बन गया है। यहां पहले से ही
- विद्युत थर्मल पावर प्लांट (Thermal Power plant): सिंगरौली में काम कर रहा है।
- सोलर पावर प्लांट (Solar Power plant): रीवा में 750 मेगावाट का बड़ा प्लांट।
- हाइड्रो पावर प्लांट(Hydro Power plant): सिरमौर और सिलपरा में सक्रिय।
- वेस्ट टू एनर्जी (Waste to Energy): पहड़िया में कचरे से बिजली निर्माण।
अब न्यूक्लियर पावर प्लांट जुड़ जाने से यह क्षेत्र देश का सबसे बड़ा एनर्जी हब बन जाएगा।
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