संविधान दिवस पर मंदिर प्रवेश को लेकर दिग्विजय सिंह ने किया खुलासा

The Sootr | Nov 26, 2024, 17:00 IST
samvidhan diwas bhopal
संविधान दिवस पर आयोजित बहुजन इंटेलेक्ट समिट में एससी-एसटी के मंदिर प्रवेश पर दिग्विजय सिंह ने अपने पिता द्वारा किए गए ऐतिहासिक प्रयास का उल्लेख किया।

संविधान दिवस के अवसर पर भोपाल के समन्वय भवन, न्यू मार्केट में आयोजित "All India Bahujan Intellect Summit-2024" ने संविधान के महत्व और उसके संरक्षण की आवश्यकता पर व्यापक चर्चा की। इस वर्ष का विषय "संविधान विहीन भारत: एक काल्पनिक दृष्टिकोण" था, जो देश के प्रमुख बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के विचारों का केंद्र बना।



MP कांग्रेस पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की बैठक, नहीं पहुंचे ये दिग्गज



कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिग्विजय सिंह ने अपने संबोधन में कहा, "संविधान भारत की आत्मा है। इसके बिना सामाजिक न्याय, समानता और लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। हमें संविधान के मूल्यों को हर नागरिक तक पहुंचाने की दिशा में काम करना होगा।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से संविधान की पक्षधर रही है और इसे बनाए रखना अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने के लिए आवश्यक है।



पिता ने किले के मंदिरों में एसटी-एससी का प्रवेश शुरू कराया था



लॉ कमीशन के पूर्व सदस्य प्रो. डी. एन. संदानशिव ने कहा कि “संविधान केवल कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि यह एक सामाजिक अनुबंध है, जो भारत की विविधता को एकजुट करता है। यदि यह अनुबंध समाप्त हो जाए, तो यह संघर्ष का कारण बन जाएगा।”


वरिष्ठ पत्रकार बादल सरोज ने कहा, "संविधान विहीन भारत की कल्पना उन खतरों की ओर इशारा करती है, जो संविधान की अनदेखी से उत्पन्न हो सकते हैं। यह हमें अधिकार ही नहीं, बल्कि कर्तव्य भी प्रदान करता है। संविधान के बिना गरीबों, पिछड़ों और महिलाओं के अधिकार समाप्त हो जाएंगे।"



manoj raje


सामाजि

05017119-2ca

क कार्यकर्ता डॉ. मनोज राजे ने कहा, "अंग्रेजों का मानना था कि भारत का लोकतंत्र आजादी के बाद विफल हो जाएगा। लेकिन हमारे संविधान निर्माताओं की दूरदृष्टि ने इसे गलत साबित किया। संविधान के कारण ही भारत का लोकतंत्र आज दुनिया में मजबूत और प्रतिष्ठित है।"



pro sk sadaverte


संविधान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में दलित चिंतक प्रो डॉ. एसके सदावर्ते ने भी संबोधित किया।



सोने-चांदी के गिरे दाम, भारत के पड़ोस में 16 हजार रुपए सस्ता हुआ Gold



सामाजिक कार्यकर्ता सुनील बोरसे ने संविधान को हमारी पहचान और अधिकारों का स्तंभ बताते हुए कहा, "हमें समाज के सभी वर्गों को इसके महत्व से अवगत कराना चाहिए। संविधान की रक्षा के लिए जनजागरण अभियान चलाने की योजना है।"



sunil borse

इस आयोजन में बड़ी संख्या में दर्शकों ने भाग लिया। कार्यक्रम ने संविधान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और इसके संरक्षण के महत्व को रेखांकित करने में अहम भूमिका निभाई। आयोजन समिति ने सभी वक्ताओं और सहभागियों का आभार व्यक्त किया। संविधान दिवस पर यह सम्मेलन संविधान की अनमोल विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल साबित हुआ।



Dr major manor raje 1


FAQ

  1. एससी-एसटी के मंदिर प्रवेश को लेकर दिग्विजय सिंह ने क्या खुलासा किया?
    दिग्विजय सिंह ने बताया कि उनके पिता ने 1941 में किले के मंदिरों में अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों का प्रवेश शुरू कराया था।
  2. संविधान दिवस 2024 का मुख्य विषय क्या था?
    इस वर्ष का मुख्य विषय था "संविधान विहीन भारत: एक काल्पनिक दृष्टिकोण।"
  3. दिग्विजय सिंह ने संविधान को क्या बताया?
    उन्होंने संविधान को भारत की आत्मा और लोकतंत्र का आधार बताया।
  4. कार्यक्रम में और कौन-कौन से वक्ता शामिल थे?
    कार्यक्रम में अशोक वानखेड़े, प्रो. डी. एन. संदानशिव, बादल सरोज, और डॉ. मनोज राजे जैसे प्रमुख वक्ता शामिल थे।


thesootr links



द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें





Tags:
  • दिग्विजय सिंह
  • संविधान दिवस