रीवा में वायरल ऑडियो से बढ़ा सियासी पारा! शिकायत के बाद अब सबकी नजर पुलिस जांच पर
समझें क्या है पूरा मामला...
- पत्रकार राजीव पाण्डेय ने थाने में शिकायत दी।
- शिकायत सोशल मीडिया वायरल ऑडियो के आधार पर है।
- उन्होंने धमकी और जान से मरवाने का आरोप लगाया।
- रीवा महापौर ने आरोपों को नकारा।
- राजीव तिवारी ने ऑडियो बातचीत अपनी बताई।
रीवा में कांग्रेस के महापौर अभय मिश्रा और पत्रकारों के बीच चल रहा विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। एक वायरल ऑडियो के बाद पत्रकार राजीव कुमार पाण्डेय ने सिविल लाइन थाने में आवेदन देकर आरोप लगाया है कि उन्हें जान से मरवाने और हाथ-पैर तुड़वाने जैसी धमकी दी गई। अब पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।
शिकायत में क्या कहा गया?
थाने में दिए आवेदन के अनुसार पत्रकार राजीव कुमार पाण्डेय ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो में महापौर अभय मिश्रा, पत्रकार राजीव तिवारी से बातचीत के दौरान उनके बारे में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए धमकी देते सुनाई दे रहे हैं। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि इससे उनकी जान को खतरा पैदा हुआ है और उनके सम्मान को ठेस पहुंची है। इसी आधार पर वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है।
वायरल रिकॉर्डिंग का चर्चित हिस्सा
वायरल ऑडियो में कथित तौर पर महापौर अभय मिश्रा की आवाज सुनाई देती है। रिकॉर्डिंग में कथित रूप से कहा गया है—
> "भई, राजीव तिवारी बहुत पत्रकार हैं... एक बार कनवा... राजीव तिवारी रहा... एक बार हमारे खिलाफ चलबाई... ऊ का बेड के खूब मारे रहात... तब सोची हमारा लड़का पंद्रह जने हेर रहे उई का... फिट कम हमका जानकारी भई कि वह राजीव कुमार पाण्डेय हैं... एक बार क्या हुआ बड़ी गड़बड़ न्यूज निकाला, फिर ऊका बिड़वा के बहुत मरवाया रहे ना... 32-34 साल राजनीति करते रह गए... हमारी उम्र हो गए... हम 55 साल के हो गए..."
पत्रकार राजीव कुमार पाण्डेय का पक्ष
राजीव कुमार पाण्डेय का कहना है कि वायरल ऑडियो में उनके खिलाफ गंभीर धमकी दी गई है। उनका आरोप है कि उन्हें जान से मरवाने और हमला करवाने जैसी बातें कही गईं। इसी कारण उन्होंने पुलिस से सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए आवेदन दिया है।
राजीव तिवारी ने क्या कहा?
जिस पत्रकार राजीव तिवारी से कथित बातचीत बताई जा रही है, उन्होंने कहा कि महापौर अभय मिश्रा से उनकी बातचीत हुई थी और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही रिकॉर्डिंग उसी बातचीत की है।
महापौर अभय मिश्रा का पक्ष
महापौर अभय मिश्रा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कुछ तथाकथित पत्रकार AI की मदद से वीडियो बनाकर खबरें चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने दो पत्रकारों को कानूनी नोटिस भेजा था और यह पूरा घटनाक्रम उसी का रिएक्शन है। उनके अनुसार बिना पर्याप्त आधार के सम्मानित लोगों के खिलाफ सामग्री प्रसारित की जा रही है।
अब नजर पुलिस की कार्रवाई पर
यह मामला अब शिकायत, वायरल ऑडियो और दोनों पक्षों के दावों तक सीमित नहीं है। सबसे अहम सवाल यह है कि पुलिस शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद क्या कदम उठाती है। यदि जांच में किसी प्रकार का अपराध बनता है तो आगे वैधानिक कार्रवाई होगी, अन्यथा मामला अलग दिशा भी ले सकता है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर रीवा के राजनीतिक और पत्रकारिता जगत की नजर बनी हुई है।
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