संघ की समन्वय बैठक में मां नर्मदा पर मंथन, सियासी हलचल तेज

Ramanand Tiwari | Mar 31, 2026, 09:07 IST
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भोपाल के सुशासन भवन में हुई आरएसएस की समन्वय बैठक में नर्मदा नदी की सफाई, परिक्रमा मार्ग की समस्याएं और वृक्षारोपण पर गंभीर चर्चा हुई। बैठक में संघ और संगठन के कई बड़े नेता मौजूद रहे।

News In Short

  1. भोपाल के सुशासन भवन में सोमवार, 30 मार्च को संघ की समन्वय बैठक हुई।
  2. बैठक में नर्मदा की सफाई और संरक्षण मुख्य एजेंडा रहा।
  3. परिक्रमा मार्ग की समस्याओं और श्रद्धालुओं की दिक्कतों पर चर्चा हुई।
  4. वृक्षारोपण और हरित क्षेत्र बढ़ाने की योजना पर भी बात हुई।
  5. कोई बड़ा राजनीतिक फैसला नहीं, लेकिन भविष्य की रणनीति पर जोर रहा।

News In Detail

नर्मदा बनी बैठक का केंद्र

भोपाल के सुशासन भवन में सोमवार को आरएसएस (Rashtriya Swayamsevak Sangh) की समन्वय बैठक हुई। यह दो साल में हुई चौथी ऐसी बैठक थी। बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा मां नर्मदा को लेकर हुई। नर्मदा की मौजूदा हालत, स्वच्छता की कमी और संरक्षण पर गंभीर मंथन देखने को मिला।



सूत्रों के मुताबिक, नदी के किनारों पर बढ़ती गंदगी और प्रबंधन की कमजोरी को लेकर चिंता जताई गई। यह मुद्दा पहली बार नहीं उठा है। वहीं, इस बार संघ और संगठन स्तर पर इसे लेकर सक्रियता साफ दिखी। राजनीतिक और संगठनात्मक हलकों में इस चर्चा ने हलचल जरूर बढ़ा दी।



परिक्रमा मार्ग की दिक्कतें भी उठीं

बैठक में नर्मदा परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं की समस्याएं भी अहम मुद्दा बनीं। परिक्रमा मार्ग पर मूलभूत सुविधाओं की कमी, सफाई व्यवस्था का अभाव और सुरक्षा से जुड़े सवाल गंभीरता से उठाए गए।



सूत्र बताते हैं कि इन समस्याओं को दूर करने के लिए जल्द ठोस कार्ययोजना तैयार की जा सकती है। श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें, इस पर भी ध्यान देने की बात कही गई। परिक्रमा मार्ग की समीक्षा भी बैठक के एजेंडे में शामिल थी।



वृक्षारोपण और हरियाली पर जोर

नर्मदा के किनारों पर वृक्षारोपण और हरित क्षेत्र बढ़ाने की योजना पर भी विस्तार से बात हुई। अधूरे वृक्षारोपण के मामलों को सुधारने की जरूरत महसूस की गई। नदी के इर्द-गिर्द हरियाली बढ़ाना संरक्षण की दिशा में जरूरी कदम माना गया।



पहले भी यह मुद्दा उठता रहा है। कई जगहों पर अव्यवस्थित तट और अधूरे काम की शिकायतें सामने आई हैं। इस बार संगठन स्तर पर इन्हें गंभीरता से लेने की बात हुई।



बैठक में कौन-कौन रहे?

इस समन्वय बैठक में संघ और संगठन के कई बड़े चेहरे मौजूद रहे। सीएम मोहन यादव, मंत्री प्रहलाद पटेल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, शिव प्रकाश, सुरेश सोनी, दीपक विस्पुते, स्वप्निल कुलकर्णी, विमल कुमार और अजय जामवाल जैसे प्रमुख नाम शामिल रहे। इनकी मौजूदगी ने बैठक को संगठनात्मक रूप से अहम बना दिया।



राजनीतिक नहीं, संगठनात्मक फोकस

बैठक में कोई बड़ा राजनीतिक फैसला नहीं लिया गया। वहीं, संघ और संगठन के बीच समन्वय बढ़ाने पर जरूर जोर दिया गया। भविष्य की रणनीति और जमीनी कामकाज को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। इसे आने वाले समय की रणनीतिक तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।



अब नजर जमीनी काम पर

सवाल यह है कि नर्मदा को लेकर हुई यह गंभीर चर्चा सिर्फ बैठकों तक सीमित रहेगी या जमीन पर भी बड़े बदलाव आएंगे। नर्मदा के संरक्षण में वास्तविक सुधार तभी दिखेगा जब योजनाएं धरातल पर उतरेंगी। आने वाले महीनों में इसी पर सबकी नजर रहेगी।



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