आरजीपीवी के छात्रों का आरोप- कैंटीन में स्टूडेंट को परोस दी छिपकली, कर्मचारी बोला- शिमला मिर्च
News in Short
- RGPV कैंटीन में छात्रों को डिनर में मरी हुई छिपकली मिली।
- कर्मचारियों ने इसे शिमला मिर्च का टुकड़ा बताया।
- छात्रों ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया और प्रशासन से जांच की मांग की।
- कैंटीन की साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं।
- छात्रों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की और ज्ञापन सौंपा।
News in Detail
भोपाल के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) की कैंटीन में एक छात्र को डिनर के दौरान सब्जी में छिपकली मिली। यह घटना रविवार शाम की है, जब छात्रों को दाल, शिमला मिर्च की सब्जी, रोटी और चावल परोसा गया। एक छात्र ने शिमला मिर्च की सब्जी का स्वाद लिया तो उसे अजीब सा लगा। संदेह होने पर जब उसने सब्जी को ध्यान से देखा तो उसमें एक मरी हुई छिपकली दिखाई दी, जो पूरी तरह से तली हुई थी।
एमपी में कैंसर मरीजों को मिलेगी राहत, 4 शहरों में लगेंगी लीनियर एक्सीलेरेटर मशीनें
छात्रों ने किया विरोध
छात्रों ने तुरंत कैंटीन कर्मचारियों से इसकी शिकायत की, लेकिन कर्मचारियों ने इसे छिपकली मानने से इनकार कर दिया। कर्मचारी ने दावा किया कि यह शिमला मिर्च का टुकड़ा था। इस पर छात्रों ने मामले का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और सोशल मीडिया पर शेयर किया। वीडियो सामने आने के बाद कैंटीन के बारे में कई सवाल उठने लगे। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले की जांच की मांग की।
पहले भी उठते रहे हैं सवाल
यह पहली बार नहीं है, जब कैंटीन के भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठे हों। छात्रों ने आरोप लगाया कि कैंटीन की साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता में लापरवाही बरती जा रही है। लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। छात्रों का कहना है कि कैंटीन में रोजाना 500 से ज्यादा छात्र खाना खाते हैं। इस तरह की लापरवाही से छात्रों के स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है।
एमपी में बड़ी पहल: अब आंगनवाड़ी के नन्हे बच्चों को मिलेगा ‘विद्यारंभ प्रमाण-पत्र’
छात्रों ने दर्ज कराया विरोध
इस घटना के बाद छात्रों ने सोमवार को वाइस चांसलर कार्यालय जाकर विरोध दर्ज किया और ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की। एबीवीपी के सदस्य लोकेश तिवारी ने बताया कि यह कैंटीन विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी और मुख्य कैंटीन है। यह एग्जाम सेंटर के सामने स्थित है।
एमपी में कैंसर मरीजों को मिलेगी राहत, 4 शहरों में लगेंगी लीनियर एक्सीलेरेटर मशीनें
कैंटीन कर्मचारी ने दी सफाई
कैंटीन के संचालन से जुड़े सुनील अग्रवाल ने इस घटना पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि छिपकली नहीं, बल्कि शिमला मिर्च का टुकड़ा था। उन्होंने यह भी दावा किया कि कैंटीन के कर्मी ने शिमला मिर्च का टुकड़ा खाकर यह प्रमाणित किया कि वह कोई छिपकली नहीं थी।