आरजीपीवी में नीट जैसा कांड: फिजिक्स की जगह बांटा केमेस्ट्री का पेपर
भोपाल. राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में पॉलिटेक्निक डिप्लोमा की परीक्षा में फिजिक्स की जगह केमेस्ट्री का पेपर बांट दिया गया। पूरे प्रदेश के परीक्षा केंद्रों में सॉफ्ट कॉपी भेजकर यह गलत पेपर छपवाया गया।
छात्रों को इस गलती का एहसास परीक्षा शुरू होने के बाद हुआ। एक घंटे तक परीक्षा रोकनी पड़ी और फिर दोबारा सही पेपर बांटा गया। इस गड़बड़ी के बाद मामला कोर्ट तक पहुंच गया और विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए।
RGPV में क्या हुआ गड़बड़ी
शुक्रवार 19 जून को राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) की पॉलिटेक्निक डिप्लोमा परीक्षा थी। पेपर फिजिक्स का था, लेकिन बांटा गया केमेस्ट्री का पेपर। छात्रों ने परीक्षकों को तुरंत यह बात बताई। इसके बाद हड़कंप मच गया।
पूरे प्रदेश में इस परीक्षा में करीब 700 छात्र शामिल हुए थे। उन्हें फिजिक्स की तैयारी करके आना था। केमेस्ट्री का पेपर देखकर वे हैरान रह गए।
पेपर की सॉफ्ट कॉपी से हुई गलती
जानकारी के मुताबिक विश्वविद्यालय ने प्रदेशभर के परीक्षा केंद्रों में पेपर की सॉफ्ट कॉपी भेजी थी। केंद्रों ने उसी सॉफ्ट कॉपी को प्रिंट किया और परीक्षार्थियों को बांट दिया।
समस्या यह थी कि भेजी गई सॉफ्ट कॉपी गलत विषय की थी। फिजिक्स की जगह केमेस्ट्री का पेपर भेज दिया गया था। यह गफलत विश्वविद्यालय स्तर पर हुई।
एक घंटे रुकी रही परीक्षा
गलती का पता चलने के बाद परीक्षा तुरंत रोक दी गई। करीब एक घंटे तक परीक्षा केंद्रों में अफरा-तफरी रही। छात्र असमंजस में बैठे रहे। इस बीच विश्वविद्यालय प्रशासन को सूचना दी गई। आनन-फानन में सही पेपर की व्यवस्था की गई। फिर दोबारा प्रश्न पत्र बांटकर परीक्षा शुरू कराई गई।
छात्रों को मिला अतिरिक्त समय
परीक्षार्थियों का एक घंटा बर्बाद हो चुका था। इसलिए विश्वविद्यालय ने उन्हें एक घंटे का अतिरिक्त समय दिया। आरजीपीवी प्रशासन का दावा है कि हर विषय के प्रश्न पत्र के तीन सेट तैयार किए जाते हैं। जिस सेट का पेपर लीक होता है उसे रद्द किया जा रहा है। लेकिन इस बार यह दावा परीक्षा की गड़बड़ी को छुपा नहीं सका।
मामला पहुंचा कोर्ट तक
परीक्षा का पेपर सोशल मीडिया पर लीक होने की खबर भी सामने आई। इस पर एफआईआर भी दर्ज हुई। अब यह मामला कोर्ट तक पहुंच गया। विश्वविद्यालय से लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। छात्रों और अभिभावकों में विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बढ़ रही है।
ग्वालियर में पहले भी ऐसा हो चुका है
इससे पहले ग्वालियर में फार्मेसी की परीक्षा में भी ऐसी गड़बड़ी सामने आई थी। आरजीपीवी की परीक्षा प्रणाली पर यह दूसरा बड़ा सवाल है। इस तरह की घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं, यह सबसे बड़ा सवाल है। विश्वविद्यालय प्रबंधन को इस पर गंभीरता से जवाब देना होगा।
FAQ
- आरजीपीवी में क्या गड़बड़ी हुई?
आरजीपीवी की पॉलिटेक्निक डिप्लोमा परीक्षा में फिजिक्स की जगह केमेस्ट्री का पेपर बांट दिया गया। प्रदेशभर के परीक्षा केंद्रों में सॉफ्ट कॉपी से गलत पेपर छापा गया। इससे परीक्षा एक घंटे के लिए रोकनी पड़ी।
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